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5 साल से एक जगह जमे रोडवेज सब इंस्पेक्टर सहित क्लर्क व इंस्पेक्टरों की बदलेगी कुर्सी
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रोडवेज में पांच साल से एक ही जगह बैठे सब इंस्पेक्टर, क्लर्क और इंस्पेक्टरों ऑनलाइन तबादले होंगे। शिक्षा विभाग की तरह अब यह प्रक्रिया निदेशक ट्रांसपोर्ट हरियाणा द्वारा अपनाई जाएगी। विभाग ने पत्र जारी कर महाप्रबंधकों और संबंधित कार्यालय को कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। तबादले के लिए कर्मचारियों स्वैच्छिक भागीदारी के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी देंगे।
तबादला नीति में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर किए और अब रोडवेज में भी इसी तर्ज पर ट्रांसफर होंगे। पहले फेज में रोडवेज में कार्यरत संब-इंस्पेक्टर के तबादले होंगे। इसके बाद क्लर्क व इंस्पेक्टर के तबादले होंगे। तबादला प्रक्रिया के तहत विभाग ने कर्मचारियों से पसंदीदा डिपो के नाम मांगे हैं।
दो साल पहले भी हुए थे कुछ तबादले
लगभग 2 साल पहले रोडवेज में कर्मचारियों की कमी को पूरी करने के लिए सरकार ने डेपुटेशन के आधार पर बड़ी संख्या में चालक-परिचालकों के तबादले किए थे। इसके तहत दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत ऐसे डिपो जहां पर चालक-परिचालकों की संख्या तय मानदंडों से अधिक थी, उनको कम कर्मचारी वाले डिपो में भेजा गया। इस वजह से कुछ कर्मचारी अपने घरों के समीप भी आ गए, लेकिन कुछ घरों से दूर हो गए थे।
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बुधवार से खुल गया पोर्टल
ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के लिए रोडवेज प्रबंधन द्वारा पोर्टल बुधवार से खोल दिया है। सब-इंस्पेक्टर श्रेणी के तहत ट्रांसफर के लिए पोर्टल 7 अप्रैल सुबह 11 बजे से 13 अप्रैल शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। इसी प्रकार क्लर्क और इंस्पेक्टर श्रेणी के लिए पोर्टल 16 अप्रैल सुबह 11 बजे से 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक खुला रहेगा।
तीन साल तक नहीं करवा सकेंगे बदली
विभागीय आदेशों में इस बात की भी जानकारी दी गई है कि अगर रोडवेज कर्मचारी एक बार स्वैच्छिक तौर पर पोर्टल की तबादला ड्राइव में भाग लेता है और उसका तबादला हो जाता है तो वह तीन साल से पहले अपना तबादला नहीं करवा पाएगा। स्वैच्छिक तबादला में हिस्सा लेने के लिए कर्मचारी का एक स्थान पर दो साल तक टिका होना अनिवार्य है।
वरिष्ठता के आधार पर मिलेगा स्टेशन
ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल पर हां का ऑप्शन देने के बाद कर्मचारी मनपसंद स्टेशन भरेगा। इसके बाद आयु के हिसाब से उसको पोर्टल पर नंबर मिलेंगे। आयु के अलावा क्लर्क, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान रोडवेज संचालन में कोई अहम भूमिका निभाई है तो एवरेज बेस पर उसके अतिरिक्त अंक जुड़ेंगे। यदि किसी कर्मचारी ने अपना मनपसंद स्टेशन मांगा है तो संबंधित डिपो में पोस्ट खाली होना अनिवार्य है, अन्यथा उस कर्मचारी का तबादला नहीं हो पाएगा।
अंबाला डिपो में भी हैं 200 कर्मचारी
निदेशक हरियाणा ट्रांसपोर्ट तबादला आदेशों का असर अंबाला डिपो में भी होगा। मौजूदा समय में लगभग क्लर्क, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर श्रेणी के कर्मचारियों की संख्या 150 से 200 के बीच है। इनमें काफी संख्या में कर्मचारी पिछले पांच साल से भी अधिक समय से यहां तैनात हैं। तबादला प्रक्रिया का असर ऐसे कर्मचारियों पर हो सकता है।
विकल्प में न भरने वालों के अगले चरण में होंगे तबादले
इस प्रक्रिया के दौरान जो कर्मचारी स्वेच्छा से विकल्प नहीं भरेगा उसके अगले चरण में विभाग खुद तबादले करेगा। ऐसे में लंबे समय से एक ही जगह जमे हुए कर्मचारियों की कुर्सी हर हाल में हिलेगी।
