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Ambala News: कृषि विभगा के तीन अधिकारी सस्पेंड
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अंबाला सिटी। कृषि और किसान कल्याण विभाग निदेशालय ने पराली जलाने से नहीं रोक पाने के कारण एक अधिकारी और दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें एपीपीओ अंबाला शेखर कुमार, नारायणगढ़ खंड से कृषि इंस्पेक्टर विशाल और शहजादपुर से रमेश को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, पिछले दो दिन से जिले में एक भी केस पराली जलाने का सामने नहीं आया है।
प्रशासन ने बीते दिनों दो एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद से मामले सामने नहीं आए हैं। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में भाकियू शहीद भगत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। कृषि विभाग उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सैनी ने बताया कि निदेशालय की ओर से एक एपीपीओ समेत तीन को सस्पेंड किया गया है। पिछले दो दिन से एक भी मामला पराली जलाने का नहीं आया है। मंगलवार तक 41 किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड एंट्री किया गया है। वहीं, जिले में अभी तक 74 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं।
फोटो-45
यूनियन की चेतावनी, अधिकारी को बैठाएंगे
पराली जलाने पर किसानों को रेड एंट्री करने, एफआईआर और जुर्माना वसूलने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने मंगलवार को डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने बताया कि क्वालिटी कट के नाम पर किसानों का पैसा काटा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार की ओर से पराली जलाने के लिए जारी किए गए फरमान को तुरंत वापस लिया जाए। विभाग के पास किसानों को देने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने किसानों के साथ धक्का किया और पराली जलाने के नाम पर उनके चालान किए गए तो वह मौके पर पहुंचने वाले अधिकारियों को किसान वहीं पर बैठाएंगे। दरअसल, कृषि विभाग की ओर से पराली जलाने पर किसानों को जुर्माना किया जा रहा है। जिले में दो एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। यही नहीं सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पराली जलाने वाले किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड एंट्री किया जाए। वह किसान दो सीजन तक फसल नहीं बेच पाएंगे।
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प्रशासन ने बीते दिनों दो एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद से मामले सामने नहीं आए हैं। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में भाकियू शहीद भगत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। कृषि विभाग उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सैनी ने बताया कि निदेशालय की ओर से एक एपीपीओ समेत तीन को सस्पेंड किया गया है। पिछले दो दिन से एक भी मामला पराली जलाने का नहीं आया है। मंगलवार तक 41 किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड एंट्री किया गया है। वहीं, जिले में अभी तक 74 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं।
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यूनियन की चेतावनी, अधिकारी को बैठाएंगे
पराली जलाने पर किसानों को रेड एंट्री करने, एफआईआर और जुर्माना वसूलने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने मंगलवार को डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने बताया कि क्वालिटी कट के नाम पर किसानों का पैसा काटा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार की ओर से पराली जलाने के लिए जारी किए गए फरमान को तुरंत वापस लिया जाए। विभाग के पास किसानों को देने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने किसानों के साथ धक्का किया और पराली जलाने के नाम पर उनके चालान किए गए तो वह मौके पर पहुंचने वाले अधिकारियों को किसान वहीं पर बैठाएंगे। दरअसल, कृषि विभाग की ओर से पराली जलाने पर किसानों को जुर्माना किया जा रहा है। जिले में दो एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। यही नहीं सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पराली जलाने वाले किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड एंट्री किया जाए। वह किसान दो सीजन तक फसल नहीं बेच पाएंगे।
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