{"_id":"64cc1db31d7dcab4bb006434","slug":"the-nap-team-reached-to-remove-the-thongs-of-the-shops-the-shopkeepers-protested-ambala-news-c-36-1-amb1001-7933-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: दुकानों के थड़े हटाने पहुंची नप टीम, दुकानदारों ने किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: दुकानों के थड़े हटाने पहुंची नप टीम, दुकानदारों ने किया विरोध
विज्ञापन
अंबाला। नगर परिषद ने सीवरेज पाइप डालने के बाद न तो उस पर डिवाइडर बनाया गया और न ही उसे पक्का किया। स्थानीय दुकानदारों ने हजारों रुपये खर्च करके इसे टाइल्स लगाकर पक्का करवाया तो नगर परिषद के अधिकारी इसे तोड़ने के लिए वीरवार सुबह करीब 10.30 बजे अंबाला कैंट के सदर बाजार पहुंचे गए। दुकानदारों ने नगर परिषद की इस कार्रवाई पर विरोध जताया और कुछ दुकानदार तो जेसीबी के आगे अड़ गए।
इस दौरान नगर परिषद की टीम ने करीब ढाई घंटे की कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों के थड़े तोड़ दिए गए। उन्होंने साथ लगती दुकानों पर भी कार्रवाई की मांग की गई तो नप ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नप की ये कार्रवाई पक्षपात पूर्ण कार्रवाई है। इसमें रसूखदारों को बख्श दिया गया और उनकी दुकानों के थड़ों को तोड़ दिया गया। लोगों के विरोध को देखते हुए मौके पर मौजूद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने कार्रवाई को रोक दिया। वहीं स्थानीय दुकानदारों को पांच दिन में खुद ही अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने दुकानों के बाहर निशानदेही करवाने का आश्वासन भी दिया ताकि दुकानदार निर्धारित जगह तक ही दुकान से संबंधित निर्माण कर सकें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
एक साल बाद आई सुध
सीवरेज पाइप डालने के बाद जब नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की तो दुकानदारों ने नाले के ऊपर ही निर्माण शुरू कर दिया। किसी ने थड़ा बना लिया तो किसी ने शटर लगा दिया। कुछ दुकानों तो नाले के ऊपर ही बना दी गई। मामला संज्ञान में आने के बाद भी नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि इस दौरान कुछ दुकानदारों को नोटिस भी दिए गए। लेकिन किसी ने भी सरकारी नाले के ऊपर से अतिक्रमण नहीं हटाया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
फोटो-12
बाजारों की हालात काफी खस्ता है। बाढ़ के कारण पहले ही दुकानदार मंदी की मार झेल रहे हैं और अब यह तोड़फोड़ की कार्रवाई परेशानी बन गई है। त्योहार भी आने वाले हैं। नगर परिषद की बिना योजना के यह कार्रवाई लोगों की परेशानी का कारण बन गई है। थड़े तोड़ने के बाद यहां कब निर्माण होगा, इसकी भी जानकारी किसी के पास नहीं है।
अजय गुलाटी, प्रधान, सदर बाजार एसोसिएशन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
फोटो-13
दुकानों के आगे बने थड़ों को तोड़ने के लिए कोई भी नोटिस नहीं दिया गया। एक दम से कार्रवाई की गई। जबकि नोटिस देकर कुछ समय देना चाहिए था ताकि दुकानदार खुद ही थड़े तोड़ देते। यह तो गलत है।
सुनील मित्तल, दुकानदार
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
फोटो-14
कोई मापदंड नहीं
नगर परिषद के पास कोई योजना कोई मापदंड नहीं है। किस हिसाब से थड़े तोड़े जा रहे हैं। पहले पाइप डालकर दुकानों के आगे रास्ता अधूरा छोड़ दिया गया। जब दुकानदारों ने अपने पैसे से थड़े बनवाए ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो तो नगर परिषद के अधिकारी इसे तोड़ने के लिए आ गए।
अंकित बजाज, दुकानदार
-- -- -- -- -- -- -- --
फोटो-15
बाढ़ के बाद से काम ठप्प
9 जुलाई को बाढ़ आई थी। दुकानों में भी पानी भर गया था। अभी तक दुकानदारी ठप पड़ी है। मुश्किल से दुकानों के आगे का रास्ता ठीक करवाया था, लेकिन अब नगर परिषद इसे तोड़ने के लिए आ गया है जबकि उनके पास आगामी क्या योजना है, उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं है।
योगेश, दुकानदार
-- -- -- -- -- -- -- -- -
