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Ambala News: शहीद स्मारक के संग्रहालय में देखेंगे स्वतंत्रता संग्राम का जीवंत चित्रण
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अंबाला छावनी में निर्माणाधीन शहीद स्मारक के संग्रहालय में रखे जाने वाले अंग्रेजों की कलाकृतियां
अंबाला। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की शहीदी गाथा का मंचन निर्माणाधीन शहीद स्मारक के संग्रहालय में होगा। संग्रहालय में शहीदों के योगदान को डिजिटल और कलाकृतियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसे देखकर लोगों में देशप्रेम की भावना जागृत होगी।
लगभग 500 करोड़ से अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन शहीद स्मारक का काम अंतिम चरण में है। इसका विशेष आकर्षण संग्रहालय ही होगा। 22 एकड़ में तैयार किए शहीद स्मारक में कमल के फूल का मेमोरियल टॉवर भी तैयार किया जा रहा है जोकि शहीदों को समर्पित होगा और यहां शहीदों के नाम भी अंकित किए जाएंगे।
संग्रहालय की 22 गैलरियां दर्शाएगी हकीकत
लगभग 167 साल पहले 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में जो घटनाएं हुई। उनका जीवंत चित्रण 250 से अधिक प्रोजेक्टर्स की मदद से किया जाएगा। यह प्रोजेक्टर्स शहीद स्मारक में बनाई गई 22 गैलरियों में लगाए गए हैं। संग्रहालय में बनाई गई इन गैलरियों में स्वतंत्रता संग्राम का जीवंत चित्रण किया जाएगा। इसके देखकर लोग अपने आप को पुराने समय में महसूस करेंगे। संग्रहालय का सबसे बड़ा आकर्षण पानी की झील पर लाइट और ध्वनि का मिश्रित शो होगा।
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कला और संस्कृति का नजर आएगा मिश्रण
शहीद स्मारक के संग्रहालय में कला का अद्भुत संगम नजर आएगा। यहां लोगों विशेषकर युवा पीढ़ी को ज्ञान के साथ शिक्षा भी मिलेगी, जिससे कि वे अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ सकें। संग्रहालय में कलाकृतियां, ऐतिहासिक वस्तुएं सहित अन्य सामान रखा गया है जो शहीदी गाथा का सजीव चित्रण होगी।
वर्जन
शहीद स्मारक का संग्रहालय अपने आप में एक अनूठी यादगार बनकर उभरेगा। यहां कलाकृतियों को डिजिटल तरीके से दर्शाया जाएगा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में किस प्रकार देश की वीर सपूतों ने कुर्बानियां दी थी।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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लगभग 500 करोड़ से अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन शहीद स्मारक का काम अंतिम चरण में है। इसका विशेष आकर्षण संग्रहालय ही होगा। 22 एकड़ में तैयार किए शहीद स्मारक में कमल के फूल का मेमोरियल टॉवर भी तैयार किया जा रहा है जोकि शहीदों को समर्पित होगा और यहां शहीदों के नाम भी अंकित किए जाएंगे।
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संग्रहालय की 22 गैलरियां दर्शाएगी हकीकत
लगभग 167 साल पहले 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में जो घटनाएं हुई। उनका जीवंत चित्रण 250 से अधिक प्रोजेक्टर्स की मदद से किया जाएगा। यह प्रोजेक्टर्स शहीद स्मारक में बनाई गई 22 गैलरियों में लगाए गए हैं। संग्रहालय में बनाई गई इन गैलरियों में स्वतंत्रता संग्राम का जीवंत चित्रण किया जाएगा। इसके देखकर लोग अपने आप को पुराने समय में महसूस करेंगे। संग्रहालय का सबसे बड़ा आकर्षण पानी की झील पर लाइट और ध्वनि का मिश्रित शो होगा।
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कला और संस्कृति का नजर आएगा मिश्रण
शहीद स्मारक के संग्रहालय में कला का अद्भुत संगम नजर आएगा। यहां लोगों विशेषकर युवा पीढ़ी को ज्ञान के साथ शिक्षा भी मिलेगी, जिससे कि वे अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ सकें। संग्रहालय में कलाकृतियां, ऐतिहासिक वस्तुएं सहित अन्य सामान रखा गया है जो शहीदी गाथा का सजीव चित्रण होगी।
वर्जन
शहीद स्मारक का संग्रहालय अपने आप में एक अनूठी यादगार बनकर उभरेगा। यहां कलाकृतियों को डिजिटल तरीके से दर्शाया जाएगा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में किस प्रकार देश की वीर सपूतों ने कुर्बानियां दी थी।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।

अंबाला छावनी में निर्माणाधीन शहीद स्मारक के संग्रहालय में रखे जाने वाले अंग्रेजों की कलाकृतियां