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Ambala News: हवा की दिशा, पुल पर कम जगह और ड्रोन से फायरिंग रही सफल
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रणनीति एक
हवा की दिशा पंजाब की तरफ
अंबाला पुलिस की रणनीति किसानों के दिल्ली कूच के आह्वान के पहले दिन कामयाब रही। आंदोलनकारी किसान मुख्य बैरिकेडिंग की पहली लेयर को इसलिए भी नहीं तोड़ पाए, क्योंकि हवा अंबाला से पंजाब की तरफ चल रही थी। इससे जब आंसू गैस का पुलिस ने प्रहार किया तो उसकी गैस पंजाब की तरफ आई, जिससे आंदोलनकारियों का मोर्चे पर टिकना चुनौती बन गया।
रणनीति दो
घग्गर के ऊपर बने पुल का इस्तेमाल
घग्गर के पुल पर गलियारा में नाका लगाना भी पुलिस की रणनीति का हिस्सा था। इसमें रणनीति थी कि पंजाब की तरफ एक कंकरीट का नाका टूट भी गया तो किसान गलियारे में आएंगे और इस दौरान उन्हें आंसू गैस के गोले दागकर रोका जा सकेगा, क्योंकि पुलिस के दोनों तरफ गहरी खाई है ऐसे में उन्हें वापस लौटना पड़ेगा। रणनीति कारगर रही और मंगलवार को ठीक ऐसा ही हुआ। इस गलियारे में आंदोलनकारी किसानों ने 21 बार प्रयास किया मगर हर बार उन्हें वापस ही लौटना पड़ा।
रणनीति तीन
ड्रोन से आंसू गैस के गोले दागना
ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराने का पहली बार प्रयोग किया। पुलिस अधिकारियों ने ड्रोन के कैमरे में आंदोलनकारी देखे और वहीं लगातार आंसू गैस के गोले गिरा दिए। इससे भीड़ को बार्डर से दूर करने में मदद मिली।
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रणनीति चार
सूचना के लिए संपर्क तोड़ा
पुलिस ने जैमर का प्रयोग किया, जिससे पंजाब के कई किलोमीटर तक न ताे मोबाइल के नेटवर्क आ रहे थे और न ही इंटरनेट चल रहा था। जिसके कारण आंदोलनकारी किसानों को एक-दूसरे से संपर्क साधने में भी दिक्कत हो रही थी।
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हवा की दिशा पंजाब की तरफ
अंबाला पुलिस की रणनीति किसानों के दिल्ली कूच के आह्वान के पहले दिन कामयाब रही। आंदोलनकारी किसान मुख्य बैरिकेडिंग की पहली लेयर को इसलिए भी नहीं तोड़ पाए, क्योंकि हवा अंबाला से पंजाब की तरफ चल रही थी। इससे जब आंसू गैस का पुलिस ने प्रहार किया तो उसकी गैस पंजाब की तरफ आई, जिससे आंदोलनकारियों का मोर्चे पर टिकना चुनौती बन गया।
रणनीति दो
घग्गर के ऊपर बने पुल का इस्तेमाल
घग्गर के पुल पर गलियारा में नाका लगाना भी पुलिस की रणनीति का हिस्सा था। इसमें रणनीति थी कि पंजाब की तरफ एक कंकरीट का नाका टूट भी गया तो किसान गलियारे में आएंगे और इस दौरान उन्हें आंसू गैस के गोले दागकर रोका जा सकेगा, क्योंकि पुलिस के दोनों तरफ गहरी खाई है ऐसे में उन्हें वापस लौटना पड़ेगा। रणनीति कारगर रही और मंगलवार को ठीक ऐसा ही हुआ। इस गलियारे में आंदोलनकारी किसानों ने 21 बार प्रयास किया मगर हर बार उन्हें वापस ही लौटना पड़ा।
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रणनीति तीन
ड्रोन से आंसू गैस के गोले दागना
ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराने का पहली बार प्रयोग किया। पुलिस अधिकारियों ने ड्रोन के कैमरे में आंदोलनकारी देखे और वहीं लगातार आंसू गैस के गोले गिरा दिए। इससे भीड़ को बार्डर से दूर करने में मदद मिली।
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रणनीति चार
सूचना के लिए संपर्क तोड़ा
पुलिस ने जैमर का प्रयोग किया, जिससे पंजाब के कई किलोमीटर तक न ताे मोबाइल के नेटवर्क आ रहे थे और न ही इंटरनेट चल रहा था। जिसके कारण आंदोलनकारी किसानों को एक-दूसरे से संपर्क साधने में भी दिक्कत हो रही थी।