29 करोड़ रुपये खर्च कर मनाई धनतेरस
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सोमवार को धनतेरस के अवसर पर बाजारों में जमकर धन बरसा। वैसे तो ट्विनसिटी के बाजारों में जबरदस्त भीड़भाड़ रही, लेकिन कैंट और सिटी के सराफा, बर्तन और कपड़ा बाजार में कारोबार पूरी तरह बूम पर रहा। ट्विनसिटी के सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ ने जेवरातों की खूब बिक्री की। इस दौरान लोगों ने आने वाले शादियों के सीजन में होने वाले अपने बच्चों की शादियों के लिए जेवर खरीदे। सराफ कारोबारी विनय कुमार ने बताया कि धनतेरस पर लोग श्री लक्ष्मी, गणेश, जी की सोने व चांदी की मूर्तियां खरीदते हैं, चांदी की हटड़ी खरीदते हैं, लेकिन बहुत से लोग आने वाली मैरिज सीजन में होने वाले अपने बच्चों की शादियों के लिए भी इसी दिन को शुभ मानते हुए उनके लिए भी जेवर खरीदते हैं। सराफ कारोबारी सुधीर बिंदलास का कहना है कि बाजारों में अच्छी चलह-पहल रही। लोगों ने इस बार सोने और चांदी की विभिन्न इटेलियन आइटमों की अच्छी खरीददारी की।
कपड़ा बाजार में भी रही खूब रौनक अंबाला के कपड़ा मार्केट में भी धनतेरस के दिन खूब रौनक रही। दरअसल, अंबाला में उत्तर भारत का थोक कपड़ा बाजार है। जहां से विभिन्न राज्यों में थोक कपड़ा भेजा जाता है। मगर विभिन्न शहरों से लोग यहां शादियों के लिए भी खरीददारी करने आते हैं। धनतेरस के दिन को शुभ मानते हुए सोमवार को इस बाजार में विभिन्न शहरों से आए लोगों ने अपने बच्चों की होने वाली शादियों के लिए कपड़ों की खूब चाव के साथ खरीददारी की। जबकि स्थानीय लोगों ने भी त्यौहार के अवसर पर विभिन्न साड़ियों, सूटों व अन्य परिधानों की बिक्री की। कपड़ा कारोबारी पूर्णचंद शर्मा और अंकुर कहते हैं कि मार्केट में ग्राहकों का रुझान बहुत बढ़िया रहा और कई नई तरह की वैरायटियों के कपड़ों लोगों को खासे पसंद आए।
कसेरा बाजार में बर्तन लेने उमड़े लोग ट्विनसिटी के कसेरा बाजार में बर्तनों की खासी खरीददारी हुई। बाजार में पूरी तरह से जाम लगा रहा। कारोबारियों ने दुकानों से बाहर बर्तनों की बिक्री के लिए विशेष स्टाल रखे थे। पैदल चलना तक लोगों के लिए बहुत भारी पड़ रहा था। रात तक कैंट व सिटी के ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। बर्तन कारोबारी संजीव जिंदल का कहना है कि बाजार में अच्छी भीड़ रही और कारोबार भी ठीकठाक रहा। इस बार बर्तनों की एक्सक्लूसिव रेंज बाजारों में आई, जिसे ग्राहकों ने खासा पसंद किया।
शुभ मुहूर्त में लीं गाड़ियां अंबाला में चौपहिया और दोपहिया वाहनों के शोरूमों में भी अच्छी चहल-पहल रही। औसतन सभी शोरूमों से वाहनों की डिलीवरी लोगों ने ली। लोगों ने पसंदीदा कलर के वाहनों के लिए महीनों पहले बुकिंग करवा रखी थी, इन वाहनों की भी आज डिलवरी ग्राहकों को दी गई।
लोग बोले, महंगाई थोड़ी कम होती तो मजा आता हालांकि धनतेरस पर खूब धन बरसा। लेकिन लोगों को इस बात का मलाल रहा कि बाजारों में उन्हे महंगाई से जूझना पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि महंगाई थोड़ी काबू रहती, तो ज्यादा बेहतर रहता। ग्राहक तिलक राज मैत्रेय, बलकेश वत्स, एडवोकेट अनुराग, मनिंद्र आनंद व ओंकार नाथ परूथी ने बताया कि बाजारों में अच्छी चहल-पहल रही, लेकिन लोग महंगाई से परेशान रहे। हर चीज के नजायज दाम बढ़ाए गए हैं और इन दामों पर किसी का भी कोई नियंत्रण नहीं है। त्यौहार की आड़ में लोगों से अपेक्षाकृत ज्यादा वसूली की जा रही है। इसलिए सरकार महंगाई को काबू करे।
कुल इतने का कारोबार सराफा 18 करोड़ रुपये कपड़ा 5 करोड़ रुपये बर्तन एवं उपहार 2 करोड़ रुपये वाहन चार करोड़ रुपये