{"_id":"65e4c189947274f65d08eb71","slug":"trimurti-shiv-jayanti-mahotsav-celebrated-ambala-news-c-36-1-amb1003-119256-2024-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया
विज्ञापन
अंबाला। छावनी दयाल बाग स्थित ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र की ओर से 88वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव महेश नगर में मनाया। जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी ब्रह्माकुमार भारत भूषण रहे। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में सदा खुश रहने और सदा परमात्मा को प्रसन्न करने के लिए अपने जीवन में सात पी को धारण करना चाहिए। पहला पॉजिटिविटी हमेशा सकारात्मक सोचना है।
सकारात्मक बोलना और हमेशा सकारात्मक कार्य करना है। दूसरा प्रशंसा सदा सबको प्रोत्साहित करना है। तीसरा सदा विनम्र होकर रहना है। चौथा प्रैक्टिकल जिंदगी में हम जो भी दूसरों को करने को कहे वह पहले हम स्वयं करे। पांचवां संयम। उन्होंने कहा कि अगर हमारे अंदर संयम नहीं है तो हमें मरीज बनने में समय नहीं लगेगा। छठा सदा शरीर की पवित्रता के साथ-साथ अपने मन की पवित्रता भी रखनी है। सातवां प्रैक्टिस मेडिटेशन हर रोज स्वयं को परमात्मा से जोड़कर आत्मा की शक्तिशाली बनाए।
विज्ञापन
इस मौके पर महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विकास दास महाराज ने कहा कि जितना प्रेम हम अपने घर में अपने माता-पिता, पत्नी व बच्चों से करते है, अगर हम उतना ही प्यार उस परमात्मा से करेंगे तो हमारा बेड़ा पार हो जाएगा। फ्रांस से आए वरिष्ठ राजयोगी ब्रह्माकुमार मिशेल सीमन, राजयोगिनी कृष्णा दीदी ने भी संबोधित किया।
बराड़ा से आए राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने कहा कि हम परमपिता परमात्मा शिव को प्रेम से याद करके, अपने सभी पापों से मुक्त हो सकते हैं। अधिवक्ता ब्रह्माकुमार कमलेश गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कुमारी सना ने नृत्य से सभी का मनमोह लिया। ब्रह्माकुमार सुनील भाई ने गीत गाया। मंच संचालन राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शैली बहन ने किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी ब्रह्माकुमार भारत भूषण रहे। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में सदा खुश रहने और सदा परमात्मा को प्रसन्न करने के लिए अपने जीवन में सात पी को धारण करना चाहिए। पहला पॉजिटिविटी हमेशा सकारात्मक सोचना है।
विज्ञापन
सकारात्मक बोलना और हमेशा सकारात्मक कार्य करना है। दूसरा प्रशंसा सदा सबको प्रोत्साहित करना है। तीसरा सदा विनम्र होकर रहना है। चौथा प्रैक्टिकल जिंदगी में हम जो भी दूसरों को करने को कहे वह पहले हम स्वयं करे। पांचवां संयम। उन्होंने कहा कि अगर हमारे अंदर संयम नहीं है तो हमें मरीज बनने में समय नहीं लगेगा। छठा सदा शरीर की पवित्रता के साथ-साथ अपने मन की पवित्रता भी रखनी है। सातवां प्रैक्टिस मेडिटेशन हर रोज स्वयं को परमात्मा से जोड़कर आत्मा की शक्तिशाली बनाए।
विज्ञापन
इस मौके पर महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विकास दास महाराज ने कहा कि जितना प्रेम हम अपने घर में अपने माता-पिता, पत्नी व बच्चों से करते है, अगर हम उतना ही प्यार उस परमात्मा से करेंगे तो हमारा बेड़ा पार हो जाएगा। फ्रांस से आए वरिष्ठ राजयोगी ब्रह्माकुमार मिशेल सीमन, राजयोगिनी कृष्णा दीदी ने भी संबोधित किया।
बराड़ा से आए राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने कहा कि हम परमपिता परमात्मा शिव को प्रेम से याद करके, अपने सभी पापों से मुक्त हो सकते हैं। अधिवक्ता ब्रह्माकुमार कमलेश गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कुमारी सना ने नृत्य से सभी का मनमोह लिया। ब्रह्माकुमार सुनील भाई ने गीत गाया। मंच संचालन राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शैली बहन ने किया।