प्रदेश में चलने नहीं देंगे शिक्षा की दुकानें : सीएम
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अब प्रदेश में शिक्षा के नाम पर दुकानें नहीं चलने देंगे बल्कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार केन्द्र खोलने पर जोर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने एंटरप्राइजिज प्रमोशन नीति-2015 बनाई है जिसके अंतर्गत एक लाख करोड़ रुपये का निवेश कराकर 4 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बुधवार को अंबाला छावनी में जीएमएन कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय युवा उत्सव के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने समारोह की अध्यक्षता की।
बढ़ते चलो-बढ़ते चलो सूक्ति से लें प्रेरणा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक युवा में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है और युवा महोत्सव जैसे मंच ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाने का मौका देते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक वाक्य बढ़ते चलो-बढ़ते चलो से प्रेरणा लेने का युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को पार कर युवा सदैव आगे बढ़ते रहें और देश के नवनिर्माण में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आजाद कराने से लेकर वर्तमान समय में भी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हरियाणा एक-हरियाणवी एक की भावना से आगे बढ़ें उन्होंने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि देश को आजाद हुए 68 साल हो चुके हैं फिर भी युवाओं को सही दिशा नहीं दे पाए है। आज भी युवाओं ने लार्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली को मात्र सर्टिफिकेट प्राप्त करना लक्ष्य मान लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा शक्ति के कौशल विकास के लिए स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं और हरियाणा सरकार द्वारा भी प्रदेश में ऐसे कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली 1 नवंबर को हरियाणा को बने 50 वर्ष हो जाएंगे और हम सब यह संकल्प लेें कि हम सब एक होकर हरियाणा एक-हरियाणवी एक की भावना के साथ प्रदेश को आगे ले जाएंगे। उन्होंने गत सरकारों पर बैकडोर से कर्मचारी भर्ती किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी मिलेगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि नौकरी दिलाने के नाम पर भ्रमित करने वाले लोगों के चक्कर में न फंसे। उनकी अमेरिका, कनाडा की विदेश यात्राओं के बाद प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए कई एमओयू पर साइन किए गए हैं जिनका अगले साल सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। प्रदेश की बिगड़ी हुई व्यवस्था को ठीक करने में ही एक साल लग गया है और आगामी वर्ष में प्रदेशवासी स्वयं बदली हुई व्यवस्था का अनुभव करेंगे। मुख्यमंत्री ने कॉलेज प्रबंधन की मांग पर 31 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने युवा उत्सव में भाग लेने वाले अंबाला जोन के 40 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं भी दी।
सीएम की कार्यशैली की प्रशंसा की विज ने स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि दो महीने में युवा नीति बना दी जायेगी जिसके तहत युवाओं को उनकी पसंद के अनुसार रोजगार मिल सकेगा। प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश में नई खेल नीति बनाई गई है। नई खेल नीति के अंतर्गत 56 करोड़ रुपये के पुरस्कार खिलाड़ियों को बांटे गए हैं तथा प्रदेश में 144 खेल नर्सियां खोली जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़िया प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं को लागू किया गया है। खेल विभाग द्वारा हर खिलाड़ी का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी की खेल संबंधी एक्टिविटी को फीड किया जाएगा। उन्होंने कालेज को स्वैच्छिक कोटे से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के युवा सांस्कृतिक विभाग के निदेशक डॉक्टर महा सिंह पूनिया, कालेज प्रबंध समिति के प्रधान सरदार भूपेंद्र जौहर, प्राचार्य डॉक्टर राजपाल सिंह भी उपस्थित रहे।