हेडक्वार्टर की तरफ से लिखित आदेश प्राप्त हुए हैं। तबादला प्रक्रिया के तहत आने वाले कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई है। उनकी सहायता के लिए दो विभागीय कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
- मनीष सहगल, महाप्रबंधक अंबाला डिपो।
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तबादला नीति में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर किए और अब रोडवेज में भी इसी तर्ज पर ट्रांसफर होंगे। पहले फेज में रोडवेज में कार्यरत संब-इंस्पेक्टर के तबादले होंगे। इसके बाद क्लर्क व इंस्पेक्टर के तबादले होंगे। तबादला प्रक्रिया के तहत विभाग ने कर्मचारियों से पसंदीदा डिपो के नाम मांगे हैं।
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दो साल पहले भी हुए थे कुछ तबादले
लगभग 2 साल पहले रोडवेज में कर्मचारियों की कमी को पूरी करने के लिए सरकार ने डेपुटेशन के आधार पर बड़ी संख्या में चालक-परिचालकों के तबादले किए थे। इसके तहत दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत ऐसे डिपो जहां पर चालक-परिचालकों की संख्या तय मानदंडों से अधिक थी, उनको कम कर्मचारी वाले डिपो में भेजा गया। इस वजह से कुछ कर्मचारी अपने घरों के समीप भी आ गए, लेकिन कुछ घरों से दूर हो गए थे।
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बुधवार से खुल गया पोर्टल
ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के लिए रोडवेज प्रबंधन द्वारा पोर्टल बुधवार से खोल दिया है। सब-इंस्पेक्टर श्रेणी के तहत ट्रांसफर के लिए पोर्टल 7 अप्रैल सुबह 11 बजे से 13 अप्रैल शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। इसी प्रकार क्लर्क और इंस्पेक्टर श्रेणी के लिए पोर्टल 16 अप्रैल सुबह 11 बजे से 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक खुला रहेगा।
तीन साल तक नहीं करवा सकेंगे बदली
विभागीय आदेशों में इस बात की भी जानकारी दी गई है कि अगर रोडवेज कर्मचारी एक बार स्वैच्छिक तौर पर पोर्टल की तबादला ड्राइव में भाग लेता है और उसका तबादला हो जाता है तो वह तीन साल से पहले अपना तबादला नहीं करवा पाएगा। स्वैच्छिक तबादला में हिस्सा लेने के लिए कर्मचारी का एक स्थान पर दो साल तक टिका होना अनिवार्य है।
वरिष्ठता के आधार पर मिलेगा स्टेशन
ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल पर हां का ऑप्शन देने के बाद कर्मचारी मनपसंद स्टेशन भरेगा। इसके बाद आयु के हिसाब से उसको पोर्टल पर नंबर मिलेंगे। आयु के अलावा क्लर्क, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान रोडवेज संचालन में कोई अहम भूमिका निभाई है तो एवरेज बेस पर उसके अतिरिक्त अंक जुड़ेंगे। यदि किसी कर्मचारी ने अपना मनपसंद स्टेशन मांगा है तो संबंधित डिपो में पोस्ट खाली होना अनिवार्य है, अन्यथा उस कर्मचारी का तबादला नहीं हो पाएगा।
अंबाला डिपो में भी हैं 200 कर्मचारी
निदेशक हरियाणा ट्रांसपोर्ट तबादला आदेशों का असर अंबाला डिपो में भी होगा। मौजूदा समय में लगभग क्लर्क, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर श्रेणी के कर्मचारियों की संख्या 150 से 200 के बीच है। इनमें काफी संख्या में कर्मचारी पिछले पांच साल से भी अधिक समय से यहां तैनात हैं। तबादला प्रक्रिया का असर ऐसे कर्मचारियों पर हो सकता है।
विकल्प में न भरने वालों के अगले चरण में होंगे तबादले
इस प्रक्रिया के दौरान जो कर्मचारी स्वेच्छा से विकल्प नहीं भरेगा उसके अगले चरण में विभाग खुद तबादले करेगा। ऐसे में लंबे समय से एक ही जगह जमे हुए कर्मचारियों की कुर्सी हर हाल में हिलेगी।
हेडक्वार्टर की तरफ से लिखित आदेश प्राप्त हुए हैं। तबादला प्रक्रिया के तहत आने वाले कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई है। उनकी सहायता के लिए दो विभागीय कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
- मनीष सहगल, महाप्रबंधक अंबाला डिपो।