सदर क्षेत्र में सीवरेज पाइप के ऊपर ही दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया था। इसे हटाने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए थे और मुनादी भी कार्रवाई गई, लेकिन किसी ने भी थड़े नहीं तोड़े। जब वीरवार सुबह कार्रवाई करने के लिए बाजार में गए तो कुछ दुकानदारों ने विरोध जताया और आग्रह किया कि उन्हें कुछ समय दिया जाए ताकि वो खुद थड़े तोड़ दें। इसलिए उन्हें पांच दिन का समय दिया गया है। इसके बाद नप खुद कार्रवाई करेगी। इसके लिए निशानदेही भी की जाएगी।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
इस दौरान नगर परिषद की टीम ने करीब ढाई घंटे की कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों के थड़े तोड़ दिए गए। उन्होंने साथ लगती दुकानों पर भी कार्रवाई की मांग की गई तो नप ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नप की ये कार्रवाई पक्षपात पूर्ण कार्रवाई है। इसमें रसूखदारों को बख्श दिया गया और उनकी दुकानों के थड़ों को तोड़ दिया गया। लोगों के विरोध को देखते हुए मौके पर मौजूद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने कार्रवाई को रोक दिया। वहीं स्थानीय दुकानदारों को पांच दिन में खुद ही अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने दुकानों के बाहर निशानदेही करवाने का आश्वासन भी दिया ताकि दुकानदार निर्धारित जगह तक ही दुकान से संबंधित निर्माण कर सकें।
विज्ञापन
एक साल बाद आई सुध
सीवरेज पाइप डालने के बाद जब नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की तो दुकानदारों ने नाले के ऊपर ही निर्माण शुरू कर दिया। किसी ने थड़ा बना लिया तो किसी ने शटर लगा दिया। कुछ दुकानों तो नाले के ऊपर ही बना दी गई। मामला संज्ञान में आने के बाद भी नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि इस दौरान कुछ दुकानदारों को नोटिस भी दिए गए। लेकिन किसी ने भी सरकारी नाले के ऊपर से अतिक्रमण नहीं हटाया।
विज्ञापन
फोटो-12
बाजारों की हालात काफी खस्ता है। बाढ़ के कारण पहले ही दुकानदार मंदी की मार झेल रहे हैं और अब यह तोड़फोड़ की कार्रवाई परेशानी बन गई है। त्योहार भी आने वाले हैं। नगर परिषद की बिना योजना के यह कार्रवाई लोगों की परेशानी का कारण बन गई है। थड़े तोड़ने के बाद यहां कब निर्माण होगा, इसकी भी जानकारी किसी के पास नहीं है।
अजय गुलाटी, प्रधान, सदर बाजार एसोसिएशन
फोटो-13
दुकानों के आगे बने थड़ों को तोड़ने के लिए कोई भी नोटिस नहीं दिया गया। एक दम से कार्रवाई की गई। जबकि नोटिस देकर कुछ समय देना चाहिए था ताकि दुकानदार खुद ही थड़े तोड़ देते। यह तो गलत है।
सुनील मित्तल, दुकानदार
फोटो-14
कोई मापदंड नहीं
नगर परिषद के पास कोई योजना कोई मापदंड नहीं है। किस हिसाब से थड़े तोड़े जा रहे हैं। पहले पाइप डालकर दुकानों के आगे रास्ता अधूरा छोड़ दिया गया। जब दुकानदारों ने अपने पैसे से थड़े बनवाए ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो तो नगर परिषद के अधिकारी इसे तोड़ने के लिए आ गए।
अंकित बजाज, दुकानदार
फोटो-15
बाढ़ के बाद से काम ठप्प
9 जुलाई को बाढ़ आई थी। दुकानों में भी पानी भर गया था। अभी तक दुकानदारी ठप पड़ी है। मुश्किल से दुकानों के आगे का रास्ता ठीक करवाया था, लेकिन अब नगर परिषद इसे तोड़ने के लिए आ गया है जबकि उनके पास आगामी क्या योजना है, उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं है।
योगेश, दुकानदार
सदर क्षेत्र में सीवरेज पाइप के ऊपर ही दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया था। इसे हटाने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए थे और मुनादी भी कार्रवाई गई, लेकिन किसी ने भी थड़े नहीं तोड़े। जब वीरवार सुबह कार्रवाई करने के लिए बाजार में गए तो कुछ दुकानदारों ने विरोध जताया और आग्रह किया कि उन्हें कुछ समय दिया जाए ताकि वो खुद थड़े तोड़ दें। इसलिए उन्हें पांच दिन का समय दिया गया है। इसके बाद नप खुद कार्रवाई करेगी। इसके लिए निशानदेही भी की जाएगी।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।