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108 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा, जगह-जगह फूलों से स्वागत
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Tricolor yatra came out with 108 meters long tricolor, welcomed with flowers everywhere
- फोटो : Ambala
अंबाला। छावनी के नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क से रविवार को शुरू हुई शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा में भाजपा कार्यकर्ताओं का हुुजूम उमड़ पड़ा। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सुभाष चंद बोस की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद जैसे ही यात्रा शुरू हुई तो पूरा माहौल वंदे मातरम, वंदे मातरम व भारत माता की जय आदि जयघोष से देशभक्ति के रंग में रंग गया। हाथों में तिरंगा झंडा लिए छावनी के आलू गोदाम, पूल चमेली, निकलसन रोड, पंजाबी मोहल्ला आदि बाजारों से यह यात्रा निकली।
गृहमंत्री अनिल विज ने भारी पुलिस बल की सुरक्षा के बीच कार में खड़े होकर लोगों को प्रोत्साहित किया। लोगों ने अपने घरों पर से ही यात्रा में शामिल होने वालों व मंत्री विज का फूलों की बौछार से स्वागत किया। इतना ही नहीं कहीं जगह तिलक भी लगाया गया। मंत्री विज ने कहा कि किसी भी देश का ध्वज उस देश का प्रतीक होता है और हम तिरंगा यात्रा के माध्यम से यही संदेश देना चाहते हैं कि हम जियेंगे तो राष्ट्र के लिए और मरेंगे तो राष्ट्र के लिए। आज हम अपने आन, बान, शान, सम्मान और जान तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए भारी संख्या में एकत्रित हुए हैं, जो हमारे मन में तिरंगे के सम्मान को दर्शाता है। यह यात्रा करीब दो घंटे के बाद वापस सुभाष पार्क में जाकर समाप्त हुई।
108 मीटर का तिरंगा रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र
शहीद सम्मान यात्रा में गीता गोपाल संस्था की ओर से लाया गया 108 मीटर तिरंगा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। भारी संख्या में युवा इस 108 मीटर तिरंगे को डंडों व लोहे के पाइप के जरिए हाथों में पकड़कर बाजारों से होकर गुजरे। बाजारों में जगह-जगह आतिशबाजी हुई तो वहीं रंग बिरंगे गुब्बारे भी हवा में छोड़े गए। जैसे ही यात्रा सदर बाजार चौक के पास पहुंची तो चंद मिनट के लिए बूंदाबांदी हो गई। ऐसे में गृहमंत्री विज कार की छत पर हाथ में तिरंगा लेकर खड़े रहे और छाता लेने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब इतने लोग बिना छाते के चल रहे हैं तो वह क्यों नहीं खड़े हो सकते।
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कोरोना नियमों का पालन करना भूला जिला प्रशासन
शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा में देशभक्ति की भावना लिए लोग तो उमड़ गए लेकिन कोविड-19 के नियमों की पालना करवाने के लिए खासे बंदोबस्त नहीं दिखे। केवल मास्क लगाने के अलावा सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। आलम यह था कि हजारों की संख्या में कार्यकर्ता भीड़ के बीच से गुजरते हुए जा रहे थे।
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गृहमंत्री अनिल विज ने भारी पुलिस बल की सुरक्षा के बीच कार में खड़े होकर लोगों को प्रोत्साहित किया। लोगों ने अपने घरों पर से ही यात्रा में शामिल होने वालों व मंत्री विज का फूलों की बौछार से स्वागत किया। इतना ही नहीं कहीं जगह तिलक भी लगाया गया। मंत्री विज ने कहा कि किसी भी देश का ध्वज उस देश का प्रतीक होता है और हम तिरंगा यात्रा के माध्यम से यही संदेश देना चाहते हैं कि हम जियेंगे तो राष्ट्र के लिए और मरेंगे तो राष्ट्र के लिए। आज हम अपने आन, बान, शान, सम्मान और जान तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए भारी संख्या में एकत्रित हुए हैं, जो हमारे मन में तिरंगे के सम्मान को दर्शाता है। यह यात्रा करीब दो घंटे के बाद वापस सुभाष पार्क में जाकर समाप्त हुई।
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108 मीटर का तिरंगा रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र
शहीद सम्मान यात्रा में गीता गोपाल संस्था की ओर से लाया गया 108 मीटर तिरंगा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। भारी संख्या में युवा इस 108 मीटर तिरंगे को डंडों व लोहे के पाइप के जरिए हाथों में पकड़कर बाजारों से होकर गुजरे। बाजारों में जगह-जगह आतिशबाजी हुई तो वहीं रंग बिरंगे गुब्बारे भी हवा में छोड़े गए। जैसे ही यात्रा सदर बाजार चौक के पास पहुंची तो चंद मिनट के लिए बूंदाबांदी हो गई। ऐसे में गृहमंत्री विज कार की छत पर हाथ में तिरंगा लेकर खड़े रहे और छाता लेने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब इतने लोग बिना छाते के चल रहे हैं तो वह क्यों नहीं खड़े हो सकते।
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शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा में देशभक्ति की भावना लिए लोग तो उमड़ गए लेकिन कोविड-19 के नियमों की पालना करवाने के लिए खासे बंदोबस्त नहीं दिखे। केवल मास्क लगाने के अलावा सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। आलम यह था कि हजारों की संख्या में कार्यकर्ता भीड़ के बीच से गुजरते हुए जा रहे थे।