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Ambala News: आचार संहिता का उल्लंघन, बढ़ सकती है मुसीबत
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अंबाला। आचार संहिता लगने के बाद भी नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन की ओर से किया प्रदर्शन अब यूनियन के गले की फांस बन सकता है। रेलवे ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। वहीं, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है जोकि ड्यूटी पर रहते हुए भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे।
यह पूरा काम वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक फुटेज और फोटो को खंगाला जा रहा है, जिससे कि ऑन ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी कर्मचारियों की पहचान हो सके। इस मामले को लेकर मंडल रेल प्रबंधक की तरफ से उत्तर रेलवे महाप्रबंधक को भी जानकारी दे दी गई है।
दरअसल, रेलवे ने यूनियनों की मान्यता के लिए पहले ही अधिसूचना जारी की हुई है। इसे अधिसूचना में भी रेलवे द्वारा मान्यता प्राप्त यूनियनों को निर्देश दिए गए थे कि चुनावों को लेकर आचार संहिता लग गई है और इस दौरान कोई भी प्रदर्शन व आंदोलन आदि नहीं किया जा सकेगा।
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4 से 6 दिसंबर तक चुनाव, 12 दिसंबर को मतगणना,
रेलवे ने यूनियनों की मान्यता से संबंधित चुनाव करवाने की तारीख सितंबर माह के पहले हफ्ते में घोषित कर दी थी जोकि 4, 5 और 6 दिसंबर को होंगे। इसमें दौरान यह जानकारी दी गई थी कि गुप्त मतदान चुनाव 2024 के लिए सभी प्रतियोगी रेल संगठनों को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए और मौजूदा मान्यता प्राप्त रेल संगठनों को, जिनके पास कोई भी रेलवे सुविधा या विशेषाधिकार हैं, उनके उपयोग करने पर रोक लगाई जाती है।
इसके तहत मान्यता प्राप्त संगठनों के पदाधिकारी अब कार्ड पास, सीयूजी मोबाइल फोन और यूनियन कार्यालय का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। ऐसे परिसरों का उपयोग विज्ञापन या चुनाव संबंधी किसी भी प्रकार की सामग्री के भंडारण के लिए नहीं किया जाएगा और न ही इन परिसरों में कोई भी चुनाव बैठक आयोजित की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने चेतावनी भी दी है कि अगर कोई रेल संगठन इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और फिर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने यह भी कहा कि रेलवे प्रशासन चुनाव की अधिसूचना की तिथि यानी 30 अगस्त के बाद मौजूदा मान्यता प्राप्त रेल संगठनों के साथ कोई भी स्थाई वार्ता या औपचारिक बैठक नहीं करेगा।
एक अक्तूबर आवेदन की अंतिम तिथि
एक अक्टूबर आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि घोषित की गई है। 18 अक्टूबर को मतदाताओं की अंतिम सूची, 25 अक्टूबर को प्रत्याशियों के नामांकन, 11 नवंबर को नामांकन की जांच, 14 नवंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया और शाम छह बजे के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। चार से छह दिसंबर तक मतदान होगा और इसका परिणाम 12 दिसंबर को घोषित किया जाएगा।
छह की जगह किए पांच साल
रेलवे संगठनों की मान्यता से जुड़े चुनाव प्रत्येक छह वर्ष बाद होते थे। पहले चुनाव मई 2007 में हुए थे और इसमें एनआरएमयू ने 35 प्रतिशत वोट हासिल करके मान्यता प्राप्त की थी। दूसरी बार वर्ष 2013 में चुनाव हुए और इसमें 35 वोट हासिल करने वाली एनआरएमयू और यूआरएमयू को रेलवे संगठन के तौर पर मान्यता प्राप्त हुई थी। लेकिन तीसरी बार वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव टाल दिए गए। अब यह चुनाव छह साल बाद नहीं बल्कि पांच साल बाद हुआ करेंगे।
वर्जन
रेलवे ने यूनियन की मान्यता से संबंधित चुनावों को लेकर बेशक अधिसूचना जारी की हुई है, लेकिन उन्होंने कोई भी नियम नहीं तोड़ा है। प्रदर्शन करना यूनियन का अधिकार है और इसकी जानकारी पहले ही उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी। यह प्रदर्शन विभागीय अधिकारी के मनमाने रवैये के खिलाफ था, जिससे कर्मचारी लगातार प्रताड़ित हो रहे थे।
हरनाम सिंह, मंडल अध्यक्ष, एनआरएमयू।
वर्जन
