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बराड़ा में इस बार पराली जलाने की घटनाएं नगण्य : एसडीएम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। किसानों की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर इस वर्ष सुधार देखने को मिला है। बराड़ा के एसडीएम सतिंद्र सिवाच ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में फसल अवशेष जलाने की घटनाएं न के बराबर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की जागरूकता, प्रशासन के प्रयासों और विभिन्न विभागों के समन्वय का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन के आधुनिक और वैकल्पिक तरीकों को अपनाया है, जिनमें हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रोटावेटर, स्ट्रॉ रीपर और अन्य कृषि मशीनरी का उपयोग प्रमुख रहा। उन्होंने किसानों, किसान यूनियनों, ग्राम पंचायतों और सभी संबंधित विभागों को इस सराहनीय कार्य के लिए धन्यवाद किया।
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बराड़ा। किसानों की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर इस वर्ष सुधार देखने को मिला है। बराड़ा के एसडीएम सतिंद्र सिवाच ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में फसल अवशेष जलाने की घटनाएं न के बराबर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की जागरूकता, प्रशासन के प्रयासों और विभिन्न विभागों के समन्वय का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन के आधुनिक और वैकल्पिक तरीकों को अपनाया है, जिनमें हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रोटावेटर, स्ट्रॉ रीपर और अन्य कृषि मशीनरी का उपयोग प्रमुख रहा। उन्होंने किसानों, किसान यूनियनों, ग्राम पंचायतों और सभी संबंधित विभागों को इस सराहनीय कार्य के लिए धन्यवाद किया।
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