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मौसम के मिजाज से बिगड़ी सेहत
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Fri, 23 May 2014 12:47 AM IST
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लगातार पारा चढ़ने से ट्विनसिटी में बीमारियों ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में रोजाना 30 से 40 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
मरीज खांसी, पेट दर्द, उलटियां और दस्त से परेशान हैं। इतना ही नहीं स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली बंद कर दी गई है, वहीं कई स्कूलों में भीषण गर्मी से बच्चों की हालत खराब हो रही है, जिन्हें घर भेजा जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि रोजाना तीस से चालीस मरीज आ रहे हैं, जो गर्मी के कारण ही किसी न किसी परेशानी से जूझ रहे हैं। गर्मी के मौसम में स्कूलों के बच्चे भी पेट में गड़बड़ी के कारण बुखार व उल्टी से घिरते जा रहे हैं।
यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। कई स्कूलों में गर्मी के कारण कई बच्चे उलटियां करते दिखे जिन्हें अस्पतालों व क्लीनिकों में ले जाया गया। इसी कारण से स्कूलों में मार्निंग असेंबली बंद कर दी गई है। मौसम में आए अचानक बदलाव से लोगों को स्किन एलर्जी भी हो रही है। इसका मुख्य कारण सड़कों पर उड़ने वाली धूल मिट्टी है। इसी तरह पसीने के कारण भी शरीर पर एलर्जी हो रही है।
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ये बरते सावधानियां
डा. रोहित का कहना है कि जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है, उससे लोगों को बुखार, खांसी, उल्टी, पेट में खराबी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गर्मी में यदि खानपान पर ध्यान नहीं दिया गया तो डायरिया व वायरल के मरीजों में भी इजाफा हो सकता है।
- गर्मी के मौसम में सिर ढककर बाहर निकले।
आंखों को भी चश्मे से ढक लें।
- घर से बाहर निकलते समय हो सके तो सफेद कपड़ों का ही इस्तेमाल करें।
- गर्मियों तक तेल से बनी चीजों का परहेज करें।
- ज्यादा पानी का सेवन करें, ताकि शरीर का तापमान सामान्य रहे।
- अचानक धूप से आने के बाद ठंडे पानी का सेवन न करें।
- नींबू पानी का सेवन करें।
- अगर उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत आए तो तुरंत नजदीकी क्लीनिक व अस्पताल में जाकर डॉक्टर की सलाह लें।
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मरीज खांसी, पेट दर्द, उलटियां और दस्त से परेशान हैं। इतना ही नहीं स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली बंद कर दी गई है, वहीं कई स्कूलों में भीषण गर्मी से बच्चों की हालत खराब हो रही है, जिन्हें घर भेजा जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि रोजाना तीस से चालीस मरीज आ रहे हैं, जो गर्मी के कारण ही किसी न किसी परेशानी से जूझ रहे हैं। गर्मी के मौसम में स्कूलों के बच्चे भी पेट में गड़बड़ी के कारण बुखार व उल्टी से घिरते जा रहे हैं।
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यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। कई स्कूलों में गर्मी के कारण कई बच्चे उलटियां करते दिखे जिन्हें अस्पतालों व क्लीनिकों में ले जाया गया। इसी कारण से स्कूलों में मार्निंग असेंबली बंद कर दी गई है। मौसम में आए अचानक बदलाव से लोगों को स्किन एलर्जी भी हो रही है। इसका मुख्य कारण सड़कों पर उड़ने वाली धूल मिट्टी है। इसी तरह पसीने के कारण भी शरीर पर एलर्जी हो रही है।
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ये बरते सावधानियां
डा. रोहित का कहना है कि जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है, उससे लोगों को बुखार, खांसी, उल्टी, पेट में खराबी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गर्मी में यदि खानपान पर ध्यान नहीं दिया गया तो डायरिया व वायरल के मरीजों में भी इजाफा हो सकता है।
- गर्मी के मौसम में सिर ढककर बाहर निकले।
आंखों को भी चश्मे से ढक लें।
- घर से बाहर निकलते समय हो सके तो सफेद कपड़ों का ही इस्तेमाल करें।
- गर्मियों तक तेल से बनी चीजों का परहेज करें।
- ज्यादा पानी का सेवन करें, ताकि शरीर का तापमान सामान्य रहे।
- अचानक धूप से आने के बाद ठंडे पानी का सेवन न करें।
- नींबू पानी का सेवन करें।
- अगर उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत आए तो तुरंत नजदीकी क्लीनिक व अस्पताल में जाकर डॉक्टर की सलाह लें।