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Ambala News: आयुष्मान में शिकायतें लंबित नहीं, फिर भी उपचार में गड़बड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Apr 2025 01:17 AM IST
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There are no pending complaints in Ayushman, yet there is irregularity in treatment
मंडौर में ​स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद
अंबाला सिटी। आयुष्मान भारत योजना ने लोगों को निजी अस्पताल में उपचार मिला है। इस योजना ने स्वास्थ्य की व्यवस्था को और मजबूत बनाया है। मगर कई मामले ऐसे भी देखने को मिले हैं जहां मरीज को उपचार के लिए धक्के खाने को मजबूर होना पड़ा है।
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इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते सात वर्षों में आयुष्मान योजना में स्वास्थ्य विभाग के पास 2294 शिकायतें आई हैं। यह सभी शिकायतें लिखित रूप से विभाग को मिली हैं। इनमें सीएमओ विंडो पर 12 तो व्यक्तिगत रूप से तो अन्य शिकायतें आयुष्मान योजना के पोर्टल (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण प्रणाली और अन्य पोर्टल) से प्राप्त हुई हैं।
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इनमें समाधान भी मिला है। मगर सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ऐसे कई पीड़ित भी हैं जिन्हें पहले तो निजी अस्पताल से उपचार नहीं मिला। बाद में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हस्तक्षेप करने के बाद अस्पताल ने उपचार किया। ऐसी समस्याओं का समाधान योजना में सात साल बाद भी चुनौती बना है।
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कुछ अस्पतालों पर मनमानी के आरोप
बीते सात वर्षों से आयुष्मान योजना के तहत निजी क्षेत्र के कुछ अस्पतालों पर मनमानी के आरोप भी लगे हैं। मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनका उपचार करने से मना कर दिया जाता है। मजबूरी में वह निजी अस्पताल को उपचार की राशि भुगतान कर देते हैं। कई बार मामला विवाद तक भी पहुंच जाता है। इसके अलावा वह अन्य अस्पताल में उपचार लेने चले जाते हैं।

अब तक इतने रुपये का हो चुका उपचार
आयुष्मान योजना के तहत जिला में छह लाख 19 हजार 60 लोग आयुष्मान योजना के तहत लाभ लेने के लिए पात्र हैं। जिनमें से पांच लाख 15 हजार 185 लोगों के कार्ड बनाए गए हैं। वर्ष 2018 से लेकर अभी तक अंबाला के एक लाख 28 हजार 148 मरीजों के लिए निजी व सरकारी अस्पतालों को 174 करोड़ 90 लाख 23 हजार 239 रुपये का उपचार मिल चुका है।

पैनल में अस्पतालों की बढ़ रही संख्या

आयुष्मान योजना के तहत प्रत्येक वर्ष निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ष 2023 में 43 निजी अस्पताल पैनल पर थे। जो बढ़कर अब 47 हो गए हैं। वहीं जिले में 26 सरकारी संस्थान हैं। इसके साथ कुल स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है।
वर्जन
हमारी ओर से योजना के तहत आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास रहता है। लिखित शिकायत के अलावा मौखिक शिकायतों पर भी संज्ञान लिया जाता है।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना अंबाला।
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