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Ambala News: जम्मू, गोवा, पंजाब और हरियाणा में अपनी फुलकारी की छटा बिखेर रही अधोया की ऊषा रानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Mar 2025 01:17 AM IST
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Usha Rani of Adhoya is spreading the charm of her Phulkari in Jammu, Goa, Punjab and Haryana
अंबाला। शौक के चलते बचपन में शुरू किया फुलकारी का काम अब ऊषा रानी की पहचान बन चुका है। अधोया गांव की रहने वाली ऊषा रानी किसी नाम की मोहताज नहीं है। छह साल से हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर वह अपने ग्रुप की महिलाओं को तैयार कर रही हैं और उन्हें भी बैडशीट, कुशन, दुपट्टे और सूटों पर फुलकारी का काम सीखा रही हैं। वह जम्मू से गोवा, पंजाब से कोलकाता तक अपनी छटा बिखेर रही है। इसके साथ ही वह अपने द्वारा तैयार किए गए सामान को ट्रेड फेयर के माध्यम से लोगों के घरों में पहुंचा रही हैं।
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सभी महिलाओं को सीखा रही फुलकारी
अधोया गांव निवासी 50 वर्षीय ऊषा रानी ने बताया कि बचपन में उनकी मां घर में फुलकारी किया करती थी। उस दौरान वह दस साल की थी। मां को फुलकारी करते हुए देख उसके मन में भी फुलकारी करने का शौक जागा। इसके बाद वह भी सुईं, धागा और कपड़ा लेकर फुलकारी करने बैठ जाती थी। उस दौरान मां ने ऊषा को फुलकारी की बारीकियां सिखाई। ऊषा के अनुसार वर्ष 2001 में वह सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हुई थी। इसके बाद 2019 में वह हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से तहत न्यू लक्ष्मी ग्रुप से जुड़ गई। उसके ग्रुप में 10 महिलाएं हैं। अब वह सभी महिलाओं को फुलकारी सीखा रही हैं।
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देशभर में लगने वाले ट्रेड फेयर में जाता फुलकारी का सामान
ऊषा रानी ने बताया कि देशभर के राज्य पंजाब, उत्तराखंड, मुंबई, कोलकाता, गोवा, श्रीनगर, हरियाणा जा चुकी है। इसके साथ ही वह दिल्ली के प्रगति मैदान, सूरजकुंड मेला, गीता जयंती उत्सव में लगने वाले ट्रेड फेयर में उनके फुलकारी के सामान की सबसे ज्यादा डिमांड रहती हैं।
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हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जुड़कर बदली आर्थिक स्थिति
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद ऊषा रानी की आर्थिक स्थिति बदल गई। ऊषा के अनुसार उनके चार बच्चे हैं। उन्होंने एक बड़ी बेटी रेणु को एमबीए, दूसरी बेटी ज्योति को बीएड, बेटे गौरव को होटल मैनेजमेंट का कोर्स और बेटे विपिन को पोलिटेक्निक को कोर्स करवाया।
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