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देखते हुए निकलते गए वीवीआईपी, मगर रूके नहीं
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 22 Jun 2015 12:54 AM IST
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‘देश के लिए जान गंवाई। कई बार जान का जोखिम उठाया। घर बाहर छोड़कर सरहदों की रक्षा के लिए हर परिस्थितियों में डटे रहे। बस, यही दिन देखने के लिए।
छह दिन से अंबाला-हिसार हाईवे पर सड़क किनारे भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सामने से सीएम साहब देखते हुए गुजर गए। मगर, दो मिनट रुककर पूर्व सैनिकों को आश्वासन देना तक उचित नहीं समझा।
यदि हम पूर्व सैनिक भी दूसरे लोगों की तरह सड़कों पर उतरकर जाम लगाएं, तभी सरकारों की नींद टूटेगी क्या।’ ये दर्द व्यक्त किया अंबाला शहर में छह दिनों से भूखहड़ताल पर बैठे पूर्व सैनिकों ने।
पूर्व सैनिकों का इस बात का दुख है कि दो दिन से कई वीवीआईपी अंबाला शहर में थे, लेकिन उनमें से किसी ने भी उनका दर्द जानने की कोशिश नहीं की।
सीएम के आने की थी उम्मीद
एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन अंबाला के अध्यक्ष अतर सिंह मुल्तानी ने कहा कि शनिवार को अंबाला सिटी के विधायक के घर निजी प्रोग्राम था। उसमें भाग लेने सीएम मनोहर लाल खट्टर, गवर्नर प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा और सांसद रतनलाल कटारिया पहुंचे।
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इन सभी का काफिला पूर्व सैनिकों के भूखहड़ताल के पंडाल के सामने से गुजरा। रविवार शाम को कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और सेहत मंत्री अनिल विज भी सिटी में ही थे। इनमें से किसी ने भी इन पूर्व सैनिकों की सुध नहीं ली।
एसोसिएशन प्रधान अतर सिंह मुल्तानी के अनुसार यहां दर्जनों पूर्व सैनिक बैठे हैं।
भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनके सामने से सीएम खट्टर कार से पूरे नजारे को देखते हुए निकल गए, मगर रुके नहीं। उन्हें उम्मीद थी कि शहर में मौजूद वीवीआईपी में से कोई न कोई उनके पास जरूर आएगा। उनके अनुसार पूर्व सैनिकों को पता है कि उनके हाथों में कुछ नहीं है, मगर नैतिकता के नाते इन नेताओं को आना चाहिए थे।
रविवार को विकलांग सूबेदार जगदीश सिंह के साथ सुखवंत सिंह, सचदेव सिंह, भूपिंद्र सिंह, कृष्ण लाल, जेपी मेहता, जीआर चंदना, उदय करण सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान बीरेंद्र खुशबीर सिंह दत्त, सिंह बाजवा, यादविंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, रजिंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, मेघ राज सैनी आदि पूर्व सैनिक और पूर्व अधिकारी मौजूद रहे।
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छह दिन से अंबाला-हिसार हाईवे पर सड़क किनारे भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सामने से सीएम साहब देखते हुए गुजर गए। मगर, दो मिनट रुककर पूर्व सैनिकों को आश्वासन देना तक उचित नहीं समझा।
यदि हम पूर्व सैनिक भी दूसरे लोगों की तरह सड़कों पर उतरकर जाम लगाएं, तभी सरकारों की नींद टूटेगी क्या।’ ये दर्द व्यक्त किया अंबाला शहर में छह दिनों से भूखहड़ताल पर बैठे पूर्व सैनिकों ने।
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पूर्व सैनिकों का इस बात का दुख है कि दो दिन से कई वीवीआईपी अंबाला शहर में थे, लेकिन उनमें से किसी ने भी उनका दर्द जानने की कोशिश नहीं की।
सीएम के आने की थी उम्मीद
एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन अंबाला के अध्यक्ष अतर सिंह मुल्तानी ने कहा कि शनिवार को अंबाला सिटी के विधायक के घर निजी प्रोग्राम था। उसमें भाग लेने सीएम मनोहर लाल खट्टर, गवर्नर प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा और सांसद रतनलाल कटारिया पहुंचे।
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इन सभी का काफिला पूर्व सैनिकों के भूखहड़ताल के पंडाल के सामने से गुजरा। रविवार शाम को कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और सेहत मंत्री अनिल विज भी सिटी में ही थे। इनमें से किसी ने भी इन पूर्व सैनिकों की सुध नहीं ली।
एसोसिएशन प्रधान अतर सिंह मुल्तानी के अनुसार यहां दर्जनों पूर्व सैनिक बैठे हैं।
भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनके सामने से सीएम खट्टर कार से पूरे नजारे को देखते हुए निकल गए, मगर रुके नहीं। उन्हें उम्मीद थी कि शहर में मौजूद वीवीआईपी में से कोई न कोई उनके पास जरूर आएगा। उनके अनुसार पूर्व सैनिकों को पता है कि उनके हाथों में कुछ नहीं है, मगर नैतिकता के नाते इन नेताओं को आना चाहिए थे।
रविवार को विकलांग सूबेदार जगदीश सिंह के साथ सुखवंत सिंह, सचदेव सिंह, भूपिंद्र सिंह, कृष्ण लाल, जेपी मेहता, जीआर चंदना, उदय करण सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान बीरेंद्र खुशबीर सिंह दत्त, सिंह बाजवा, यादविंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, रजिंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, मेघ राज सैनी आदि पूर्व सैनिक और पूर्व अधिकारी मौजूद रहे।