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Ambala News: छावनी के बब्याल में अव्यवस्थाओं का आलम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2025 12:41 AM IST
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There is chaos in the cantonment's Babyal
अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद
अंबाला। कांग्रेस का गढ़ रहे वार्ड पांच बब्याल में अव्यवस्थाओं का आलम है। टूटी सड़कें हादसों का कारण बन रही हैं तो रास्तों पर बिखरी गंदगी स्वच्छता पर ग्रहण लगा रही है। पूर्व पार्षद का कहना है कि सता पक्ष सहित प्रशासन और नगर परिषद ने क्षेत्र की की सुध ही नहीं ली।
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ऐसे में इस बार नप के चुनावों में नए समीकरण बन सकते हैं। वार्ड पांच में कुल मतदाताओं की संख्या 6232 है। इसमें 3219 पुरुष और 3012 महिलाओं सहित एक अन्य मतदाता है जोकि नप चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। इस बार का मुद्दा मूलभूत सुविधाओं का विस्तार रहेगा। इसमें सड़कें, गलियां, नालियां व गंदगी को प्रमुखता दी जाएगी। वोट मांगने वाले प्रत्याशियों से सुविधाओं के सुधार को लेकर आश्वासन लिया जाएगा और इसके बाद ही उन्हें वोट दी जाएगी।
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मुख्य चौराहे की टूटी लाइटें
बब्याल के चौराहे की मुख्य लाइटें पिछले कई महीनों से बंद हैं। यहां से एक रास्ता आनंद नगर, एक बिजली कार्यालय और एक बोह की तरफ जाता है। इस सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके लाइटों के सुधार को लेकर आजतक कोई भी प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पाई। जबकि इस मामले को लेकर दर्जनों शिकायतें नगर परिषद सहित बिजली निगम के कार्यालय में दी गई हैं।
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गड्ढों में सड़क
सेना क्षेत्र से बब्याल बिजली कार्यालय और इससे आगे रामगढ़ माजरा गांव की तरफ जाने वाली लिंक सड़क के हालात काफी बद्दतर हैं। यहां गड्ढों में सड़क का कुछ हिस्सा नजर आता है। इसी रास्ते पर जगह-जगह डंपिंग जोन बने हुए हैं। यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां भी उगी हुई हैं। जिन्हें साफ करने के लिए आज तक कुछ नहीं हुआ। वहीं मुख्य सड़कों पर कहीं भी डस्टबिन नजर नहीं आया। इस कारण लोग मजबूरी में खुले में कचरा फेंकने को मजबूर हैं।
फोटो-25
क्षेत्र की समस्याएं काफी हैं। कुछ जगह सड़कों का नवीनीकरण हुआ है तो कुछ को छोड़ दिया, क्योंकि यहां विपक्ष के लोग रहते हैं। इसलिए विकास कार्यों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता। खानापूर्ति के नाम पर कभी पेचवर्क हो जाए तो वो अलग बात है।
अजय ढंढरवाल।
फोटो-26
बब्याल क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या गंदगी की है। डंपिंग जोन न होने के कारण सड़कों पर कचरा बिखरा रहता है। लेकिन कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारी गायब हैं। शिकायत कर दो तो गंदगी साफ हो जाती है, अन्यथा कुछ नहीं होता।
जसविंदर पाल सिंह।
फोटो-27
मुख्य चौराहे की हालात बद से बद्दतर है। न तो यहां लाइटों का प्रबंध है और न ही चौक का निर्माण किया गया है। ऐसे में रोजाना कोई न कोई वाहन चालक चोटिल हो रहा है। दूसरी समस्या क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की भरमार है। लोग कुत्तों से भी बड़े परेशान हैं।
प्रवीण कुमार।
फोटो-28
ऐसा नहीं है कि बब्याल क्षेत्र में साफ-सफाई नहीं हो रही। स्ट्रीट लाइटों का टेंडर लगने वाला है, जहां कमी हाेगी ,वहां लाइटें लगा दी जाएंगी। नए डस्टबिन को लेकर भी सूची तैयार की गई है ताकि लोग खुले में गंदगी न फेंके।

रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप।

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

अंबाला छावनी के वार्ड नंबर पांच में सड़क किनारे बिखरी गंदगी। संवाद

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