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Ambala News: एमई चार्जशीट, डीआरओ और रिकॉर्ड कीपर का तबादला
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अंबाला सिटी। पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क और कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में 17 शिकायतें आईं। इसकी अध्यक्षता सहकारिता और जनस्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बनवारी लाल ने की।
बुधवार को सरकार एक्शन में दिखाई दी। पहले सीएम तो अब सहकारिता मंत्री। उन्होंने बैठक में नगर निगम से संबंधित एक लंबित शिकायत के मामले में मंत्री ने नगर निगम के एमई राज कुमार को चार्जशीट के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के तहत राजस्व रिकार्ड में लापरवाही पर रिकार्ड कीपर का तबादला करने को कहा। यही नहीं मंत्री ने इस मामले में फिलहाल डीआरओ का तबादला करने तक के निर्देश भी दे दिए।
इसके साथ-साथ इसी मामले की विजिलेंस जांच के भी निर्देश दिए। इससे पहले कष्ट निवारण समिति की बैठक में ऐसी सक्रियता नहीं दिखी। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने बुधवार के अंक में कष्ट निवारण समिति की पिछली बैठक में जिन मुद्दाें पर कार्रवाई नहीं होने की बात उठाई थी, उस पर आज कार्रवाई हुई।
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गौरतलब है कि इससे पहले सीएम मनोहर लाल ने भी जनसंवाद कार्यक्रम में नगर निगम के एसई का तबादला किया था। इस मौके पर उनके साथ डीसी डॉ. शालीन, एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा, नगर निगमायुक्त संगीता तेतरवाल और एडीसी अपराजिता मौजूद रहे।
पहला मामला
अधिकारी का ढुलमुल रवैया, चार्जशीट का कारण
रविदास बस्ती अंबाला शहर निवासी राजेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि रविदास बस्ती में सरकारी गोहर लगता है और रास्ते पर जमीन पर कब्जा किया है। इस मामले में नगर निगम के एमई ने मंत्री को बताया कि जिसने कब्जा किया है, उसे नोटिस दिया है। यदि वह कब्जा नहीं हटाता तो पुलिस की मदद से हटाया जाएगा। मंत्री ने इसमें शिकायत लंबित होने और अधिकारी की ढीली कार्रवाई पर एमई राजकुमार को चार्जशीट कर दिया।
दूसरा मामला
रिकॉर्ड रखने में लापरवाही, कार्रवाई
बब्याल स्थित किस्मत नगर निवासी राजबीर सिंह ने बिक्री प्रलेख नंबर राजस्व रिकार्ड बही में अलग रिकार्ड दिखाकर अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से इस काम को करने के बारे में और डीआरओ कार्यालय की कार्यप्रणाली ठीक नहीं होने के बारे में शिकायत रखी। इस मामले में जिला राजस्व अधिकारी ने मंत्री को बताया कि इसमें सेल डीड रद्द की है और संबंधित पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और चार्जशीट किया है। अब यह मामला आयुक्त कोर्ट में लंबित है। इस मामले में मंत्री ने प्रार्थी की शिकायत पर डीआरओ कार्यालय के रिकार्ड कीपर (एचआरए) को बदलने के निर्देश दिए और जांच विजिलेंस को दी।
तीसरा मामला
कार्रवाई करने की दी चेतावनी
घेलकलां निवासी स्वर्ण सिंह ने शिकायत में बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार को पाल रहा है। श्रम विभाग में उसने नियमानुसार अपनी बेटी की शादी के लिए जो राशि मिलती है। इसके लिए आवेदन भी किया है, लेकिन उसे अभी तक यह लाभ नहीं मिला। इसमें सहकारिता मंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी बैठक से पहले संबंधित प्रार्थी को नियमानुसार लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। यदि मामले में लापरवाही बरती तो कार्रवाई होगी।
चौथा मामला
जांची जाएगी दिल्ली पब्लिक स्कूल की मान्यता
