फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Tradition going on for 52 years in Goga temple of Dalip Garh

Ambala News: दलीप गढ़ के गोगा मंदिर में 52 वर्षों से खिचड़ी की परंपरा

Tue, 13 Jan 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Tue, 13 Jan 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
Tradition going on for 52 years in Goga temple of Dalip Garh
अंबाला छावनी के बब्याल ​​​स्थित दलीप गढ़ में श्री गोगा मंदिर। प्रवक्ता
अंबाला। प्राचीन बब्याल गद्दी, श्री गोगा मंदिर दलीप गढ़ में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित खिचड़ी वितरण की 52 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। योगी दिनेश नाथ ने बताया कि इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी तिथि के संयोग के कारण यह पर्व 15 जनवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस परंपरा का इतिहास दिलचस्प है। मंदिर के योगी दिनेश नाथ ने बताया कि वर्ष 1973 में स्वर्गीय योगी शमशेरनाथ ने एक छोटी सी कड़ाही में खिचड़ी बनाकर बांटने की शुरुआत की थी, देखते ही देखते यह परंपरा विशाल रूप ले चुकी है। अब हर साल मकर संक्रांति पर लगभग ढाई क्विंटल देसी घी की खिचड़ी तैयार कर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं में वितरित की जाती है।
विज्ञापन

तिजोरी में रखते हैं खिचड़ी
ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर की खिचड़ी न केवल प्रसाद है, बल्कि समृद्धि का प्रतीक भी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां से सूखी खिचड़ी लेकर जाते हैं और उसे अपने घर की तिजोरी या लॉकर में बरकत के तौर पर रखते हैं। भक्तों का विश्वास है कि इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। सुबह 9 से 11 बजे तक बाबा गुरु गोरखनाथ जी का विशेष हवन होगा। इकबाल नाथ पार्टी द्वारा गुरु गोरखनाथ जी के भजनों का गुणगान किया जाएगा। दोपहर 12 बजे मुख्य आरती के पश्चात देसी घी की खिचड़ी का वितरण शुरू होगा, जो देर शाम तक निरंतर चलेगा। योगी दिनेश नाथ के अनुसार, सूर्य देव 14 जनवरी को दोपहर 3:06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे, चूंकि मकर संक्रांति में स्नान, दान और जप-तप का महत्व सूर्योदय के समय का माना गया है, और 14 जनवरी की शाम को एकादशी तिथि भी लग रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार 15 जनवरी को पर्व मनाना श्रेष्ठ है।
विज्ञापन

60 साल पुरानी मूर्तियों के होंगे दर्शन
मंदिर परिसर में जयपुर से लाई गई गुरु गोरखनाथ जी की भव्य प्रतिमा के साथ-साथ माता काली, हनुमान जी, दुर्गा माता और शीतला माता के मंदिर स्थापित हैं। यहां बाबा नाहरसिंह की 60 साल पुरानी मूर्ति, पीर की समाधि, महादेव मंदिर, नगर खेड़ा, माता सुरियल की समाधि और काल भैरों मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed