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Ambala News: कारोबारी महेश गुप्ता हत्याकांड में चार आरोपियों पर आरोप तय, 25 सुनवाई पूरी
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मृतक महेश गुप्ता
- फोटो : udhampur news
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। कैंट के श्री राम बाजार के कारोबारी महेश गुप्ता की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। करीब ढाई साल पुराने इस मामले में अब अभियोजन पक्ष की गवाही और गवाहों से जिरह का दौर चल रहा है। इस मामले में अब तक कुल 25 अदालती सुनवाई हो चुकी हैं।
परिजनों ने महेश गुप्ता की हत्या तंत्र-मंत्र के लिए किए जाने का आरोप लगाया था। कानूनी लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अदालत ने आरोपियों हेमंत, प्रीति, मोहित और प्रिया के खिलाफ हत्या (भारतीय दंड संहिता की धारा 302) और आपराधिक षड्यंत्र (धारा 120-बी) के तहत गंभीर आरोप तय किए हैं। मुख्य आरोपी हेमंत, प्रीति और प्रिया न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश होते हैं जबकि आरोपी मोहित जमानत पर बाहर है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर तय की है, तब तक हिरासत में बंद तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। अगली तारीख पर सभी गैर-परीक्षित गवाहों को गवाही के लिए समन किया जाएगा।
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10 अप्रैल 2024 को हुई थी महेश की हत्या
महेश गुप्ता की हत्या 10 अप्रैल 2024 को सुंदर नगर के एक मकान में तांत्रिक क्रिया के कारण की गई थी। मृतक के भाई रवि गुप्ता की शिकायत पर पड़ाव पुलिस ने मुंहबोली बहन प्रिया, उसके भाई हेमंत, भाभी प्रीति और मोहित के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पूजा के बहाने महेश को घर बुलाकर चुन्नी से गला घोंटा और सिर पर वार किए थे। पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना सामने आया था जबकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे।
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अगस्त 2024 में सत्र मामले के रूप में दर्ज हुआ
अगस्त 2024 में अदालत में सत्र मामले के रूप में दर्ज हुआ था। लंबी कानूनी प्रक्रिया, फोरेंसिक रिपोर्ट के इंतजार और वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई में देरी हुई। बचाव पक्ष की अर्जी पर अदालत ने चार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, ग्राहक आवेदन फॉर्म और टावर लोकेशन संरक्षित करने का निर्देश दिया था। पुलिस द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र और पंचकूला लैब से प्राप्त फोरेंसिक रिपोर्ट को अदालत के रिकॉर्ड पर लिया गया। अदालत ने सीसीटीवी फुटेज या फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने तक आरोप टालने की बचाव पक्ष की मांग खारिज कर दी। 20 अगस्त 2025 को अदालत ने आरोपी हेमंत, प्रीति, मोहित और प्रिया के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय किए। आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए ट्रायल की मांग की थी।
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गवाहों की गैर-मौजूदगी और वारंट
मामले में गवाहों की गैर-मौजूदगी एक बड़ी चुनौती रही है। बार-बार समन के बावजूद मुख्य गवाह विशाल गुप्ता और दीपक गुप्ता अदालत में पेश नहीं हुए। इस कारण अदालत ने उनके खिलाफ जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए। अभियोजन पक्ष के गवाह रवि गुप्ता अदालत में उपस्थित हुए और उनसे आंशिक रूप से जिरह की गई। 21 सितंबर 2026 को सुनवाई के दौरान रवि गुप्ता से जिरह शुरू हुई। अदालत ने दीपक गुप्ता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और विशाल गुप्ता के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। समन की तामील होने के बावजूद पेश न होने पर 11 मार्च 2026 को 5,000 रुपये के जमानती वारंट भी जारी किए गए थे।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना आया
महेश गुप्ता की हत्या के बाद उनके भाई रवि गुप्ता ने पड़ाव पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मुंहबोली बहन प्रिया, उसके भाई हेमंत और भाभी प्रीति को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया था जबकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे। असल वजह जानने के लिए विसरा सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जांच के दौरान कई सबूत जुटाए गए, जिनमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी शामिल थे।