रेलवे संगठनों के चुनाव चार से छह दिसंबर तक होंगे। अगस्त माह में ही रेलवे ने आचार संहिता लगा दी थी, जिससे कि कोई नियमों का उल्लंघन न कर सके। एनआरएमयू ने डीआरएम कार्यालय में प्रदर्शन करके नियम तोड़े हैं, इसलिए रेलवे को उन पर नियमानुसार जो कार्रवाई बनती है, वो करनी चाहिए।
अशोक कुमार, मंडल अध्यक्ष, यूआरएमयू।
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यह पूरा काम वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक फुटेज और फोटो को खंगाला जा रहा है, जिससे कि ऑन ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी कर्मचारियों की पहचान हो सके। इस मामले को लेकर मंडल रेल प्रबंधक की तरफ से उत्तर रेलवे महाप्रबंधक को भी जानकारी दे दी गई है।
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दरअसल, रेलवे ने यूनियनों की मान्यता के लिए पहले ही अधिसूचना जारी की हुई है। इसे अधिसूचना में भी रेलवे द्वारा मान्यता प्राप्त यूनियनों को निर्देश दिए गए थे कि चुनावों को लेकर आचार संहिता लग गई है और इस दौरान कोई भी प्रदर्शन व आंदोलन आदि नहीं किया जा सकेगा।
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4 से 6 दिसंबर तक चुनाव, 12 दिसंबर को मतगणना,
रेलवे ने यूनियनों की मान्यता से संबंधित चुनाव करवाने की तारीख सितंबर माह के पहले हफ्ते में घोषित कर दी थी जोकि 4, 5 और 6 दिसंबर को होंगे। इसमें दौरान यह जानकारी दी गई थी कि गुप्त मतदान चुनाव 2024 के लिए सभी प्रतियोगी रेल संगठनों को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए और मौजूदा मान्यता प्राप्त रेल संगठनों को, जिनके पास कोई भी रेलवे सुविधा या विशेषाधिकार हैं, उनके उपयोग करने पर रोक लगाई जाती है।
इसके तहत मान्यता प्राप्त संगठनों के पदाधिकारी अब कार्ड पास, सीयूजी मोबाइल फोन और यूनियन कार्यालय का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। ऐसे परिसरों का उपयोग विज्ञापन या चुनाव संबंधी किसी भी प्रकार की सामग्री के भंडारण के लिए नहीं किया जाएगा और न ही इन परिसरों में कोई भी चुनाव बैठक आयोजित की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने चेतावनी भी दी है कि अगर कोई रेल संगठन इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और फिर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने यह भी कहा कि रेलवे प्रशासन चुनाव की अधिसूचना की तिथि यानी 30 अगस्त के बाद मौजूदा मान्यता प्राप्त रेल संगठनों के साथ कोई भी स्थाई वार्ता या औपचारिक बैठक नहीं करेगा।
एक अक्तूबर आवेदन की अंतिम तिथि
एक अक्टूबर आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि घोषित की गई है। 18 अक्टूबर को मतदाताओं की अंतिम सूची, 25 अक्टूबर को प्रत्याशियों के नामांकन, 11 नवंबर को नामांकन की जांच, 14 नवंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया और शाम छह बजे के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। चार से छह दिसंबर तक मतदान होगा और इसका परिणाम 12 दिसंबर को घोषित किया जाएगा।
छह की जगह किए पांच साल
रेलवे संगठनों की मान्यता से जुड़े चुनाव प्रत्येक छह वर्ष बाद होते थे। पहले चुनाव मई 2007 में हुए थे और इसमें एनआरएमयू ने 35 प्रतिशत वोट हासिल करके मान्यता प्राप्त की थी। दूसरी बार वर्ष 2013 में चुनाव हुए और इसमें 35 वोट हासिल करने वाली एनआरएमयू और यूआरएमयू को रेलवे संगठन के तौर पर मान्यता प्राप्त हुई थी। लेकिन तीसरी बार वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव टाल दिए गए। अब यह चुनाव छह साल बाद नहीं बल्कि पांच साल बाद हुआ करेंगे।
वर्जन
रेलवे ने यूनियन की मान्यता से संबंधित चुनावों को लेकर बेशक अधिसूचना जारी की हुई है, लेकिन उन्होंने कोई भी नियम नहीं तोड़ा है। प्रदर्शन करना यूनियन का अधिकार है और इसकी जानकारी पहले ही उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी। यह प्रदर्शन विभागीय अधिकारी के मनमाने रवैये के खिलाफ था, जिससे कर्मचारी लगातार प्रताड़ित हो रहे थे।
हरनाम सिंह, मंडल अध्यक्ष, एनआरएमयू।
वर्जन
रेलवे संगठनों के चुनाव चार से छह दिसंबर तक होंगे। अगस्त माह में ही रेलवे ने आचार संहिता लगा दी थी, जिससे कि कोई नियमों का उल्लंघन न कर सके। एनआरएमयू ने डीआरएम कार्यालय में प्रदर्शन करके नियम तोड़े हैं, इसलिए रेलवे को उन पर नियमानुसार जो कार्रवाई बनती है, वो करनी चाहिए।
अशोक कुमार, मंडल अध्यक्ष, यूआरएमयू।