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विजेंदर के निर्णय से दुखी है दिल, मगर दिखानी पड़ेगी सख्ती : विज
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2015 01:17 AM IST
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ओलपिंक में देश को पदक दिलाने वाले हरियाणा के बाक्सर विजेंदर सिंह द्वारा क्वींसलैंड प्रोमोशन के लिए खेलने के मामले में खेल मंत्री विज नाराज तो हैं ही, लेकिन उन्हें इस बात का ज्यादा दुख है कि विजेंदर ने इस कदम को उठाने से पहले उनसे बातचीत करना भी उचित नहीं समझा।
विज को बाक्सर विजेंदर की ये हरकत बिल्कुल नागवार लग रही है कि पिछले दिनों ही विजेंदर ने उनसे मुलाकात की थी। उनके साथ रेसलर योगेश्वर दत्त भी थे। इस दौरान विजेंदर ने न केवल उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई, बल्कि उनसे खेल नीति समेत अन्य खेल मुद्दों पर भी बातचीत की। इतना ही नहीं भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई नई खेल नीति में भी बाक्सर विजेंदर की सलाह बतौर सीनियर बाक्सर ली गई थी।
मगर इन सब के बावजूद भी विजेंदर खेल मंत्री विज से बिना मिले, बिना उनसे कोई बात किए बिना ही चले गए। यही बात खेल मंत्री विज को बहुत ज्यादा खल रही है।
बुधवार को सुभाष पार्क में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विज का यह दर्द झलका। उन्होंने कहा कि उनके साथ सेल्फी खिंचवाने वाला विजेंदर अब देश के लिए नहीं खेलेगा, इस घटना ने मजबूरन थोड़ी सख्ती दिखाने पर मजबूर कर दिया है।
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इस घटना के बाद खेल नीति में कुछ बदलाव के बारे में सोचना पड़ेगा। विज के अनुसार विजेंदर ने उनसे कभी कोई दिक्कत नहीं बताई। उन्हें कोई दिक्कत थी, तो उन्हे बताते। सूबे की सरकार ने उन्हे डीएसपी का पद दिया, पैसा दिया। इसलिए नहीं कि एक दिन वे अपने देश और प्रदेश को छोड़कर दूसरे देश के लिए खेले।
उनके अनुसार अभी उनके सामने इस मसले पर अधिकारिक तौर पर कुछ नहीं आया। मगर इस मामले में विचार और थोड़ी सख्ती की जरूरत है। क्योंकि प्रदेश का खेल विभाग अच्छे खिलाड़ियों पर इसलिए करोड़ों खर्च करता है, ताकि वे विदेश में देश व प्रदेश का नाम रौशन करें? न कि यहां सरकारी खर्च पर सफल खिलाड़ी बनने के बाद दूसरे देशों में अपनी खेल सेवा दें।
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विज को बाक्सर विजेंदर की ये हरकत बिल्कुल नागवार लग रही है कि पिछले दिनों ही विजेंदर ने उनसे मुलाकात की थी। उनके साथ रेसलर योगेश्वर दत्त भी थे। इस दौरान विजेंदर ने न केवल उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई, बल्कि उनसे खेल नीति समेत अन्य खेल मुद्दों पर भी बातचीत की। इतना ही नहीं भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई नई खेल नीति में भी बाक्सर विजेंदर की सलाह बतौर सीनियर बाक्सर ली गई थी।
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मगर इन सब के बावजूद भी विजेंदर खेल मंत्री विज से बिना मिले, बिना उनसे कोई बात किए बिना ही चले गए। यही बात खेल मंत्री विज को बहुत ज्यादा खल रही है।
बुधवार को सुभाष पार्क में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विज का यह दर्द झलका। उन्होंने कहा कि उनके साथ सेल्फी खिंचवाने वाला विजेंदर अब देश के लिए नहीं खेलेगा, इस घटना ने मजबूरन थोड़ी सख्ती दिखाने पर मजबूर कर दिया है।
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इस घटना के बाद खेल नीति में कुछ बदलाव के बारे में सोचना पड़ेगा। विज के अनुसार विजेंदर ने उनसे कभी कोई दिक्कत नहीं बताई। उन्हें कोई दिक्कत थी, तो उन्हे बताते। सूबे की सरकार ने उन्हे डीएसपी का पद दिया, पैसा दिया। इसलिए नहीं कि एक दिन वे अपने देश और प्रदेश को छोड़कर दूसरे देश के लिए खेले।
उनके अनुसार अभी उनके सामने इस मसले पर अधिकारिक तौर पर कुछ नहीं आया। मगर इस मामले में विचार और थोड़ी सख्ती की जरूरत है। क्योंकि प्रदेश का खेल विभाग अच्छे खिलाड़ियों पर इसलिए करोड़ों खर्च करता है, ताकि वे विदेश में देश व प्रदेश का नाम रौशन करें? न कि यहां सरकारी खर्च पर सफल खिलाड़ी बनने के बाद दूसरे देशों में अपनी खेल सेवा दें।