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स्टेशन पर लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन फांक रही धूल, यात्री बोले जल्द मिले सुविधा
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The automatic ticket vending machine installed at the station is throwing dust, the passengers said that the facility will be available soon
- फोटो : Ambala
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अंबाला। ट्रेन संचालन शुरू होने के बाद भी स्टेशन पर लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन धूल फांक रही है। यात्रियों को मजबूरन लाइन में लगकर टिकट लेना पड़ रहा है। लगभग दो वर्ष पहले रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर के पास यात्री सुविधाओं के विस्तार के तहत टिकट मशीनें लगाई गई थी। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल के सबसे बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशन पर मौजूदा समय में लगभग 150 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इसमें लगभग 10 जोड़ी अनारक्षित ट्रेन भी शामिल हैं। 2 जोड़ी ट्रेन पूर्ण तौर पर अनारक्षित चल रही है तो 8 जोड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस में लगभग 10 दिन पहले ही दैनिक यात्रियों और आमजन के लिए सामान्य कोच श्रेणी की सुविधा के साथ शुरू की गई है। इसमें मासिक सीजन टिकट धारकों को भी सफर करने की अनुमति रेलवे की तरफ से प्रदान की गई है।
अनारक्षित ट्रेनों के संचालन से अब यूटीएस काउंटर पर धीरे-धीरे यात्रियों की भीड़ बढ़ने लग गई है। हालांकि अभी सिर्फ 2 काउंटर पर ही यात्रियों को सामान्य श्रेणी के टिकट दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यात्री अब ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा की भी मांग करने लगे हैं ताकि बिना किसी के संपर्क में आए मशीन से वह आसानी से गंतव्य स्टेशन का टिकट निकाल सकें। मौजूदा समय में रेलवे ने मोबाइल एप के माध्यम से भी सामान्य श्रेणी के टिकट की सुविधा दी हुई है।
भीड़ कम करने का था मुख्य मकसद
मौजूदा समय में स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर 4 ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन और मुख्य गेट के समक्ष 2 मशीन लगी हुई हैं, लेकिन सभी पर धूल जमी हुई है। मशीनें लगभग डेढ़ साल से भी अधिक समय से बंद पड़ी हैं। कोरोना काल से पहले टिकट मशीन लगाने का मुख्य मकसद सामान्य काउंटर पर टिकट के लिए यात्रियों की भीड़ को कम करना था। रेलवे टिकट काउंटर पर रोजाना सुबह यात्रियों की भीड़ लग रही है।
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क्रिस करता है रख-रखाव
ऑटोमेटिक वेडिंग मशीनों की देखरेख क्रिस द्वारा की जाती है। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए ही ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों को बंद किया गया था। अभी क्रिस की तरफ से मशीनों के संचालन को लेकर कोई भी निर्देश नहीं मिले हैं, वहीं ट्रेन में सफर करने वाले सामान्य श्रेणी के यात्रियों की भी संख्या अभी काफी कम है। अगर जरूरत पड़ेगी तो क्रिस संस्था से बात कर मशीनों को चला दिया जाएगा।
-विशाल, सीएमआई, छावनी स्टेशन।
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अनारक्षित ट्रेनों के संचालन से अब यूटीएस काउंटर पर धीरे-धीरे यात्रियों की भीड़ बढ़ने लग गई है। हालांकि अभी सिर्फ 2 काउंटर पर ही यात्रियों को सामान्य श्रेणी के टिकट दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यात्री अब ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा की भी मांग करने लगे हैं ताकि बिना किसी के संपर्क में आए मशीन से वह आसानी से गंतव्य स्टेशन का टिकट निकाल सकें। मौजूदा समय में रेलवे ने मोबाइल एप के माध्यम से भी सामान्य श्रेणी के टिकट की सुविधा दी हुई है।
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भीड़ कम करने का था मुख्य मकसद
मौजूदा समय में स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर 4 ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन और मुख्य गेट के समक्ष 2 मशीन लगी हुई हैं, लेकिन सभी पर धूल जमी हुई है। मशीनें लगभग डेढ़ साल से भी अधिक समय से बंद पड़ी हैं। कोरोना काल से पहले टिकट मशीन लगाने का मुख्य मकसद सामान्य काउंटर पर टिकट के लिए यात्रियों की भीड़ को कम करना था। रेलवे टिकट काउंटर पर रोजाना सुबह यात्रियों की भीड़ लग रही है।
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क्रिस करता है रख-रखाव
ऑटोमेटिक वेडिंग मशीनों की देखरेख क्रिस द्वारा की जाती है। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए ही ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों को बंद किया गया था। अभी क्रिस की तरफ से मशीनों के संचालन को लेकर कोई भी निर्देश नहीं मिले हैं, वहीं ट्रेन में सफर करने वाले सामान्य श्रेणी के यात्रियों की भी संख्या अभी काफी कम है। अगर जरूरत पड़ेगी तो क्रिस संस्था से बात कर मशीनों को चला दिया जाएगा।
-विशाल, सीएमआई, छावनी स्टेशन।