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पल्स पोलियो अभियान में फिर पिछड़ा शहर
अमर उजाला फरीदाबाद
Updated Sun, 01 Dec 2013 07:13 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग जिले के कई क्षेत्रों में पल्स पोलियो अभियान को ठीक ढंग से नहीं पहुंचा पाया है। डब्लयूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने जिले में अपने सर्वे के बाद तैयार की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। रिपोर्ट में इस बात को भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ बच्चे अभी भी पल्स पोलियो अभियान में शामिल नहीं हो सके हैं, जिससे सुरक्षा चक्र टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
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नवंबर में आयोजित हुए पल्स पोलियो अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग जिले के 4.5 लाख बच्चों को पूरी तरह शामिल नहीं कर पाया है। पल्स पोलियो अभियान के बाद डब्ल्यूएचओ की टीम ने स्वास्थ्य विभाग को उनकी कमियों के बारे में एक रिपोर्ट दी है। इसमें इस बात की पुष्टि की गई है कि अभियान के दौरान 2.5 फीसदी बच्चों ने पोलियो ड्रॉप्स नहीं पी है। ये सभी बच्चे पल्ला, दयालपुर, चंदावली, ऊंचा गांव, शिवदुर्गा विहार, खेड़ी पुल क्षेत्र के हैं।
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गौरतलब है कि करीब तीन वर्ष से पोलियो पॉजिटिव का एक भी मामला जिले में पंजीकृत नहीं किया गया है लेकिन बावजूद इसके फरीदाबाद शहर पोलियो संभावित शहरों में से एक है। इसका एक कारण यह है कि प्रत्येक पोलियो राउंड के बाद एएफपी (एक्यूट फॉलिक पैरालाइसिस) मामले सामने आए हैं। जनवरी से लेकर अभी तक 71 पोलियो संभावित मामले सामने आ चुके हैं।
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संगठन के आंकड़ों के अनुसार इन क्षेत्रों में लगभग 11,250 बच्चे ऐसे हैं, जो अभियान में शामिल नहीं हो सके हैं। संगठन द्वारा दी गई इस रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग अपना जवाब तैयार करने में जुट गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि किन कारणों के चलते ये बच्चे छूटे हैं, इसकी जानकारी एकत्रित की जा रही है। ताकि आगामी पोलियो राउंड में ये बच्चे पोलियो ड्रॉप्स पीने से नहीं छूटें।