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Ambala News: डीसी ऑफिस पहुंचा धान ताैलाई का मामला
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अंबाला सिटी की नई अनाज मंडी में धान को सुखाते हुए श्रमिक। संवाद
अंबाला सिटी। धान ताैलाई के मामले में किसानों और एजेंसियों के बीच चल रही खींचतान बढ़ती नजर आ रही है। ताैलाई में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए बुधवार को भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के अधिकारियों ने डीसी के नाम सीटीएम पूजा कुमारी को ज्ञापन सौंपा।
नेताओं ने कहा कि बीती 23 और 24 सितंबर को अंबाला सिटी नई अनाज मंडी में गाड़ियों की ताैलाई को बंद कर रखा था। जब यूनियन को पता चला की मंडी का कांटा बंद है और गाड़ियों की ताैलाई बंद है और उससे कुछ दिन पहले यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर गाड़ियों के ताैल को चेक किया तो हर गाड़ी में दो से चार क्विंटल वजन ज्यादा मिला।
इसकी शिकायत यूनियन के पदाधिकारियों ने मार्केट कमेटी के सचिव व मार्केट कमेटी के अधिकारी को दी थी। लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसान नेताओं ने कहा है कि इस मामले में अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत में जाएंगे।
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मंडियों में हो रही जगह की कमी
मंडियों में धान की आवक अधिक होने के कारण जगह की कमी हो गई है। इसलिए किसानों को मंडियों में धान सुखाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। इधर उठान में देरी के कारण किसानों का भुगतान भी रुक गया है। आवक के आधार पर एजेंसियों को किसानों को 1200 करोड़ से अधिक का भुगतान करना है। एजेंसियों ने अभी तक 899 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। इस हिसाब से किसानों का 300 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है। जिला अंबाला में अभी तक 5538644 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 78 प्रतिशत धान की उठान हो चुकी है। कड़ासन और बेरखेड़ी अनाज मंडी में सबसे कम उठान हुई है।
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नेताओं ने कहा कि बीती 23 और 24 सितंबर को अंबाला सिटी नई अनाज मंडी में गाड़ियों की ताैलाई को बंद कर रखा था। जब यूनियन को पता चला की मंडी का कांटा बंद है और गाड़ियों की ताैलाई बंद है और उससे कुछ दिन पहले यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर गाड़ियों के ताैल को चेक किया तो हर गाड़ी में दो से चार क्विंटल वजन ज्यादा मिला।
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इसकी शिकायत यूनियन के पदाधिकारियों ने मार्केट कमेटी के सचिव व मार्केट कमेटी के अधिकारी को दी थी। लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसान नेताओं ने कहा है कि इस मामले में अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत में जाएंगे।
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मंडियों में हो रही जगह की कमी
मंडियों में धान की आवक अधिक होने के कारण जगह की कमी हो गई है। इसलिए किसानों को मंडियों में धान सुखाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। इधर उठान में देरी के कारण किसानों का भुगतान भी रुक गया है। आवक के आधार पर एजेंसियों को किसानों को 1200 करोड़ से अधिक का भुगतान करना है। एजेंसियों ने अभी तक 899 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। इस हिसाब से किसानों का 300 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है। जिला अंबाला में अभी तक 5538644 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 78 प्रतिशत धान की उठान हो चुकी है। कड़ासन और बेरखेड़ी अनाज मंडी में सबसे कम उठान हुई है।