शिकायतकर्ता अमित भल्ला ने बताया कि वह दिल्ली पब्लिक स्कूल में मैनेजर अकाउंट्स के पद पर 2008 से तैनात थे। मजबूर होकर इस्तीफा देना पड़ा। स्कूल की ओर से उसके बच्चों का रिपोर्ट कार्ड और टीसी नहीं दिए जाने के साथ-साथ सिक्योरिटी राशि वापस नहीं दी। उस पर गलत एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में मंत्री ने एसपी को निर्देश दिए कि वे इस मामले की जांच करें और यदि एफआईआर गलत है तो रद्द करें। प्रार्थी ने उसका वेतन और अन्य भत्ते भी रोकने की बात कही। इस मामले में मंत्री ने कहा कि स्कूल की ओरसे जो भत्ते रोके हैं, वे गलत है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस मामले में वे स्कूल से संबंधित मान्यता प्रमाण पत्रों की जांच करें। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बच्चों का रिपोर्ट कार्ड और टीसी दिला दी है।
पांचवां मामला
किस्त काटने में लापरवाही पर संबंधित पर हो विभागीय कार्रवाई
सौंडा से सेवानिवृत्त अध्यापिका पलविंद्र कौर ने बताया कि उसने घर बनाने के लिए विभाग से लोन लिया था। लोन चुकाने के बाद भी विभाग ने उसकी दो किश्तें अधिक काटीं। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त किश्तें वापिस कर दी हैं। प्रार्थी बोली कि उसका मानसिक शोषण हुआ है। मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस मामले में जिसने भी लापरवाही बरती है, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। उस लोन से काटी अतिरिक्त राशि का ब्याज सहित भुगतान हो। इस बारे वे मुख्यालय से पत्राचार करते हुए प्रार्थी को राहत दिलाएं।
जो अधिकारी, कर्मचारी अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं, उनको बदलने के बारे में भी कहा है। सरकार के लिए जनता के हित सर्वोपरि हैं और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के कार्यों में लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-बनवारी लाल, सहकारिता और जनस्वास्थ्य मंत्री
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बुधवार को सरकार एक्शन में दिखाई दी। पहले सीएम तो अब सहकारिता मंत्री। उन्होंने बैठक में नगर निगम से संबंधित एक लंबित शिकायत के मामले में मंत्री ने नगर निगम के एमई राज कुमार को चार्जशीट के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के तहत राजस्व रिकार्ड में लापरवाही पर रिकार्ड कीपर का तबादला करने को कहा। यही नहीं मंत्री ने इस मामले में फिलहाल डीआरओ का तबादला करने तक के निर्देश भी दे दिए।
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इसके साथ-साथ इसी मामले की विजिलेंस जांच के भी निर्देश दिए। इससे पहले कष्ट निवारण समिति की बैठक में ऐसी सक्रियता नहीं दिखी। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने बुधवार के अंक में कष्ट निवारण समिति की पिछली बैठक में जिन मुद्दाें पर कार्रवाई नहीं होने की बात उठाई थी, उस पर आज कार्रवाई हुई।
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गौरतलब है कि इससे पहले सीएम मनोहर लाल ने भी जनसंवाद कार्यक्रम में नगर निगम के एसई का तबादला किया था। इस मौके पर उनके साथ डीसी डॉ. शालीन, एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा, नगर निगमायुक्त संगीता तेतरवाल और एडीसी अपराजिता मौजूद रहे।
पहला मामला
अधिकारी का ढुलमुल रवैया, चार्जशीट का कारण
रविदास बस्ती अंबाला शहर निवासी राजेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि रविदास बस्ती में सरकारी गोहर लगता है और रास्ते पर जमीन पर कब्जा किया है। इस मामले में नगर निगम के एमई ने मंत्री को बताया कि जिसने कब्जा किया है, उसे नोटिस दिया है। यदि वह कब्जा नहीं हटाता तो पुलिस की मदद से हटाया जाएगा। मंत्री ने इसमें शिकायत लंबित होने और अधिकारी की ढीली कार्रवाई पर एमई राजकुमार को चार्जशीट कर दिया।