तेजाब पीड़िताओं पर प्रस्तुत नाटक ने झकझोरा अंबाला कैंट। जीएमएन कालेज प्रांगण में बुधवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की ओर से तीन दिवसीय जोनल यूथ फेस्टिवल की शुरूआत की गई। जिसमें अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत जिलों के विभिन्न कॉलेजों की टीमों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जीएमएन कालेज के प्रिंसिपल डा. राजपाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश वंदना पर नृत्य व सरस्वती वंदना द्वारा किया गया। उसके उपरांत कालेज प्रांगण में विभिन्न कालेजों से आए छात्रों को कालेज प्रांगण में बने अलग अलग स्थानों में बांटा गया। जिसमें कोरियोग्राफी, इंडियन क्लासिक्ल वोकल, लाइव वोकल इंडियन सोला, हरियाणवी ऑरकैस्ट्रा, इंडियन ऑरकैस्ट्रा प्रतियोगिताएं करवाई गई। जिसमें छात्रों ने बढ़ चढ़ कर भाग लेकर अपने अंदर छुपी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और खूब तालियां बटोरी। दूसरी ओर, कार्यक्रम में अलग अलग कालेजों की टीमों ने सामाजिक बुराइयों, महिला पर तेजाब से होने वाले हमले, कैंसर पीड़ितों की हालत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से सबंधित कई कोरियोग्राफी को आकर्षक अंदाज में पेश किया। जिससे कार्यक्रम में शामिल छात्रों, प्राध्यापिकाओं व अन्य सदस्यों द्वारा खूब सराहा गया। कालेज के गीत कलाकारों ने अपने अंदाज में कई गीत प्रस्तुत किए। जिसमें मेरा कहड़ा बापू करदा ब्लैक नी, जिहड़ा तेरे शहर लेलवा फ्लैट नी... व एक तेरे करके कालेज ज्वाइन करता नहीं मुटियारे... ने समां बांध दिया। उसके उपरांत शास्त्रीय संगीत, हरियाणी संगीत अपने कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। जिसमें छात्रों ने नए अंदाज में अपनी कला का प्रदर्शन किया। अंत में निर्णयक मंडल में शामिल प्राध्यापिकाओं द्वारा विजेता टीमों का चयन किया गया। इस मौके पर डा. रचना कटारिया, प्रोफेसर सज्जन सिंह, मॉस कम्युनिकेशन से राजिंद्र आदि मौजूद रहे।
ये रहे प्रथम दिन के परिणाम जोनल यूथ फैस्टिवल के प्रथम दिन आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे। इंडियन क्लासिक्ल वोकल प्रतियोगिता में टीम नंबर एक रैकमैंडिड, टीम नंबर दो कमैंडिड वन, टीम नंबर पांच कमैंडिड टू व लाइव वोकल इंडियन सोलो प्रतियोगिता में टीम नंबर छह रिकमैंडिंड, टीम नंबर तीन कमैंडिड वन, टीम नंबर सात कमैंडिड टू व कोरियोग्राफी प्रतियोगिता में टीम नंबर चार रैकमैंडिड, टीम नंबर नौ कमैंडिड वन, टीम नंबर पांच कमैंडिड टू व हरियाणवी ऑरकैस्ट्रा प्रतियोगिता में टीम नंबर टू रैकमैंडिड, टीम नंबर तीन कमैंडिड वन, टीम नंबर चार कमैंडिड टू व इंडियन ऑरकैस्ट्रा प्रतियोगिता में टीम नंबर तीन रैकमैंडिड, टीम नंबर एक कमैंडिड चुनी गई।
यूथ फेस्टिवल में 40 कालेजों में से पहुंची सिर्फ दो टीम शास्त्रीय संगीत एक ओर देश व विदेशों में अपनी पहचान बना रहा है, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी इस शास्त्रीय संगीत की विधा से दूर होती जा रही है। इसी का नतीजा यह रहा कि अंबाला कैंट में शुरू हुए जोनल यूथ फेस्टिवल में शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता में भाग लेने सिर्फ दो ही कालेजों की टीमें पहुंची। जबकि इस यूथ फेस्टिवल में 40 कालेज भाग ले रहे हैं। यहां पहुंचे शास्त्रीय संगीत के छात्र कलाकारों व उनके प्रशिक्षकों ने इस बात पर खासी चिंता व्यक्त की और उन्होंने सरकार से मांग की कि शास्त्रीय संगीत की इस विधा को सरकार विशेष प्रोत्साहन दे, ताकि छात्रों का रुझान इस विधा की ओर बढ़े।
