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Ambala News: महंगी किट के इंतजार में एक साल से नहीं चली फ्लोमीटर साइटोमेट्री की मशीन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 01:31 AM IST
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The flow cytometry machine has not been operational for a year due to the waiting for the expensive kit.
अंबाला। कैंसर, एड्स व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के महंगे टेस्टों के लिए कैंट के नागरिक अस्पताल में आई फ्लो साइट्रोमेट्री टेस्ट की मशीन नहीं चल रही है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से एक साल पहले इस मशीन की खरीद तो स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हो गई, लेकिन इस मशीन को चलाने के लिए अभी तक हजारों रुपये की अलग-अलग किट ही नहीं पहुंची है जो टेस्ट करने के लिए बेहद जरूरी होती है। यही कारण है कि अभी तक इस मशीन का कैंसर व एड्स मरीजों के होने वाले टेस्टों के लिए नहीं किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को इस मशीन के जरिये होने वाले टेस्टों को या तो निजी सेंटरों से करवाने पड़ रहे हैं या फिर चंडीगढ़ पीजीआई के चक्कर काटने पड़ते हैं। जबकि कैंट के नागरिक अस्पताल की लैब को जिला इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी का दर्जा मिला हुआ है। डीजी हेल्थ डॉ. कुलदीप ने भी गत दिवस अस्पताल में किए निरीक्षण के दौरान इस मशीन को तुरंत चलाने के निर्देश दिए थे।
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रोहतक पीजीआई को छोड़कर किसी नागरिक अस्पताल में नहीं यह मशीन
फ्लो साइटोमेट्री मशीन ब्लड कैंसर की सूक्ष्मता से जांच करने के बाद यह भी बताती है कि बीमारी कितने प्रतिशत ठीक हो सकती है। अगर शुरुआती दौर में मरीज की बीमारी की पहचान हो जाती है, तो मशीन की रिपोर्ट पर इलाज कराया जा सकता है। यह जांच फ्लो साइटोमेट्री तकनीक से की जाती है। रोहतक पीजीआई के अलावा प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में यह मशीन नहीं है। इस हाईटेक मशीन को चलाने के लिए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया गया। रोहतक पीजीआई में मशीन का संचालक करने वालों से सभी जानकारी जुटाई थी ताकि जांच के दौरान कोई परेशानी न हो।
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ब्लड व फ्लूड के लिए जाएंगे सैंपल, पैथोलॉजिस्ट बनाएंगे रिपोर्ट

इस मशीन से होने वाले टेस्ट ब्लड से सैंपल या फिर पेट व फेफड़ों के आसपास भरे पानी के सैंपल से किए जाने हैं। रिपोर्ट तैयार करने के लिए लैब में पैथोलॉजिस्ट इसकी गंभीरता से जांच करेंगी। जरूरत पड़ती है तो इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए ऑनलाइन चंडीगढ़ व रोहतक पीजीआई के विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी। इस मशीन के साथ माॅनिटर, सैंपल स्टोरेज मशीन आदि अटैच है।
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डीजी हेल्थ डॉ. कुलदीप के निरीक्षण में इस मशीन को चलाने के निर्देश मिले हैं। जल्द ही इस मशीन के जरिए टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला
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