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Ambala News: कैंट रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की योजना अधर में
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो
अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की योजना अधर में लटक गई है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) रेलवे स्टेशन का नक्शा ही तैयार नहीं कर पाई।
जबकि अप्रैल माह में विशेषज्ञों की टीम ने कैंट स्टेशन का निरीक्षण किया था। वाणिज्य विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से मंत्रणा करने के बाद नक्शे के स्वरूप को तैयार करने का फैसला किया था, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी रेलवे स्टेशन के नक्शे के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।
इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंडल रेल प्रबंधक की तरफ से रेलवे को पत्र लिखा है कि आरएलडीए सकारात्मक रुख नहीं दिखा रही और अभी तक नक्शा भी तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय अधिकारियों की लाख कोशिशों के बाद भी अंबाला कैंट का रेलवे स्टेशन विश्वस्तरीय बनने के सपने को पूरा नहीं कर पाया है।
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पांच साल से चल रही योजना
रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित और हवाई अड्डे की तर्ज पर तैयार करने का सपना पिछले पांच वर्षों से देखा जा रहा है जोकि आजतक धरातल पर नहीं उतर पाया। इस दौरान फ्रांस की टीम ने कई दिनों तक स्टेशन पर डेरा डाला, वहीं चंडीगढ़ के आर्किटेक्ट कॉलेज के विशेषज्ञ भी दर्जनों बार स्टेशन पर आए और उन्होंने नक्शे का स्वरुप भी तैयार किया, लेकिन उनकी मेहनत व कार्यवाही भी व्यर्थ साबित हुई।
इसके बाद इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आईआरएसडीसी) एजेंसी को नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। कुछ समय बाद इस एजेंसी को भी बंद कर दिया गया। अब आरएलडीए को रेलवे स्टेशनों के नवीनीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें अंबाला मंडल के चंडीगढ़ और सहारनपुर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। हालांकि अंबाला का नंबर कब आएगा, इसकी जानकारी नहीं है, जबकि आगामी कुछ माह में मौजूद रेल प्रबंधक का तबादला भी निर्धारित है।
वर्जन
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के कई बार प्रयास किए गए, लेकिन आरएलडीए नक्शा ही तैयार नहीं कर पाई। इसलिए अब पत्र लिखकर रेलवे को इसकी जानकारी दी गई है, जिससे कि आगामी जो भी कार्रवाई है वो हो सके।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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जबकि अप्रैल माह में विशेषज्ञों की टीम ने कैंट स्टेशन का निरीक्षण किया था। वाणिज्य विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से मंत्रणा करने के बाद नक्शे के स्वरूप को तैयार करने का फैसला किया था, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी रेलवे स्टेशन के नक्शे के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।
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इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंडल रेल प्रबंधक की तरफ से रेलवे को पत्र लिखा है कि आरएलडीए सकारात्मक रुख नहीं दिखा रही और अभी तक नक्शा भी तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय अधिकारियों की लाख कोशिशों के बाद भी अंबाला कैंट का रेलवे स्टेशन विश्वस्तरीय बनने के सपने को पूरा नहीं कर पाया है।
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पांच साल से चल रही योजना
रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित और हवाई अड्डे की तर्ज पर तैयार करने का सपना पिछले पांच वर्षों से देखा जा रहा है जोकि आजतक धरातल पर नहीं उतर पाया। इस दौरान फ्रांस की टीम ने कई दिनों तक स्टेशन पर डेरा डाला, वहीं चंडीगढ़ के आर्किटेक्ट कॉलेज के विशेषज्ञ भी दर्जनों बार स्टेशन पर आए और उन्होंने नक्शे का स्वरुप भी तैयार किया, लेकिन उनकी मेहनत व कार्यवाही भी व्यर्थ साबित हुई।
इसके बाद इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आईआरएसडीसी) एजेंसी को नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। कुछ समय बाद इस एजेंसी को भी बंद कर दिया गया। अब आरएलडीए को रेलवे स्टेशनों के नवीनीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें अंबाला मंडल के चंडीगढ़ और सहारनपुर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। हालांकि अंबाला का नंबर कब आएगा, इसकी जानकारी नहीं है, जबकि आगामी कुछ माह में मौजूद रेल प्रबंधक का तबादला भी निर्धारित है।
वर्जन
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के कई बार प्रयास किए गए, लेकिन आरएलडीए नक्शा ही तैयार नहीं कर पाई। इसलिए अब पत्र लिखकर रेलवे को इसकी जानकारी दी गई है, जिससे कि आगामी जो भी कार्रवाई है वो हो सके।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।