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Ambala News: विज बोले- समय से पहले जवाब दे दिया, सार्वजनिक नहीं कर सकता
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अंबाला। ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से दिए कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा मैं तीन दिन से बैंग्लूरू में था। वहां से रात को आया। घर गया, ठंडे पानी से नहाया, रोटी खाई और बैठकर जवाब दे दिया। मुझे तीन दिन का समय दिया था। मैंने समय से पहले जवाब दे दिया है। उसमें यह भी लिखा है कि अगर किसी और बात का जवाब चाहिए तो मुझे दे दें वह भी मैं दे दूंगा।
मैं जितना याद कर सका उतना लिखकर दे दिया। बंद लिफाफे में आठ पन्ने का जवाब दिया है, जो गोपनीय है। उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। पार्टी की ओर से दिए नोटिस के सार्वजनिक होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस पर दो टूक कह दिया कि यह बहुत गोपनीय प्रक्रिया थी, मगर उन्हें मीडिया से नोटिस के संबंध में पता लगा। अब पार्टी इसकी जांच कराए या न कराए पार्टी की मर्जी। वहीं, नोटिस सार्वजनिक करने के बारे में यहां तक कह दिया कि जवाब जो रफ कागज पर लिखा है उसे भी घर जाकर जला देंगे।
पहली बार प्रश्नों को टालते दिखे विज
मंत्री अनिल विज रोजाना छावनी के सदर बाजार में चाय पीते हैं। यहीं पर विज पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं। मगर इस बार उनका अंदाज बदला दिखाई दिया। उनसे जब पूछा कि आत्मा की आवाज से आप बोलते हैं, इस पर विज ने जवाब देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पत्रकारों ने पूछा कि इस प्रकार के नोटिस को कितना उचित मानते हैं। उन्होंने कहा प्रश्नों को मिक्स मत कीजिए और जवाब देने से मना कर दिया। पहले किसी नेता को इस प्रकार का नोटिस मिलने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि मुझे कुछ मालूम नहीं। पार्टी को भेजे जवाब को सार्वजनिक करने के बारे में पूछा तो विज ने कहा कि मीडिया ही नहीं जवाब किसी के सामने भी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। वे बोले कि जो चिट्ठी लिखी है उसकी कतरनें जेब में डाल रखी हैं। घर जाकर जलाऊंगा।
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मीडिया से मिली नोटिस की जानकारी
नोटिस के सार्वजनिक होने पर विज ने कहा कि ये मीडिया में कैसे आया यह जांच का विषय है। दो लोगों के बीच में इतनी गोपनीय वार्ता है और वह मीडिया में कैसे आई। पार्टी चाहे तो जांच करा सकती है न चाहे तो कोई बात नही। उन्होंने कहा कि मुझे तो मीडिया से ही पता चला कि मुझे नोटिस दिया है। मंत्री विज के बयान देने के बाद वह अपने निवास पर आ गए। यहां पर पहले से ही उनके निकटतम कार्यकर्ता मौजूद थे। ऐसे में विज ने काफी देर तक कार्यकर्ताओं के साथ वार्ता की।
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मैं जितना याद कर सका उतना लिखकर दे दिया। बंद लिफाफे में आठ पन्ने का जवाब दिया है, जो गोपनीय है। उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। पार्टी की ओर से दिए नोटिस के सार्वजनिक होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस पर दो टूक कह दिया कि यह बहुत गोपनीय प्रक्रिया थी, मगर उन्हें मीडिया से नोटिस के संबंध में पता लगा। अब पार्टी इसकी जांच कराए या न कराए पार्टी की मर्जी। वहीं, नोटिस सार्वजनिक करने के बारे में यहां तक कह दिया कि जवाब जो रफ कागज पर लिखा है उसे भी घर जाकर जला देंगे।
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पहली बार प्रश्नों को टालते दिखे विज
मंत्री अनिल विज रोजाना छावनी के सदर बाजार में चाय पीते हैं। यहीं पर विज पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं। मगर इस बार उनका अंदाज बदला दिखाई दिया। उनसे जब पूछा कि आत्मा की आवाज से आप बोलते हैं, इस पर विज ने जवाब देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पत्रकारों ने पूछा कि इस प्रकार के नोटिस को कितना उचित मानते हैं। उन्होंने कहा प्रश्नों को मिक्स मत कीजिए और जवाब देने से मना कर दिया। पहले किसी नेता को इस प्रकार का नोटिस मिलने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि मुझे कुछ मालूम नहीं। पार्टी को भेजे जवाब को सार्वजनिक करने के बारे में पूछा तो विज ने कहा कि मीडिया ही नहीं जवाब किसी के सामने भी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। वे बोले कि जो चिट्ठी लिखी है उसकी कतरनें जेब में डाल रखी हैं। घर जाकर जलाऊंगा।
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मीडिया से मिली नोटिस की जानकारी
नोटिस के सार्वजनिक होने पर विज ने कहा कि ये मीडिया में कैसे आया यह जांच का विषय है। दो लोगों के बीच में इतनी गोपनीय वार्ता है और वह मीडिया में कैसे आई। पार्टी चाहे तो जांच करा सकती है न चाहे तो कोई बात नही। उन्होंने कहा कि मुझे तो मीडिया से ही पता चला कि मुझे नोटिस दिया है। मंत्री विज के बयान देने के बाद वह अपने निवास पर आ गए। यहां पर पहले से ही उनके निकटतम कार्यकर्ता मौजूद थे। ऐसे में विज ने काफी देर तक कार्यकर्ताओं के साथ वार्ता की।