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गड़बड़झाले से बचने को हुई फर्स्ट वेरिफिकेशन
अमर उजाला अंबाला
Updated Fri, 21 Feb 2014 12:52 AM IST
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अंबाला। रोडवेज में किसी भी गड़बड़झाले से बचने के लिए हाल ही में रोडवेज में भर्ती हुए चालकों के हेवी लाइसेंस की फर्स्ट वेरिफिकेशन करवाई गई। विभाग नहीं चाहता था कि किसी अन्य प्रक्रिया के तहत इन लाइसेंस की वेरिफिकेशन करवाई जाए। इसी के चलते रोडवेज ने अपनी टीमें दूसरे राज्यों में भेजी हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला रोडवेज विभाग में हाल ही में 45 चालकों की तैनाती की गई है। लेकिन इनके हेवी लाइसेंसों की वेरिफिकेशन नहीं हुई थी। हेवी लाइसेंसों की बिना वेरिफिकेशन के इनकी तैनाती नहीं हो सकती थी। इसी को लेकर रोडवेज विभाग ने फर्स्ट वेरिफिकेशन (जहां से लाइसेंस बना, सीधे वहीं से वेरिफिकेशन करवाना) करवाई। सूत्र बताते हैं कि हालांकि विभाग पत्राचार अथवा अन्य संबंधित विभाग से भी यह वेरिफिकेशन करवा सकता था, लेकिन इस में कथित तौर पर गड़बड़झाले की आशंका थी।
इसी के चलते विभाग ने इन सभी की फर्स्ट वेरिफिकेशन ही करवानी बेहतर समझी। इसी कारण से विभाग ने अपनी टीमें उन राज्यों में भेजी जहां से लाइसेंस बनाए गए थे। लाइसेंस को रिन्यू करवाने के लिए आरटीए विभाग कार्य करता है, लेकिन यहां से भी रोडवेज विभाग ने इन हैवी लाइसेंसों की वेरिफिकेशन नहीं करवाई।
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‘रिन्यू के लिए जो भी हैवी लाइसेंस आता है, उसे पूरी तरह से जांचकर ही रिन्यू किया जाता है। इसके लिए उस राज्य के संबंधित विभाग से जानकारी ली जाती है। जानकारी मिलने के बाद ही इसे रिन्यू किया जाता है।’
- गोविंद, सहायक सचिव आरटीए, अंबाला
‘चालकाें के हैवी लाइसेंस की वेरिफिकेशन के लिए टीम भेजी गई हैं। यह टीम संबंधित विभाग को लिखित में पत्र देगी, जिसके बाद लिखित में लाइसेंस की स्थिति की रिपोर्ट होगी। इसी पर आगे कार्रवाई हो रही है।’
- रविंदर पाठक, जीएम रोडवेज अंबाला
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उल्लेखनीय है कि जिला रोडवेज विभाग में हाल ही में 45 चालकों की तैनाती की गई है। लेकिन इनके हेवी लाइसेंसों की वेरिफिकेशन नहीं हुई थी। हेवी लाइसेंसों की बिना वेरिफिकेशन के इनकी तैनाती नहीं हो सकती थी। इसी को लेकर रोडवेज विभाग ने फर्स्ट वेरिफिकेशन (जहां से लाइसेंस बना, सीधे वहीं से वेरिफिकेशन करवाना) करवाई। सूत्र बताते हैं कि हालांकि विभाग पत्राचार अथवा अन्य संबंधित विभाग से भी यह वेरिफिकेशन करवा सकता था, लेकिन इस में कथित तौर पर गड़बड़झाले की आशंका थी।
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इसी के चलते विभाग ने इन सभी की फर्स्ट वेरिफिकेशन ही करवानी बेहतर समझी। इसी कारण से विभाग ने अपनी टीमें उन राज्यों में भेजी जहां से लाइसेंस बनाए गए थे। लाइसेंस को रिन्यू करवाने के लिए आरटीए विभाग कार्य करता है, लेकिन यहां से भी रोडवेज विभाग ने इन हैवी लाइसेंसों की वेरिफिकेशन नहीं करवाई।
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‘रिन्यू के लिए जो भी हैवी लाइसेंस आता है, उसे पूरी तरह से जांचकर ही रिन्यू किया जाता है। इसके लिए उस राज्य के संबंधित विभाग से जानकारी ली जाती है। जानकारी मिलने के बाद ही इसे रिन्यू किया जाता है।’
- गोविंद, सहायक सचिव आरटीए, अंबाला
‘चालकाें के हैवी लाइसेंस की वेरिफिकेशन के लिए टीम भेजी गई हैं। यह टीम संबंधित विभाग को लिखित में पत्र देगी, जिसके बाद लिखित में लाइसेंस की स्थिति की रिपोर्ट होगी। इसी पर आगे कार्रवाई हो रही है।’
- रविंदर पाठक, जीएम रोडवेज अंबाला