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Ambala News: मानसून से अटका टांगरी पर काज-वे का काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2024 04:34 AM IST
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Work on causeway at Tangri stuck due to monsoon
अंबाला। टांगरी नदी पर एकता विहार चौक के पास से करधान तक बनने वाले काज-वे का काम ठेकेदार की धीमी रफ्तार और मानसून के चलते अटक गया है। करीब 1.6 करोड़ रुपये का टेंडर जारी होने के बाद नदी के बीच में खोदाई का काम भी शुरू हो गया था।
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मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे, लेकिन मानसून की दस्तक से पहले यह पूरा ही नहीं हो सका। स्थिति ये थी कि मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर उफान पर आने वाली टांगरी में रुकावट बनते। ऐसे में आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति का खतरा बना था। इसके लिए सिंचाई विभाग ने इन मिट्टी के ढेर को हटाते हुए काम भी रुकवा दिया है। काज-वे का काम पूरी तरह से बंद हो गया है।
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उल्लेखनीय है कि यह आसपास की दर्जनभर कॉलोनियों के लिए महत्वपूर्ण योजना थी। मानसून के बाद दोबारा से इस पर काम किया जाएगा। समय रहते इस काम को पूरा कर लिया जाता तो स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल पाता। दरअसल, काज-वे एक पुल होता है। इसका निर्माण इस तरह से किया जाता है कि टांगरी में कम पानी आता है तो वो नीचे से चला जाता है। अगर उफान पर आती है तो पानी ऊपर से गुजर जाता है।
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इस बीच केवल यह मार्ग का रास्ता कुछ समय के लिए बंद हो जाता है। बाद में लोग इस पर से गुजर सकते हैं। यह काज-वे लगभग 18 फुट चौड़ा और 500 फुट लंबा होगा। इसके बनने से टांगरी बांध रोड से सीधा करधान तक कनेक्टिविटी मिलेगी और दोनों तरफ आना-जाना पहले से आसान होगा।
नए रास्ते का इनको होना था फायदा

काज-वे के निर्माण से भविष्य में ब्राह्मण माजरा में बनने वाले डेयरी कॉम्प्लेक्स तक जाने वाले ग्वालों को इसका लाभ मिलना है। साथ ही करधान, प्रभु प्रेम पुरम, सोनिया कॉलोनी, नग्गल, ब्राह्मण माजरा और अन्य क्षेत्रों के अलावा टांगरी नदी के दूसरे छोर पर स्थित बीडी फ्लोर मिल क्षेत्र में निशात बाग, डिसेंट कॉलोनी, एकता विहार और अन्य कॉलोनियों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। अभी स्थिति यह है कि लोगों को या तो टांगरी के बीच में बने अस्थायी रास्ते से गुजरना पड़ता है जो लोगों की ओर से बनाया गया है। या फिर एक से डेढ़ किलोमीटर दूर यानी अंबाला-जगाधरी हाईवे से होकर इधर-उधर जाना पड़ता है।

वर्जन
टांगरी पर बनने वाले काज-वे का टेंडर जारी हो गया था। करीब 1.6 करोड़ रुपये की लागत से इसे बनाया जाना था। इसका काम भी शुरू हो गया था लेकिन बाढ़ के खतरे को देखते हुए काज-वे के लिए खोदी गई मिट्टी को हटाया गया है। मानसून जाने के बाद दोबारा से काम शुरू होगा।
हरप्रीत, जेई, सिंचाई विभाग
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