दूसरा मामला
रिकॉर्ड रखने में लापरवाही, कार्रवाई
बब्याल स्थित किस्मत नगर निवासी राजबीर सिंह ने बिक्री प्रलेख नंबर राजस्व रिकार्ड बही में अलग रिकार्ड दिखाकर अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से इस काम को करने के बारे में और डीआरओ कार्यालय की कार्यप्रणाली ठीक नहीं होने के बारे में शिकायत रखी। इस मामले में जिला राजस्व अधिकारी ने मंत्री को बताया कि इसमें सेल डीड रद्द की है और संबंधित पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और चार्जशीट किया है। अब यह मामला आयुक्त कोर्ट में लंबित है। इस मामले में मंत्री ने प्रार्थी की शिकायत पर डीआरओ कार्यालय के रिकार्ड कीपर (एचआरए) को बदलने के निर्देश दिए और जांच विजिलेंस को दी।
तीसरा मामला
कार्रवाई करने की दी चेतावनी
घेलकलां निवासी स्वर्ण सिंह ने शिकायत में बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार को पाल रहा है। श्रम विभाग में उसने नियमानुसार अपनी बेटी की शादी के लिए जो राशि मिलती है। इसके लिए आवेदन भी किया है, लेकिन उसे अभी तक यह लाभ नहीं मिला। इसमें सहकारिता मंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी बैठक से पहले संबंधित प्रार्थी को नियमानुसार लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। यदि मामले में लापरवाही बरती तो कार्रवाई होगी।
चौथा मामला
जांची जाएगी दिल्ली पब्लिक स्कूल की मान्यता
शिकायतकर्ता अमित भल्ला ने बताया कि वह दिल्ली पब्लिक स्कूल में मैनेजर अकाउंट्स के पद पर 2008 से तैनात थे। मजबूर होकर इस्तीफा देना पड़ा। स्कूल की ओर से उसके बच्चों का रिपोर्ट कार्ड और टीसी नहीं दिए जाने के साथ-साथ सिक्योरिटी राशि वापस नहीं दी। उस पर गलत एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में मंत्री ने एसपी को निर्देश दिए कि वे इस मामले की जांच करें और यदि एफआईआर गलत है तो रद्द करें। प्रार्थी ने उसका वेतन और अन्य भत्ते भी रोकने की बात कही। इस मामले में मंत्री ने कहा कि स्कूल की ओरसे जो भत्ते रोके हैं, वे गलत है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस मामले में वे स्कूल से संबंधित मान्यता प्रमाण पत्रों की जांच करें। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बच्चों का रिपोर्ट कार्ड और टीसी दिला दी है।
पांचवां मामला
किस्त काटने में लापरवाही पर संबंधित पर हो विभागीय कार्रवाई
सौंडा से सेवानिवृत्त अध्यापिका पलविंद्र कौर ने बताया कि उसने घर बनाने के लिए विभाग से लोन लिया था। लोन चुकाने के बाद भी विभाग ने उसकी दो किश्तें अधिक काटीं। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त किश्तें वापिस कर दी हैं। प्रार्थी बोली कि उसका मानसिक शोषण हुआ है। मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस मामले में जिसने भी लापरवाही बरती है, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। उस लोन से काटी अतिरिक्त राशि का ब्याज सहित भुगतान हो। इस बारे वे मुख्यालय से पत्राचार करते हुए प्रार्थी को राहत दिलाएं।
जो अधिकारी, कर्मचारी अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं, उनको बदलने के बारे में भी कहा है। सरकार के लिए जनता के हित सर्वोपरि हैं और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के कार्यों में लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-बनवारी लाल, सहकारिता और जनस्वास्थ्य मंत्री