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Ambala News: बंद रहा वेब हेलरिस पोर्टल, रजिस्ट्री, नहीं हुए जमाबंदी और इंतकाल
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अंबाला छावनी तहसील में बंद पड़ा वेब हेलरिस पोर्टल और इंताजार करते लोग। संवाद
अंबाला। छावनी तहसील में वेब हेलरिस पोर्टल का बंद हाेना या धीमी गति से चलना आम हो गया है। रोजाना लोगों को तंत्र की इस कमजोरी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इस समस्या से लोगों को परेशान होते हुए करीब एक महीने का समय हो चला है।
सोमवार को भी यही स्थिति दिखाई दी। अंबाला छावनी की तहसील में अधिकतर समय वेब हेलरिस पोर्टल बंद ही रहा। इससे काम काज छोड़कर आए लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इस कारण एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, यहां तक कि जमाबंदी, इंतकाल भी नहीं हो सके।
पोर्टल चलने का छह घंटे तक इंतजार
छावनी के न्यू पारस नगर निवासी करतार सिंह ने बताया कि वह सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त है। उनकी जमाबंदी में पत्नी बलजिंदर कौर का नाम गलत था, जिसे ठीक करवाने के लिए छह महीने में दो बार कागज भी बनवाए, अब वह सुबह 11 बजे से जमाबंदी लेने के लिए आए तो पता चला कि पोर्टल नहीं चल रहा है और वह छह घंटे से पोर्टल चलने का इंतजार कर रहे हैं।
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काम छोड़ कर अटके रहे लोग
अजय कुमार ने बताया कि वह अपने मुंशी सुखबीर सैनी के साथ 12 बजे तहसील में आए थे, और अब पांच बजने वाले हैं, लेकिन पोर्टल अभी तक नहीं चला है। उन्हें दुकान की रजिस्ट्री करानी थी।
इंतजार के बाद भी नहीं मिली फर्द
बोह निवासी सोहन ने बताया कि वह अपनी माता मंजू देवी के नाम की फर्द निकलवाने तहसील में आया सायं चार बजे तक काम नहीं हो सका।
सुबह से शाम तक नहीं चला पोर्टल
राजापार्क निवासी किरण ने बताया कि वह अपने देवर अनीश कुमार के साथ छावनी तहसील में सुबह दस बजे रजिस्ट्री करवाने आईं थी, लेकिन आने के बाद पता चला कि तहसील में पोर्टल बंद है। इसके बाद वह दोनों इंतजार करते दिखे। जबकि वह घर पर छोटे बच्चे को अकेला छोड़कर आईं थी।
वर्जन
सुबह करीब 11 बजे से पोर्टल बंद है, जिसके कारण तहसील में अधिकतर काम प्रभावित रहा। वहीं सोमवार को तहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है।
सुनील कुमार, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी।
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सोमवार को भी यही स्थिति दिखाई दी। अंबाला छावनी की तहसील में अधिकतर समय वेब हेलरिस पोर्टल बंद ही रहा। इससे काम काज छोड़कर आए लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इस कारण एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, यहां तक कि जमाबंदी, इंतकाल भी नहीं हो सके।
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पोर्टल चलने का छह घंटे तक इंतजार
छावनी के न्यू पारस नगर निवासी करतार सिंह ने बताया कि वह सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त है। उनकी जमाबंदी में पत्नी बलजिंदर कौर का नाम गलत था, जिसे ठीक करवाने के लिए छह महीने में दो बार कागज भी बनवाए, अब वह सुबह 11 बजे से जमाबंदी लेने के लिए आए तो पता चला कि पोर्टल नहीं चल रहा है और वह छह घंटे से पोर्टल चलने का इंतजार कर रहे हैं।
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काम छोड़ कर अटके रहे लोग
अजय कुमार ने बताया कि वह अपने मुंशी सुखबीर सैनी के साथ 12 बजे तहसील में आए थे, और अब पांच बजने वाले हैं, लेकिन पोर्टल अभी तक नहीं चला है। उन्हें दुकान की रजिस्ट्री करानी थी।
इंतजार के बाद भी नहीं मिली फर्द
बोह निवासी सोहन ने बताया कि वह अपनी माता मंजू देवी के नाम की फर्द निकलवाने तहसील में आया सायं चार बजे तक काम नहीं हो सका।
सुबह से शाम तक नहीं चला पोर्टल
राजापार्क निवासी किरण ने बताया कि वह अपने देवर अनीश कुमार के साथ छावनी तहसील में सुबह दस बजे रजिस्ट्री करवाने आईं थी, लेकिन आने के बाद पता चला कि तहसील में पोर्टल बंद है। इसके बाद वह दोनों इंतजार करते दिखे। जबकि वह घर पर छोटे बच्चे को अकेला छोड़कर आईं थी।
वर्जन
सुबह करीब 11 बजे से पोर्टल बंद है, जिसके कारण तहसील में अधिकतर काम प्रभावित रहा। वहीं सोमवार को तहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है।
सुनील कुमार, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी।

अंबाला छावनी तहसील में बंद पड़ा वेब हेलरिस पोर्टल और इंताजार करते लोग। संवाद

अंबाला छावनी तहसील में बंद पड़ा वेब हेलरिस पोर्टल और इंताजार करते लोग। संवाद

अंबाला छावनी तहसील में बंद पड़ा वेब हेलरिस पोर्टल और इंताजार करते लोग। संवाद

अंबाला छावनी तहसील में बंद पड़ा वेब हेलरिस पोर्टल और इंताजार करते लोग। संवाद

अंबाला छावनी तहसील में बंद पड़ा वेब हेलरिस पोर्टल और इंताजार करते लोग। संवाद