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Ambala News: बेटा हरिद्वार से लाना चाहता था कांवड़, मां बन गई सहारा
Wed, 16 Jul 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 16 Jul 2025 06:03 AM IST
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अंबाला। सावन में हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले कांवड़ियों की भक्ति के चर्चे हर तरफ हो रहे हैं। चडीगढ़ पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाने वाले कांवडिए अंबाला में विश्राम ले रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को पंजाब के पटियाला स्थित गुरबक्श कॉलोनी निवासी रेणु बाला भी अंबाला पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह पटियाला में आशावर्कर हैं। पिछले साल उनके छोटे बेटे जतिन ने दोस्तों को हरिद्वार से कांवड़ लाते देखा तो उसके मन में भी कांवड़ लाने की इच्छा जागी। जतिन नेअकेले जाने के लिए कहा तो मां को संकोच हुआ। उन्होंने बेटे की इच्छा और भक्ति के सामने खुद के मन को तैयार कर लिया। जब मां बेटा राजी हुए तो पूरा परिवार साथ हो लिया।
11 दिन की है यात्रा
वह 10 जुलाई को कांवड़ लेने के लिए घर से चले थे। 11 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल भरा और घर के लिए पैदल ही चल दिए। इस अनूठी यात्रा में पति नवीन कुमार, बडे़ बेटे हर्ष और छोटे बेटे जतिन के साथ 11 दिन की पैदल कांवड़ लेकर घर जा रही हैं। यह उनकी दूसरी कांवड़ है। उन्होंने बताया कि उन्हें 20 जुलाई को घर पहुंचना है ओर 21 जुलाई को कॉलोनी के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
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11 दिन की है यात्रा
वह 10 जुलाई को कांवड़ लेने के लिए घर से चले थे। 11 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल भरा और घर के लिए पैदल ही चल दिए। इस अनूठी यात्रा में पति नवीन कुमार, बडे़ बेटे हर्ष और छोटे बेटे जतिन के साथ 11 दिन की पैदल कांवड़ लेकर घर जा रही हैं। यह उनकी दूसरी कांवड़ है। उन्होंने बताया कि उन्हें 20 जुलाई को घर पहुंचना है ओर 21 जुलाई को कॉलोनी के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
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