लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्री बंद होने के कारण चंडीगढ़ से पैदल ही लौट रहे प्रवासी मजदूरों से लूट हो गई। चार आरोपियों ने घेरकर इन मजदूरों से मोबाइल फोन व पैसे लूट लिए। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। उधर, पड़ाव पुलिस ने शिकायत आते ही संजीदगी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। अभी दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान कर ली है। अब उनकी ठिकानों पर रेड की जा रही है। दरअसल करनाल के गांव मूनक वासी रोहित कुमार ने पड़ाव पुलिस को शिकायत देकर बताया कि वह चंडीगढ़ स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। उत्तरप्रदेश के एटा का कर्मबीर सिंह और सौरव तथा हरिनाथ भी उसके साथ काम करते हैं। लेकिन कोरोना की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई है। वीरवार को वे पैदल ही चंडीगढ़ से घर के लिए निकले थे। वीरवार को रात करीब 12 बजे अंबाला कैंट में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे उन्हें तीन-चार युवकों ने घेर लिया। आरोपियों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मारपीट करने के बाद आरोपियों ने उन्हें सारा सामान उनके हवाला करने के आदेश दिए। आरोपी चारों युवकों के मोबाइल फोन के साथ 4100 रूपये भी लूटकर फरार हो गए।
एसएचओ अजायब सिंह ने बताया कि लूट की वारदात होने के तुरंत बाद ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई थी। परिवादियों के बताए हुलिए के आधार पर डेहा कॉलोनी में सर्च अभियान शुरू किया गया। जांच के दौरान ही वारदात में डेहा मंडी के थापा बंधु नगर के नितिन उर्फ चाटु, राकेश व डेहा मंडी के ही मास का हाथ होने के पुख्ता सबूत मिले। इसी आधार पर पुलिस ने राकेश व नितिन को काबू कर लिया। जबकि थापा व मास अभी फरार बताए जा रहे हैं।