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Ambala News: मंडियों में डिजिटल कांटे से नहीं हो रही तौल, बारिश से निपटने के भी नहीं पर्याप्त इंतजाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 01:03 AM IST
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Weighing is not being done using digital scales in the markets, and there are not enough arrangements to deal with the rain.
अंबाला सिटी। धान का सीजन अक्तूबर माह के शुरूआत में पीक पर पहुंच गया है। अब मंडियों में दिन व रात में फसल आ रही है। जिले की बात करें तो रविवार शाम तक 193,926.46 मीट्रिक टन धान की आवक मंडियों में हो चुकी थी, इसमें से 152,108.24 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी थी। वहीं, मंडियों में राज्य सरकार की ओर से डिजिटल कांटे से तौल के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन रविवार को भी मंडियों में डिजिटल कांटे के प्रबंध नहीं हुए, इसको लेकर मार्केट कमेटी सचिव भी आढ़तियों को निर्देश दे चुके हैं, इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह भी लगातार डिजिटल कांटे लगाने की मांग उठा रही है।
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मंडियों में बारिश से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं
बीते दिनों हुई बारिश से मंडियों में धान भीग गया था। बराड़ा मंडी में जलभराव होने से धान पानी में उतरा गया था, साथ ही अंबाला शहर नई अनाज मंडी में भी बारिश का असर देखने को मिला था। मंडियों में बारिश से निपटने के लिए इंतजाम पर्याप्त नहीं है। वहीं, मंडियों से 25 प्रतिशत उठान ही हुआ है। इसके अलावा डीएफएससी एजेंसी की ओर से 177 करोड़ में से 53 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। इसी तरह हैफेड की ओर से 202 करोड़ में से 39 करोड़ का भुगतान हो चुका है।
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सरकार से मांग, चेकिंग में लोकल कमेटी के पदाधिकारी भी शामिल किए जाएं
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने बीते शनिवार को मोहड़ा नई अनाज मंडी में धान तौल को लेकर दौरा किया था। यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने बताया कि यूनियन पदाधिकारी मोहड़ा मंडी में धान के सरकारी तौल की जांच करने के लिए गए थे, उनके साथ अधिकारी भी शामिल रहे। उन्होंने तीन जगहों पर धान की बोरियों को तौला तो उनमें सरकारी मानक से कम वजन मिला, इसके बाद डिजिटल कांटे को चेक करने के लिए 50 किलोग्राम का वजन मंगवाया गया। जब यह 50 किलोग्राम का वजन तौला गया तो कांटे में 49 किलो 380 ग्राम वजन दर्शाया गया। यह वजन 680 ग्राम कम रहा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को चूना लगता है। जहां भी यह गड़बड़ी हो रही है, उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी सरकारी एजेंसियां धान की तौल की जांच करती हैं, उनकी सरकार से मांग है कि लोकल कमेटी के पदाधिकारी को भी उस टीम में शामिल किया जाए।
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मंडी में बारिश को देखते हुए प्रबंध किए गए हैं। शेड में भी धान की बोरियां लगाई गई हैं। आढ़तियों के पास भी पर्याप्त तिरपाल के प्रबंध हैं। मंडी से धान का उठान करवाया जा रहा है ताकि जगह बन सके। मंडी में जो भी अव्यवस्थाएं हैं उन्हें सुधारा जाएगा।
- दलेल सिंह, सचिव मार्केट कमेटी, अंबाला शहर।
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