{"_id":"6984e997c5de2843da053094","slug":"the-industrial-wall-will-be-two-kilometers-long-work-order-issued-to-the-agency-ambala-news-c-36-1-amb1002-157742-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: दो किमी लंबी होगी औद्योगिक की दीवार, एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: दो किमी लंबी होगी औद्योगिक की दीवार, एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी
Fri, 06 Feb 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 06 Feb 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
अंबाला कैंट का इंडस्टि्रयल एरिया। संवाद
- फोटो : bilawar news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला। छावनी के औद्योगिक क्षेत्र को टांगरी नदी की बाढ़ से बचाने के लिए आखिरकार धरातल पर काम शुरू होने जा रहा है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) ने दो किलोमीटर लंबी विशेष सुरक्षा दीवार बनाने का वर्क ऑर्डर रघुबीर कंस्ट्रक्शन को जारी कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि अगले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस दीवार को साढ़े 13 करोड़ रुपये से बनवाने का लक्ष्य था। टेंडर प्रक्रिया में कुल 17 एजेंसियों ने भाग लिया था, जिसमें रघुबीर सिंह कांट्रेक्टर की दरें सबसे कम पाई गईं। ऐसे में अब इस रिटेनिंग वॉल का निर्माण 10.76 करोड़ रुपये में होगा।
बाढ़ के खतरों को देखते हुए इस दीवार के निर्माण में तकनीक का विशेष ध्यान रखा गया है। एचएसआईआईडीसी ने इसका डिजाइन आईआईटी रुड़की से तैयार कराया है। यह दीवार औद्योगिक क्षेत्र के चारों तरफ बनाई जाएगी। यह दीवार न केवल पानी के दबाव को झेलने में सक्षम होगी, बल्कि मिट्टी के कटाव को भी रोकेगी। वर्तमान में निर्माण एजेंसी प्लांट लगाने के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश कर रही है, ताकि सामग्री की सप्लाई निर्बाध रूप से हो सके।
लगातार दो वर्षों के नुकसान के बाद जगी उम्मीद
साल 2023 और 2025 में टांगरी नदी के पानी ने औद्योगिक क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। करोड़ों रुपये की मशीनरी और कच्चा माल पानी में डूबने से उद्यमियों की कमर टूट गई थी। इसके बाद एचएसआईआईडीसी ने वर्ष 2023 में पहली बार दीवार का प्रस्ताव बना, लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2025 में दोबारा आई बाढ़ के बाद उद्यमियों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से गुहार लगाई। नतीजा यह रहा कि मंत्री के हस्तक्षेप के बाद हाईपावर परचेज कमेटी ने प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी और अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम अलॉट कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ के खतरों को देखते हुए इस दीवार के निर्माण में तकनीक का विशेष ध्यान रखा गया है। एचएसआईआईडीसी ने इसका डिजाइन आईआईटी रुड़की से तैयार कराया है। यह दीवार औद्योगिक क्षेत्र के चारों तरफ बनाई जाएगी। यह दीवार न केवल पानी के दबाव को झेलने में सक्षम होगी, बल्कि मिट्टी के कटाव को भी रोकेगी। वर्तमान में निर्माण एजेंसी प्लांट लगाने के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश कर रही है, ताकि सामग्री की सप्लाई निर्बाध रूप से हो सके।
विज्ञापन
लगातार दो वर्षों के नुकसान के बाद जगी उम्मीद
साल 2023 और 2025 में टांगरी नदी के पानी ने औद्योगिक क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। करोड़ों रुपये की मशीनरी और कच्चा माल पानी में डूबने से उद्यमियों की कमर टूट गई थी। इसके बाद एचएसआईआईडीसी ने वर्ष 2023 में पहली बार दीवार का प्रस्ताव बना, लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2025 में दोबारा आई बाढ़ के बाद उद्यमियों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से गुहार लगाई। नतीजा यह रहा कि मंत्री के हस्तक्षेप के बाद हाईपावर परचेज कमेटी ने प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी और अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम अलॉट कर दिया गया है।
विज्ञापन