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Ambala News: स्टेडियम नहीं, जुगाड़ के मैदान में खेल प्रतिभाएं तराश रहे युवा
Sun, 20 Sep 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:23 AM IST
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गांव प्यौदा में चार एकड़ खाली जमीन पर युवाओं की ओर से तैयार किया गया अस्थायी खेल मैदान।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव प्यौदा के युवाओं को बेहतर और स्थायी स्टेडियम का इंतजार है। गांव में खेलों के लिए पक्का मैदान या स्टेडियम नहीं होने के कारण युवा खुद के स्तर पर करीब चार एकड़ खाली जमीन को समतल कर अस्थायी मैदान तैयार कर रहे हैं। इसी मैदान में युवा कबड्डी क्रिकेट और दौड़ का अभ्यास करते हैं।
युवाओं का कहना है कि खेल सुविधाओं के अभाव में गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। युवा परमिंद्र ने बताया कि गांव में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हों तो युवा नियमित रूप से अभ्यास कर सकेंगे और जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। ग्रामीण केसाराम ने कहा कि गांव में स्टेडियम बनने से युवाओं को नियमित अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
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बारिश होते ही मैदान हो जाता है बेकार
फिलहाल युवाओं ने अपने स्तर पर जिस जमीन को खेल मैदान के रूप में तैयार किया है, वहां बारिश के दौरान खेल गतिविधियां बंद हो जाती हैं। मैदान में जलभराव और कीचड़ के कारण कई दिनों तक अभ्यास नहीं हो पाता। इसके अलावा यहां शौचालय, पीने के पानी, बैठने और व्यवस्थित रनिंग ट्रैक की सुविधा भी नहीं है।
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दो साल पहले भी उठी थी स्टेडियम की मांग
गांव की सरपंच रेखा देवी ने बताया कि करीब दो साल पहले उन्होंने तत्कालीन पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के सामने गांव की चार एकड़ जमीन पर स्टेडियम बनाने की मांग रखी थी। इसके बावजूद अभी तक स्टेडियम निर्माण को लेकर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत की ओर से लगातार जिला प्रशासन और खेल विभाग से स्थायी स्टेडियम बनाने की मांग की जा रही है।
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कैथल। गांव प्यौदा के युवाओं को बेहतर और स्थायी स्टेडियम का इंतजार है। गांव में खेलों के लिए पक्का मैदान या स्टेडियम नहीं होने के कारण युवा खुद के स्तर पर करीब चार एकड़ खाली जमीन को समतल कर अस्थायी मैदान तैयार कर रहे हैं। इसी मैदान में युवा कबड्डी क्रिकेट और दौड़ का अभ्यास करते हैं।
युवाओं का कहना है कि खेल सुविधाओं के अभाव में गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। युवा परमिंद्र ने बताया कि गांव में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हों तो युवा नियमित रूप से अभ्यास कर सकेंगे और जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। ग्रामीण केसाराम ने कहा कि गांव में स्टेडियम बनने से युवाओं को नियमित अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
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बारिश होते ही मैदान हो जाता है बेकार
फिलहाल युवाओं ने अपने स्तर पर जिस जमीन को खेल मैदान के रूप में तैयार किया है, वहां बारिश के दौरान खेल गतिविधियां बंद हो जाती हैं। मैदान में जलभराव और कीचड़ के कारण कई दिनों तक अभ्यास नहीं हो पाता। इसके अलावा यहां शौचालय, पीने के पानी, बैठने और व्यवस्थित रनिंग ट्रैक की सुविधा भी नहीं है।
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दो साल पहले भी उठी थी स्टेडियम की मांग
गांव की सरपंच रेखा देवी ने बताया कि करीब दो साल पहले उन्होंने तत्कालीन पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के सामने गांव की चार एकड़ जमीन पर स्टेडियम बनाने की मांग रखी थी। इसके बावजूद अभी तक स्टेडियम निर्माण को लेकर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत की ओर से लगातार जिला प्रशासन और खेल विभाग से स्थायी स्टेडियम बनाने की मांग की जा रही है।