शास्त्रीय संगीत को जिंदा रखने में मदद करे सरकार अगर शास्त्रीय संगीत को जिंदा रखना है तो सरकार को निचले स्तर यानी स्कूल से ही संगीत पर जोर देना चाहिए। ताकि युवा पीढ़ी शास्त्रीय संगीत को समझ सके और इस संगीत में अपना भविष्य तलाश सके। अगर सरकार अपनी रूझान दिखाएंगी तो ही युवा पीढ़ी इस संगीत की महत्वता को समझ सकेंगे। -डॉ. पूनम, संगीत शिक्षक, गवर्नमेंट कालेज, सेक्टर वन, पंचकूला
टीवी पर प्रसारित हो ऐसे कार्यक्रम आज के समय में युवा फैशनेबल बनती जा रही है। जिन्हे केवल वैस्टर्न संगीत ही पंसद आ रहे हैं। अगर शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम टीवी पर प्रसारित हो तो युवा पीढ़ी भी इस संगीत को समझ सकती है और अपने जीवन में अपना सकती है। -मोहित, बीए प्रथम स्टूडेंट, सेक्टर वन, राजकीय कालेज, पंचकूला
मन को मिलता का स्कून ये शास्त्रीय संगीत मन को शांति देता है और साथ ही अपनी संस्कृति से बनाएं रखता है। ऐसे में युवा पीढ़ी को भी इस संगीत के प्रति अपनी रूचि दिखानी चाहिए। ताकि शास्त्रीय संगीत से जुड़कर वह इस संगीत को समझ सके। -इंदू ऋषि राज, स्टूडेंट, एसडी कालेज, अंबाला कैंट
संगीत के लिए सहनशीलता की जरुरत शास्त्रीय संगीत को लेकर बेहद ही सहनशीलता की जरुरत होती है। जिसमें पूरी तरह से घुसकर ही संगीत को समझा जा सकता है। आज के युवाओं में सहनशीलता न के बराबर रह गई है। इसलिए से संगीत युवाओं में जगह नहीं बना पा रहा है। -मीनाक्षी, स्टूडेंट, एसडी कालेज, अंबाला कैंट
सरकार को अपना चाहिए संगीत अगर सरकार इस संगीत को अपनाती है तो ऐसे में युवाओं के लिए शास्त्रीय संगीत को लेकर रोजगार भी बढ़ेंगे और युवा अपनी भागीदारी भी निभाएंगा। अगर इस शास्त्रीय संगीत को सहारा दिया जाए तो यह भी युवाओं में अपनी जगह बना सकता है। -गोविंद, स्टूडेंट, गर्वनमेंट कालेज सेक्टर वन, पंचकूला
भंगड़े के परिणाम पर आपत्ति, छात्रों का हंगामा जीएमएन कालेज अंबाला कैंट में चल रहे जोनल यूथ फेस्टिवल में भंगड़े के रिजल्ट को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। इस इवेंट में जीएमएन कालेज की टीम को रिकमेंड कर दिया गया, जिस पर एसए जैन कालेज की टीम ने आपत्ति जता दी। बुधवार देर रात हुए इस हंगामे के दौरान विद्यार्थियों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई, जबकि आयोजक कालेज का कहन है कि सारे नियमों को ध्यान में रखते हुए रिजल्ट घोषित किया गया है। अंबाला कैंट के जीएमएन कालेज में जोनल यूथ फेस्टिवल के पहले दिन ही विवाद शुरु हो गया। यह विवाद भंगड़ा इवेंट में हुआ। इस इवेंट में जीएमएन कालेज और एसए जैन कालेज सहित अन्य कालेजों की टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद जीएमएन कालेज अंबाला कैंट की भंगड़ा टीम को रिकमेंड घोषित कर दिया। बस यहीं पर बवाल हो गया। देर रात घोषित किए गए रिजल्ट पर सिटी के एसए जैन कालेज की टीम ने आपत्ति जता दी। एसए जैन के छात्र कलाकारों ने कहा कि जिस तरह से जीएमएन कालेज की टीम को रिकमेंड घोषित किया गया है, उससे साफ दिख रहा है कि इस में पक्षपात किया गया है। उन्होंने दावा कि किया कि जीएमएन कालेज की टीम की भंगड़ा फारपमेंस स्तरीय नहीं थी, जबकि उनके कालेज (एसए जैन कालेज) की टीम की परफारमेंस कहीं बेहतर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सारे नियम कानून ताक पर रखते हुए जीएमएन कालेज की टीम को रिकमेंड घोषित कर दिया। इसी को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया।
भंगड़ा परफारमेंस को लेकर बिना वजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। इस इवेंट में सारे नियमों को मानते हुए नियम अनुसार रिजल्ट घोषित किया गया है। अंकों में काफी अंतर है, जबकि पक्षपात के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। -डॉ. राजपाल सिंह, प्रिंसिपल, जीएमएन कालेज, अंबाला कैंट
यह मामला जोनल यूथ फेस्टिवल की निर्णायक कमेटी का है। उन्होंने ने ही तय करना है कि किस टीम की परफारमेंस कैसी है। इस संबंध में जो भी निर्णय निर्णायक मंडल अपना फैसला देगी वह मान्य होगा। इस संबंध में विद्यार्थियों से बातचीत की जा रही है। -डॉ. प्रदीप शर्मा स्नेही, प्रिंसिपल, एसए जैन कालेज, अंबाला सिटी