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Ambala News: कमेटी ने जांच पूरी कर नेग्लीजेंसी बोर्ड को भेजी
Wed, 01 Oct 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:38 AM IST
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मृतका ऊषा की फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी द्वारा महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवाने व स्टाफ की लापरवाही से जच्चा की मौत मामले में नया मोड आया है। तीन डॉक्टर डॉ. सुनील, एसएमओ डॉ. रचना बंसल, आरएमओ डॉ. जितेंद्र की कमेटी ने मंगलवार को अपनी जांच पूरी कर ली।
स्टाफ व महिला रोग विशेषज्ञ की बयान दर्ज करने व सीसीटीवी खंगालने के बाद डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट को सीएमओ के पास पेश कर नेग्लीजेंसी बोर्ड को भेज दी है। अब नेग्लीजेंसी बोर्ड अपने स्तर पर जांच करेगा। कैंट के नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों की जांच में स्टाफ व डॉक्टर पर लगे आरोप को निराधार बताया है।
उनका कहना है कि नर्सिंग ऑफिसर डिलीवरी के समय सफेद एप्रन को गंदा होने से बचाने के लिए उतार देते हैं। इसलिए धोखे से नर्सिंग ऑफिसर को ही चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी समझ लिया। जबकि डिलीवरी के समय नर्सिंग ऑफिसर को चतुर्थी श्रेणी की जरूरत होती है और वो साथ होती है। अंटाला गांव निवासी ऊषा (28) की 21 सितंबर की कैंट के नागरिक अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। उसके बाद तबीयत बिगड़ने पर रेफर कर दिया था। जच्चा की एमएम सद्दोपुर में 22 सितंबर को मौत हो गई थी। पीड़ित पक्ष ने ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से भी गुहार लगाई थी।
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अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी द्वारा महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवाने व स्टाफ की लापरवाही से जच्चा की मौत मामले में नया मोड आया है। तीन डॉक्टर डॉ. सुनील, एसएमओ डॉ. रचना बंसल, आरएमओ डॉ. जितेंद्र की कमेटी ने मंगलवार को अपनी जांच पूरी कर ली।
स्टाफ व महिला रोग विशेषज्ञ की बयान दर्ज करने व सीसीटीवी खंगालने के बाद डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट को सीएमओ के पास पेश कर नेग्लीजेंसी बोर्ड को भेज दी है। अब नेग्लीजेंसी बोर्ड अपने स्तर पर जांच करेगा। कैंट के नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों की जांच में स्टाफ व डॉक्टर पर लगे आरोप को निराधार बताया है।
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उनका कहना है कि नर्सिंग ऑफिसर डिलीवरी के समय सफेद एप्रन को गंदा होने से बचाने के लिए उतार देते हैं। इसलिए धोखे से नर्सिंग ऑफिसर को ही चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी समझ लिया। जबकि डिलीवरी के समय नर्सिंग ऑफिसर को चतुर्थी श्रेणी की जरूरत होती है और वो साथ होती है। अंटाला गांव निवासी ऊषा (28) की 21 सितंबर की कैंट के नागरिक अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। उसके बाद तबीयत बिगड़ने पर रेफर कर दिया था। जच्चा की एमएम सद्दोपुर में 22 सितंबर को मौत हो गई थी। पीड़ित पक्ष ने ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से भी गुहार लगाई थी।
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