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Ambala News: विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर सूची की जारी
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अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूलों में शिक्षकों के स्वीकृत पद की सूची जारी की। इस सूची में खामियां होने से रोष होने लगा है। विभाग की ओर से जिस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां स्वीकृत पद की संख्या ज्यादा और जहां विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा हैं, वहां स्वीकृत पद की संख्या कम दिखा दी। जिले में ऐसे कई विद्यालय हैं, जिन स्कूलों का ऐसा आंकड़ा पोर्टल पर दिखाया जा रहा है। अब इस सूची को लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ निदेशक व शिक्षा मंत्री से मिलेगा और सूची को संशोधित करने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
15 विद्यार्थियों की संख्या पर दो पद स्वीकृत दिखाए
जिले में करीब 478 राजकीय प्राथमिक पाठशाला हैं। कई प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की संख्या शून्य भी है। अभी विभाग ने अपने स्तर पर यहां शिक्षक को दूसरे स्कूल से लगाया हुआ है। वहीं, विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर रेशनेलाइजेशन के हिसाब से सूची जारी है। इसमें कई खामियां हैं। जैसे राजकीय प्राथमिक पाठशाला बड़ौली में कुल 15 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, यहां दो स्वीकृत पद दिखाए गए हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला जलबेड़ा में कुल 64 विद्यार्थी हैं, यहां भी दो स्वीकृत पद दिखाए गए हैं। इसी तरह राजकीय प्राथमिक पाठशाला नन्हेड़ा में 77 विद्यार्थियों की संख्या पर 3, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांवला में 113 विद्यार्थियों पर भी तीन स्वीकृत पद दिखाए गए।
खामियां दूर करने के लिए निदेशक व शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे मांगपत्र
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अमित छाबड़ा व राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि निदेशालय की ओर से एमआईएस पोर्टल पर जारी की गई सूची में खामियां हैं। विभाग की ओर से विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से सही रेशनेलाइजेशन नहीं किया गया है। नियमानुसार एक से 60 विद्यार्थी की संख्या पर दो शिक्षक,
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61 विद्यार्थी की संख्या पर तीन, 91 विद्यार्थी की संख्या पर चार, 121 विद्यार्थी की संख्या पर पांच और 151 विद्यार्थी की संख्या होने पर एक मुख्य शिक्षक व पांच शिक्षक की पॉलिसी है। मगर इस सूची में जहां 15 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, वहां भी दो पद स्वीकृत दिखाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य प्रधान तरुण सुहाग के नेतृत्व में निदेशक व शिक्षा मंत्री को मांगपत्र सौंपा जाएगा ताकि अभी से यह गलती ठीक हो सके और बच्चों को आगामी तबादला प्रक्रिया में सही अनुपात में शिक्षक मिल सकें।
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15 विद्यार्थियों की संख्या पर दो पद स्वीकृत दिखाए
जिले में करीब 478 राजकीय प्राथमिक पाठशाला हैं। कई प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की संख्या शून्य भी है। अभी विभाग ने अपने स्तर पर यहां शिक्षक को दूसरे स्कूल से लगाया हुआ है। वहीं, विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर रेशनेलाइजेशन के हिसाब से सूची जारी है। इसमें कई खामियां हैं। जैसे राजकीय प्राथमिक पाठशाला बड़ौली में कुल 15 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, यहां दो स्वीकृत पद दिखाए गए हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला जलबेड़ा में कुल 64 विद्यार्थी हैं, यहां भी दो स्वीकृत पद दिखाए गए हैं। इसी तरह राजकीय प्राथमिक पाठशाला नन्हेड़ा में 77 विद्यार्थियों की संख्या पर 3, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांवला में 113 विद्यार्थियों पर भी तीन स्वीकृत पद दिखाए गए।
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खामियां दूर करने के लिए निदेशक व शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे मांगपत्र
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अमित छाबड़ा व राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि निदेशालय की ओर से एमआईएस पोर्टल पर जारी की गई सूची में खामियां हैं। विभाग की ओर से विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से सही रेशनेलाइजेशन नहीं किया गया है। नियमानुसार एक से 60 विद्यार्थी की संख्या पर दो शिक्षक,
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61 विद्यार्थी की संख्या पर तीन, 91 विद्यार्थी की संख्या पर चार, 121 विद्यार्थी की संख्या पर पांच और 151 विद्यार्थी की संख्या होने पर एक मुख्य शिक्षक व पांच शिक्षक की पॉलिसी है। मगर इस सूची में जहां 15 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, वहां भी दो पद स्वीकृत दिखाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य प्रधान तरुण सुहाग के नेतृत्व में निदेशक व शिक्षा मंत्री को मांगपत्र सौंपा जाएगा ताकि अभी से यह गलती ठीक हो सके और बच्चों को आगामी तबादला प्रक्रिया में सही अनुपात में शिक्षक मिल सकें।