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Ambala News: बाढ़ नियंत्रण का घग्गर नदी पर कोई इंतजाम नहीं
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नदी के रास्ते में बनाई गई नालियाें में उगी घास व झाड़ियां। संवाद
अंबाला सिटी। हिमाचल से आने वाली घग्गर नदी ने पिछली बाढ़ में तबाही मचाई थी। इस कारण सैकड़ों एकड़ क्षेत्र जलमग्न हो गया था। नदी की जद में आने वाले 20 से अधिक गांव डूब गए थे। यहां तक कि गांवों का संपर्क टूट गया। इसके बावजूद प्रशासन ने सबक नहीं लिया।
घग्गर पर अभी तक बचाव के लिए कोई तैयारी नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो विभागीय अधिकारियों ने हालातों का जायजा भी नहीं लिया है। घग्गर नदी के किनारों को न तो ठीक किया गया है और न ही यहां पर खोदाई करवाई गई है। बारिश के समय यह नदी कई फुट तक भर जाती है।
घेल क्षेत्र में बनी नालियां भी साफ नहीं
नदी से पहले घेल क्षेत्र में बनी दोनों तरफ नालियां भी अभी तक साफ नहीं करवाई हैं। इन्हीं नालियाें में बाढ़ का पानी एकत्रित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ से बचने के लिए अभी तक पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में अगर बारिश अधिक हुई तो बाढ़ का खतरा बन सकता है।
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पुल का निर्माण का कार्य जारी
नदी के बीच में तीसरे पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसके लिए नदी के पानी को निकाला जा रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित शंभु टोल प्लाजा के पास नदी पर आने जाने के लिए दो पुल बनाए गए हैं। वहीं अब तीसरे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके लिए नदी का पानी भी निकाला जा रहा है। मगर बारिश के समय जलस्तर भी अधिक बढ़ जाएगा तो परेशानी हो सकती है।
बाढ़ में डूब गया था घर
घग्गर नदी के पास बड़ी घेल क्षेत्र में रहने वाले छोटा राम ने बताया कि 2023 में जो बाढ़ आई थी। उससे उनके घर में छह फुट तक पानी आ गया था। कई दिनों तक परिवार बाढ़ में फंसा रहा था। इतना ही नहीं इसके बाद भी नदी की खुदाई नहीं करवाई और न ही यहां पर पत्थरों के झाल लगाए गए हैं। नदी से पहले मार्ग पर दोनों तरफ बनी नालियों में भी घास उगी हुई है। मगर अभी तक यह भी साफ नहीं करवाई गई है।
टूट गया था बांधा
देवी नगर निवासी गुरदेव सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में जब बाढ़ आई थी तो घग्गर नदी का पानी इतना तेज बहाव के साथ आया था कि देवी नगर के साथ बने बांधा को भी तोड़ दिया था। इससे पूरे क्षेत्र में पानी भर गया था। कई दिनों तक उन्हें बिना बिजली के ही रहना पड़ा था। विभाग ने बांधा को रिपेयर तो करवाया था। मगर अब भी इतनी मजबूती नहीं है कि पानी को रोक सके। इसलिए बांध को के किनारों पर पत्थर के झाल डालने की जरूरत है।
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घग्गर पर अभी तक बचाव के लिए कोई तैयारी नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो विभागीय अधिकारियों ने हालातों का जायजा भी नहीं लिया है। घग्गर नदी के किनारों को न तो ठीक किया गया है और न ही यहां पर खोदाई करवाई गई है। बारिश के समय यह नदी कई फुट तक भर जाती है।
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घेल क्षेत्र में बनी नालियां भी साफ नहीं
नदी से पहले घेल क्षेत्र में बनी दोनों तरफ नालियां भी अभी तक साफ नहीं करवाई हैं। इन्हीं नालियाें में बाढ़ का पानी एकत्रित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ से बचने के लिए अभी तक पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में अगर बारिश अधिक हुई तो बाढ़ का खतरा बन सकता है।
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पुल का निर्माण का कार्य जारी
नदी के बीच में तीसरे पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसके लिए नदी के पानी को निकाला जा रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित शंभु टोल प्लाजा के पास नदी पर आने जाने के लिए दो पुल बनाए गए हैं। वहीं अब तीसरे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके लिए नदी का पानी भी निकाला जा रहा है। मगर बारिश के समय जलस्तर भी अधिक बढ़ जाएगा तो परेशानी हो सकती है।
बाढ़ में डूब गया था घर
घग्गर नदी के पास बड़ी घेल क्षेत्र में रहने वाले छोटा राम ने बताया कि 2023 में जो बाढ़ आई थी। उससे उनके घर में छह फुट तक पानी आ गया था। कई दिनों तक परिवार बाढ़ में फंसा रहा था। इतना ही नहीं इसके बाद भी नदी की खुदाई नहीं करवाई और न ही यहां पर पत्थरों के झाल लगाए गए हैं। नदी से पहले मार्ग पर दोनों तरफ बनी नालियों में भी घास उगी हुई है। मगर अभी तक यह भी साफ नहीं करवाई गई है।
टूट गया था बांधा
देवी नगर निवासी गुरदेव सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में जब बाढ़ आई थी तो घग्गर नदी का पानी इतना तेज बहाव के साथ आया था कि देवी नगर के साथ बने बांधा को भी तोड़ दिया था। इससे पूरे क्षेत्र में पानी भर गया था। कई दिनों तक उन्हें बिना बिजली के ही रहना पड़ा था। विभाग ने बांधा को रिपेयर तो करवाया था। मगर अब भी इतनी मजबूती नहीं है कि पानी को रोक सके। इसलिए बांध को के किनारों पर पत्थर के झाल डालने की जरूरत है।

नदी के रास्ते में बनाई गई नालियाें में उगी घास व झाड़ियां। संवाद

नदी के रास्ते में बनाई गई नालियाें में उगी घास व झाड़ियां। संवाद

नदी के रास्ते में बनाई गई नालियाें में उगी घास व झाड़ियां। संवाद