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मौसम की करवट, लोगों की सेहत पर भारी

Mon, 22 Aug 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला Updated Mon, 22 Aug 2016 12:32 AM IST
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खाली प्लॉटों में भरा पानी - फोटो : amar ujala
एक ओर मौसम की करवट तो दूसरी ओर मौसमी बीमारियों की चपेट में अंबाला के लोग आ रहे हैं। लोगों पर डेंगू, मलेरिया, स्किन इनफेक्शन, पीलिया, टायफाइड का खतरा मंडरा रहा है। सरकारी अस्पतालों में जहां बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है, वहीं निजी क्लीनिकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डेंगू के करीब 11 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं, वहीं मलेरिया के भी लगभग पंद्रह से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। इसके अलावा पीलिया, स्किन इनफेक्शन से पीड़ित मरीज भी लगातार सामने आ रहे हैं। चिकित्सक भी मानते हैं कि जिस तरह से मौसम में बदलाव आ रहा है उससे भी यह बीमारियां पनप रही हैं, जबकि ट्विन सिटी के हालात भी इन बीमारियों को बढ़ा रहे हैं। 
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ट्विन सिटी के सरकारी अस्पतालों सहित निजी अस्पतालों में डेंगू के करीब 11 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने तो ट्विन सिटी में फिलहाल चार मामले डेंगू के सामने आए हैं, लेकिन वे अभी स्वस्थ हैं। लेकिन दूसरी ओर नजर दौड़ाएं तो निजी क्लीनिकों में बुखार, पीलिया, टायफाइड, स्किन इनफेक्शन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि हालात जल्द ही काबू न किए गए तो लोगों की सेहत पर संकट खड़ा हो सकता है। जनता भी मानती है कि सरकारी विभागों की लापरवाही के कारण यह सब हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी मान रहा है कि जिन मरीजों को बुखार की शिकायत है, उनके ब्लड सैंपल टेस्ट करने के निर्देश हैं, ताकि इस मौसम में पता चल सके कि मरीज को बुखार किन कारणों से है। 
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बीमारी फैलने के कारण
- बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव है और इसकी निकासी का कोई इंतजाम नहीं है
- जलभराव के कारण मक्खी-मच्छर पैदा हो रहे हैं, जिससे लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं
- बीते दिनों विभिन्न हिस्सों में फैले डायरिया का सबसे बड़ा कारण पानी की सप्लाई में क्लोरीन की मात्रा कम होना या न होना पाया गया
- बाजारों में खुलेआम गले, सड़े व गंदे खाद्य पदार्थों की बिक्री हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा है
- उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को स्किन इनफेक्शन तक हो रहे हैं
- जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा वाटर सप्लाई में क्लोरीन की मात्रा नियमित रूप से चेक नहीं की जाती
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा एपेडेमिक एक्ट के तहत ठोस कार्रवाई नहीं की जाती 
- जिन इलाकों में बारिश का पानी जमा है, नगर निगम उन स्थानों से गंदे पानी की निकासी नहीं करवा रहा
- जिन लोगों के खाली प्लॉट हैं, उनमें पानी भरा है, लेकिन प्रशासन के तमाम निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, जो बीमारियां पैदा करते हैं 

इस तरह करें बचाव 
- सुबह और शाम के समय पूरी बाजुओं के कपड़े पहनें
- दिन में कम से कम दो बार अवश्य नहाएं, ताकि पसीने से होने वाली स्किन इनफेक्शन से बच सकें 
- घर के आसपास यदि पानी खड़ा है तो इसमें मिट्टी का तेल आदि डालें, ताकि मच्छरों का लारवा खत्म किया जा सके
- इन दिनों पानी उबालकर पीयें, ताकि पानी के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सके 
- यदि बुखार आदि है तो अस्पताल में चेक करवाएं ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले उस पर काबू पाया जा सके 

यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले समीर गुप्ता, दीपक अरोड़ा, संतोष कुमार खींची, संजीव गुप्ता, अंकुश साहनी, सिटी के जगजीत सिंह, अमरिंदर सिंह, राजपाल, पंकज, हरजीत वालिया, शेखर कुमार का कहना है कि जिस तरह से मौसम है, उसे देखते हुए बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। खुद उनके परिचित बीमार हैं और इलाज करवा रहे हैं। प्रशासन के पास तमाम संसाधन हैं, लेकिन फिर भी जनता को राहत नहीं मिल रही है। 
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मच्छरों से लड़ने के लिए सिर्फ 22 कर्मियों की फौज
जिला स्वास्थ्य विभाग के पास मच्छरों का लारवा खत्म करने के लिए मात्र 22 कर्मचारी हैं, जबकि 89 पद खाली हैं। दूसरी ओर अभी तक फोगिंग नहीं हो पाई है, जबकि मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा है। जिला के 430 गांव और छह ब्लॉकों का अरबन एरिया है, लेकिन इस हिसाब से मच्छरों पर काबू पाने के लिए कर्मचारियों की जबरदस्त कमी है।  

वर्जन
जिन इलाकों में पानी जमा है, वहां से इसकी निकासी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं पर ऐसी स्थिति है तो निगम की जानकारी में लाएं, इसका समाधान किया जाएगा। पार्षद भी ऐसे क्षेत्रों पर नजर रखें और निगम अधिकारियों को बताएं। 
- रमेश मल, मेयर, नगर निगम अंबाला 

वर्जन
इन दिनों टायफाइड और पीलिया के मरीज ज्यादा सामने आ रहे हैं। निजी चिकित्सकों से जो भी मरीज ब्लड सैंपल के लिए भेजे जा रहे हैं, उनमें से अधिकतर को टायफाइड अथवा पीलिया की शिकायत आ रही है। यह सब मौसमी बीमारियां हैं, जिनसे जनता को सावधान रहना होगा। 
- बलजिंदर सिंह, लैब टेक्नीशियन, अंबाला 

वर्जन
क्लीनिक में ऐसे मरीजों की भरमार है, जिनको बुखार या पीलिया की शिकायत है। ऐसे मरीजों के लैब टेस्ट करवाने के बाद दवाइयां दी जा रही हैं। इन दिनों में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और रोजाना ही बीस से तीस मरीज बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। लोग थोड़ा सावधानी बरतें तो इनसे बचा जा सकता है।  

- डॉ. संजीव कौशिक, अंबाला कैंट 

वर्जन
अभी चार मरीजों को ही डेंगू कनफर्म हुआ है, जबकि अन्य हो सकता है संदिग्ध हों। इसकी जांच की जाएगी, जिसके बाद स्थिति का पता चलेगा। इसके अलावा सिविल अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी लेवल पर निर्देश हैं कि बुखार पीड़ितों का ब्लड सैंपल चेक किया जाए। अस्पतालों में मरीजों को इन मौसमी बीमारियों से लड़ने के लिए दवाओं का पूरा इंतजाम हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। निजी चिकित्सकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू आदि मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।  
- डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ अंबाला 
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