फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   twenty-two drivers license doubtful!

बाइस चालकों के लाइसेंस पर शक की सूई!

Tue, 11 Feb 2014 12:07 AM IST
अमर उजाला अंबाला
अमर उजाला अंबाला Updated Tue, 11 Feb 2014 12:07 AM IST
विज्ञापन
twenty-two drivers license doubtful!
अंबाला। रोडवेज डिपो में नियुक्त किए गए 22 चालकों के लाइसेंस पर रोडवेज विभाग की शक की सूई घूम रही है। विभाग इस वेरिफिकेशन में लगा है कि कहीं इन वाहन चालकों के लाइसेंस फर्जी तो नहीं हैं। बताया जाता है कि ये लाइसेंस झारखंड, नागालैंड से बनवाए गए हैं।
विज्ञापन


हालांकि विभाग ने 23 चालकों को तो ज्वाइन करवा दिया है। लेकिन जब तक इन 22 चालकाें के लाइसेंस की रिपोर्ट (वेरिफिकेशन) नहीं आ जाती, जब तक इनको पूरी तरह से ज्वाइन नहीं कराया जा सकता। ऐसे में अब विभाग रिपोर्ट का ही इंतजार कर रही है।
विज्ञापन


रोडवेज विभाग ने विगत दिनों 45 चालकों को ड्यूटी पर रखा था। चालक भर्ती तो कर लिए गए थे, लेकिन इनको पूरी तरह से ज्वाइन नहीं कराया गया था। इसी को लेकर पिछले दिनों हुई रोडवेज विभाग की हड़ताल के दौरान यह चालक ड्यूटी पर लिए गए थे। इनको पूरी तरह से ज्वाइन नहीं कराया गया। इसके बाद 23 चालकों को तो ज्वाइन करवा लिया गया, लेकिन 23 चालकों के लाइसेंस पर शक की सूई लटक गई। इन 23 चालकों के लाइसेंस झारखंड व नागालैंड से बनवाए गए हैं। नियम है कि हेवी वाहन चलाने का लाइसेंस लेने के लिए राशन कार्ड या अन्य दस्तावेज (जो पते को तसदीक करता हो) देना पड़ता है। यह तभी दिया जा सकता है, जब व्यक्ति वहां का रहने वाला हो। ऐसे में अब विभाग के लिए समस्या यह है कि जब तक इन 22 चालकों के लाइसेंस की रिपोर्ट नहीं मिल जाती कि यह उनके संबंधित विभाग द्वारा जारी किए गए हैं या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------

पूर्व में भी पकड़े थे फर्जी लाइसेंस
रोडवेज विभाग में ही पूर्व में करीब छह चालकों के लाइसेंस फर्जी पाए गए थे। इनके लाइसेंस भी विभिन्न प्रदेशों से बनवाए गए थे। विभाग ने जब इस संबंध में कार्रवाई की, तो पाया कि इन कर्मचारियों ने जो लाइसेंस बनवाए थे, वह फर्जी हैं। इसके लिए विभाग ने अपनी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी थी, जिस पर रोडवेज विभाग ने अंबाला डिपो को कार्रवाई के निर्देश भी दिये थे। लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
--------

स्कूली वाहन को टक्कर मारने वाले का था फर्जी लाइसेंस
करीब दो साल पहले साहा के निकट हुए हादसे, जिसमें करीब 15 बच्चों की मौत हुई थी, में जिस वाहन को ट्रक चालक ने टक्कर मारी थी, उसका लाइसेंस भी फर्जी पाया गया था। यह लाइसेंस नागालैंड से बनवाया गया था, जो बाद में हुई जांच में फर्जी पाया गया। इसके बाद हुई लगातार कार्रवाई के दौरान कुछ और लाइसेंस, जो अन्य प्रदेशों से बनवाए गए थे, आरटीए विभाग ने फर्जी पाए थे।

--------

‘विभाग इन 22 चालकों की लाइसेंस की वेरिफिकेशन करवा रही है। यह लाइसेंस झारखंड, नागालैंड से बनवाए गए हैं। वेरिफिकेशन रिपोर्ट में यदि लाइसेंस फर्जी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग ने टीमें बनाकर इन राज्यों में भेजी हैं, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट दे देंगी।’
- रविंदर पाठक, जीएम रोडवेज डिपो अंबाला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed