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Ambala News: एक साल से तहसील में नहीं है तहसीलदार
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अंबाला। करीब एक साल से अंबाला छावनी की तहसील में तहसीलदार का पद खाली है। जबकि तहसील में होने वाले अधिकतर काम नायब तहसीलदार की ओर से किए जा रहे हैं, लेकिन नायब तहसीलदार के छुट्टी पर होने या फिर कोर्ट काम के चलते अंबाला से बाहर जाने के कारण लोगों के काम प्रभावित होते हैं।
लोगों को अपने काम कराने के लिए कई बार पूरा पूरा दिन तहसील में बैठकर नायब तहसीलदार के आने का इंतजार करना पड़ता है। यही हाल बराड़ा तहसील का है, यहां के तहसीलदार को नारायणगढ तहसील का चार्ज भी दिया गया है। वहीं छावनी तहसील में नायब तहसीलदार के साथ साथ तहसीलदार की भी तैनाती की जानी चाहिए इसकी मांग अब उठने लगी है। जिससे की लोगों के तहसील से संबंधित काम प्रभावित न हों। तहसील में रोजाना 20 के करीब रजिस्ट्री और 15 के करीब इंतकाल दर्ज किए जाते हैं।
करीब एक साल पहले छावनी तहसील में तहसीलदार सुरेश कुमार और नायब तहसीलदार यशवंत सिंह दोनाें तैनात थे और दोनों ही लोगों के काम निपटाते थे, लेकिन पिछले साल तहसीलदार सुरेश कुमार का छावनी तहसील से तबादला हो गया। इसके बाद तहसीलदार विजय स्याल आए जोकि तीन महीने बाद ही चले गए। इसके बाद से नायब तहसीलदार यशवंत सिंह लोगों के काम करते रहे। इसी साल मई के महीने में उनका तबादला हो गया।
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इसके बाद फिर से नायब तहसीलदार सुनील कुमार आए और जब वह वहीं तैनात हैं। लेकिन ग्यारह महीने का समय गुजरने के बाद भी छावनी तहसील में तहसीलदार का पद खाली पड़ा है। तहसील में नायब तहसीलदार के छुट्टी पर होने या फिर कोर्ट केस के चलते जमाबंदी, इंतकाल, रजिस्ट्री, निशानदेही, बैंक लोन, एफि्डेविट, गिरदावरी व पटवारियों से संबंधित अन्य काम भी होते हैं प्रभावित। इसके अलावा छावनी तहसील में दस सर्कल है और पांच पटवारी है। इन पांच पटवारियों के जिम्मे दस सर्कल का काम है।
गांव धुराली निवासी बिरेंद्र सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री करवाने के लिए आया था। लेकिन तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद वह वापस चला गया था। वहीं मोहड़ा निवासी राहुल गंभीर ने बताया कि वह भी रजिस्ट्री करवाने के लिए बहुत देर तक बैठा रहा था। ठरवा निवासी सुखप्रीत सिंह ने बताया कि वह किसान है उसे भी रजिस्ट्री से संबंधित काम था, लेकिन बात नहीं बनी।
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लोगों को अपने काम कराने के लिए कई बार पूरा पूरा दिन तहसील में बैठकर नायब तहसीलदार के आने का इंतजार करना पड़ता है। यही हाल बराड़ा तहसील का है, यहां के तहसीलदार को नारायणगढ तहसील का चार्ज भी दिया गया है। वहीं छावनी तहसील में नायब तहसीलदार के साथ साथ तहसीलदार की भी तैनाती की जानी चाहिए इसकी मांग अब उठने लगी है। जिससे की लोगों के तहसील से संबंधित काम प्रभावित न हों। तहसील में रोजाना 20 के करीब रजिस्ट्री और 15 के करीब इंतकाल दर्ज किए जाते हैं।
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करीब एक साल पहले छावनी तहसील में तहसीलदार सुरेश कुमार और नायब तहसीलदार यशवंत सिंह दोनाें तैनात थे और दोनों ही लोगों के काम निपटाते थे, लेकिन पिछले साल तहसीलदार सुरेश कुमार का छावनी तहसील से तबादला हो गया। इसके बाद तहसीलदार विजय स्याल आए जोकि तीन महीने बाद ही चले गए। इसके बाद से नायब तहसीलदार यशवंत सिंह लोगों के काम करते रहे। इसी साल मई के महीने में उनका तबादला हो गया।
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इसके बाद फिर से नायब तहसीलदार सुनील कुमार आए और जब वह वहीं तैनात हैं। लेकिन ग्यारह महीने का समय गुजरने के बाद भी छावनी तहसील में तहसीलदार का पद खाली पड़ा है। तहसील में नायब तहसीलदार के छुट्टी पर होने या फिर कोर्ट केस के चलते जमाबंदी, इंतकाल, रजिस्ट्री, निशानदेही, बैंक लोन, एफि्डेविट, गिरदावरी व पटवारियों से संबंधित अन्य काम भी होते हैं प्रभावित। इसके अलावा छावनी तहसील में दस सर्कल है और पांच पटवारी है। इन पांच पटवारियों के जिम्मे दस सर्कल का काम है।
गांव धुराली निवासी बिरेंद्र सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री करवाने के लिए आया था। लेकिन तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद वह वापस चला गया था। वहीं मोहड़ा निवासी राहुल गंभीर ने बताया कि वह भी रजिस्ट्री करवाने के लिए बहुत देर तक बैठा रहा था। ठरवा निवासी सुखप्रीत सिंह ने बताया कि वह किसान है उसे भी रजिस्ट्री से संबंधित काम था, लेकिन बात नहीं बनी।