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अंबाला सिटी। कैंट के श्री राम बाजार के कारोबारी महेश गुप्ता की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। करीब ढाई साल पुराने इस मामले में अब अभियोजन पक्ष की गवाही और गवाहों से जिरह का दौर चल रहा है। इस मामले में अब तक कुल 25 अदालती सुनवाई हो चुकी हैं।
परिजनों ने महेश गुप्ता की हत्या तंत्र-मंत्र के लिए किए जाने का आरोप लगाया था। कानूनी लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अदालत ने आरोपियों हेमंत, प्रीति, मोहित और प्रिया के खिलाफ हत्या (भारतीय दंड संहिता की धारा 302) और आपराधिक षड्यंत्र (धारा 120-बी) के तहत गंभीर आरोप तय किए हैं। मुख्य आरोपी हेमंत, प्रीति और प्रिया न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश होते हैं जबकि आरोपी मोहित जमानत पर बाहर है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर तय की है, तब तक हिरासत में बंद तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। अगली तारीख पर सभी गैर-परीक्षित गवाहों को गवाही के लिए समन किया जाएगा।
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10 अप्रैल 2024 को हुई थी महेश की हत्या
महेश गुप्ता की हत्या 10 अप्रैल 2024 को सुंदर नगर के एक मकान में तांत्रिक क्रिया के कारण की गई थी। मृतक के भाई रवि गुप्ता की शिकायत पर पड़ाव पुलिस ने मुंहबोली बहन प्रिया, उसके भाई हेमंत, भाभी प्रीति और मोहित के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पूजा के बहाने महेश को घर बुलाकर चुन्नी से गला घोंटा और सिर पर वार किए थे। पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना सामने आया था जबकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे।
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अगस्त 2024 में सत्र मामले के रूप में दर्ज हुआ
अगस्त 2024 में अदालत में सत्र मामले के रूप में दर्ज हुआ था। लंबी कानूनी प्रक्रिया, फोरेंसिक रिपोर्ट के इंतजार और वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई में देरी हुई। बचाव पक्ष की अर्जी पर अदालत ने चार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, ग्राहक आवेदन फॉर्म और टावर लोकेशन संरक्षित करने का निर्देश दिया था। पुलिस द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र और पंचकूला लैब से प्राप्त फोरेंसिक रिपोर्ट को अदालत के रिकॉर्ड पर लिया गया। अदालत ने सीसीटीवी फुटेज या फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने तक आरोप टालने की बचाव पक्ष की मांग खारिज कर दी। 20 अगस्त 2025 को अदालत ने आरोपी हेमंत, प्रीति, मोहित और प्रिया के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय किए। आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए ट्रायल की मांग की थी।
गवाहों की गैर-मौजूदगी और वारंट
मामले में गवाहों की गैर-मौजूदगी एक बड़ी चुनौती रही है। बार-बार समन के बावजूद मुख्य गवाह विशाल गुप्ता और दीपक गुप्ता अदालत में पेश नहीं हुए। इस कारण अदालत ने उनके खिलाफ जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए। अभियोजन पक्ष के गवाह रवि गुप्ता अदालत में उपस्थित हुए और उनसे आंशिक रूप से जिरह की गई। 21 सितंबर 2026 को सुनवाई के दौरान रवि गुप्ता से जिरह शुरू हुई। अदालत ने दीपक गुप्ता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और विशाल गुप्ता के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। समन की तामील होने के बावजूद पेश न होने पर 11 मार्च 2026 को 5,000 रुपये के जमानती वारंट भी जारी किए गए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना आया
महेश गुप्ता की हत्या के बाद उनके भाई रवि गुप्ता ने पड़ाव पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मुंहबोली बहन प्रिया, उसके भाई हेमंत और भाभी प्रीति को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया था जबकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे। असल वजह जानने के लिए विसरा सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जांच के दौरान कई सबूत जुटाए गए, जिनमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी शामिल थे।