फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   women farmers protest in shambhu border ambala

हमें न अबला समझो कोई, हम भारत की नारी हैं... बोलते हुए महिला किसानों ने की नारेबाजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 01:44 AM IST
विज्ञापन
women farmers protest in shambhu border ambala
शंभू बार्डर पर चल रहे आंदोलन के 26वें दिन महिला किसानों ने आंदोलन में एक बार फिर से नई जान लाने का काम किया। यहां बैठी महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा हमें न अबला समझो कोई, हम भारत की नारी हैं..., कोमल-कोमल फूल नहीं हम ज्वाला हैं चिंगारी हैं... कविता की इन पंक्तियों ने सभी किसानों में एक अलग ही जोश भर कर दिया। सभी महिला किसानों के साथ पुरुष किसानों के साथ आवाज बुलंद करते हुए सरकार के खिलाफ हल्ला बोला और जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन

मंच पर विचार रख रही महिला किसानों ने भी सरकार को जमकर लताड़ा और कृषि कानून वापस लेने की मांग की। महिला किसान दिवस के मौके पर शंभू बार्डर पर आंदोलन में भाग लेने के लिए पहुंची सैकड़ों महिला किसानों ने घर का चूल्हा-चौका छोड़ किसान यूनियन का झंडा उठाया। इस दौरान महिला किसानों ने कहा कि अपने सुरक्षित भविष्य के लिए हमारे परिवार सिंघु और शंभू बार्डर पर डटे हुए हैं। ऐसे में वह कब तक घर में बैठी रह सकती है। वैसे तो बहुत सी महिला किसान समय-समय शंभू और सिंघु बार्डर पर आकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही हैं, लेकिन, महिला किसान दिवस के मौके पर आने का एक अलग ही महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है वह समय समय पर ऐसे ही बार्डर पर आकर अपना पूरा सहयोग करेंगी।
विज्ञापन

हमारा परिवार शंभू और सिंघु बार्डर पर अपने सुरक्षित भविष्य के लिए लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे में हम महिलाएं भी कब तक घर पर बैठ सकती हैं। हम पहले भी सिंघु और शंभू बार्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ पूर्ण सहयोग करती आई हैं और आगे भी तब तक करती रहेगी। जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं ले लेती है। - कर्मकौर
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान तो चाहे पुरुष और चाहे हो महिला, किसान किसान है। यह संघर्ष हर किसान के सुरक्षित भविष्य के लिए है। इस लिए जैैसे ही हमें पता चला कि शंभू बार्डर पर महिला किसानों को पहुंचना है तो हम भी बिना किसी देेरी के पहुंच गई। हमारी तो सरकार से एक ही मांग है कि जल्द से जल्द इन कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द कर दें। - राजरानी
शंभू बार्डर और सिंघु बार्डर पर समान रूप से प्रदर्शन चल रहा है। कहने तो आज महिला किसान दिवस है, लेकिन, हम महिला किसानों को ही सड़कों पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में भी अगर सरकार पूरी तरह से गूंगी-बहरी बनकर बैठी हुई है। तो महिला दिवस पर हम महिलाओं को सरकार को दिखाना और सुनाना होगा की हम महिला क्या कर सकती हैं, जिससे यह सरकार इन कृषि कानूनों को वापस ले लें। - सुमन
हम अपने बच्चों और भूमि के लिए लड़ाई कर रही हैं, ताकि भविष्य में हमारे बच्चे और हमारी जमीन अरबपतियों के गुलाम न बन जाए। इस लिए हम महिलाओं को शंभू बार्डर पर आकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हमारी सिर्फ एक ही मांग है कि सरकार इन कृषि कानूनों को वापस ले ले। - बलविंद्र कौर

सरकार ने बिना किसी से पूछे यह कानून लागू कर दिए। अब जब तक सरकार इन कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है। तब तक हमारा यह धरना और प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा। हम महिलाएं पुरुषों के साथ साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष को कानून रद्द होने तक जारी रखेगी। - दयालो देवी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed