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Ambala News: चाय की रेहड़ी लगाने वाला आठ साल से नवजातों को निशुल्क दे रहा दूध
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अंशु शर्मा
अंबाला। ये मत सोचो कि जमाने को क्या गवारा है, क्योंकि ये मंजिल भी तुम्हारी है और ये सफर भी तुम्हारा है...इन्हीं पंक्तियों को जुबान पर लिए एक चाय की रेहड़ी लगाने वाले की समाजसेवा को देख हर कोई उसे सलाम करता है। हम बात कर रहे हैं छावनी नागरिक अस्पताल के ठीक सामने हाईवे किनारे रेहड़ी लगाने वाले श्याम नगर निवासी कपिल की। वह आठ साल से ये सेवा कर रहा है।
उसे रेहड़ी से भले ही आमदनी कम हो, लेकिन दिल से इतना अमीर है कि अपनी समाजसेवा से हर किसी का दिल जीत लेता है। रोजाना अपनी जेब की मुताबिक 10 से 15 नवजात बच्चों को निशुल्क दूध गर्म करके बोतल में देता है। कई बार दूध भले ही खत्म हो जाए, लेकिन सेवा से पीछे नहीं हटता। दुकानदार कपिल की मानें तो भले ही काम में कमाई कम है, लेकिन जो समाजसेवा करके दिल को खुशी मिलती है वो किसी पैसे से खरीदी नहीं जा सकती।
जरूरतमंद को दूध दिया और शुरू कर दी सेवा
दुकानदार कपिल ने बताया कि उसका एक बेटा है और बेटी। बेटे का जन्म आठ साल पहले हुआ था। इसी दौरान एक व्यक्ति प्राइवेट अस्पताल से उसकी हाईवे किनारे लगने वाली रेहड़ी पर मोमबत्ती लेने के लिए आया था। बोल रहा था कि बच्चे को दूध देना है, इसलिए मोमबत्ती चाहिए, जिससे कि वो कटोरी को गर्म कर दूध को सिर्फ नवाया कर सके। इन शब्दों ने उसे झंझोर दिया। उसकी मदद करने के बाद दिल को खुशी मिली और यह अनूठी सेवा शुरू कर दी। कई बार परिजन ऐसे भी होते हैं तो जबरन पैसे भी देने लगते हैं तो वो नहीं लेता। भले ही वह उसकी दुकान से पैसों से बिस्कुट आदि खरीदकर ले गए।
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हर कोई करता है दिल से सलाम
उधर, अस्पताल में नवजात बच्चे को लेकर महिला थर्मस में नवाया दूध लेने गई तो यह अनूठी समाजसेवा देखकर उसका चेहरा खिल उठा। रामपुर निवासी सोनिया ने कहा कि बड़ों के लिए सेवा करते तो सभी को देखा है, लेकिन नवजात के लिए इस तरह की सेवा कहीं नहीं देखी। संवाद
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अंबाला। ये मत सोचो कि जमाने को क्या गवारा है, क्योंकि ये मंजिल भी तुम्हारी है और ये सफर भी तुम्हारा है...इन्हीं पंक्तियों को जुबान पर लिए एक चाय की रेहड़ी लगाने वाले की समाजसेवा को देख हर कोई उसे सलाम करता है। हम बात कर रहे हैं छावनी नागरिक अस्पताल के ठीक सामने हाईवे किनारे रेहड़ी लगाने वाले श्याम नगर निवासी कपिल की। वह आठ साल से ये सेवा कर रहा है।
उसे रेहड़ी से भले ही आमदनी कम हो, लेकिन दिल से इतना अमीर है कि अपनी समाजसेवा से हर किसी का दिल जीत लेता है। रोजाना अपनी जेब की मुताबिक 10 से 15 नवजात बच्चों को निशुल्क दूध गर्म करके बोतल में देता है। कई बार दूध भले ही खत्म हो जाए, लेकिन सेवा से पीछे नहीं हटता। दुकानदार कपिल की मानें तो भले ही काम में कमाई कम है, लेकिन जो समाजसेवा करके दिल को खुशी मिलती है वो किसी पैसे से खरीदी नहीं जा सकती।
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जरूरतमंद को दूध दिया और शुरू कर दी सेवा
दुकानदार कपिल ने बताया कि उसका एक बेटा है और बेटी। बेटे का जन्म आठ साल पहले हुआ था। इसी दौरान एक व्यक्ति प्राइवेट अस्पताल से उसकी हाईवे किनारे लगने वाली रेहड़ी पर मोमबत्ती लेने के लिए आया था। बोल रहा था कि बच्चे को दूध देना है, इसलिए मोमबत्ती चाहिए, जिससे कि वो कटोरी को गर्म कर दूध को सिर्फ नवाया कर सके। इन शब्दों ने उसे झंझोर दिया। उसकी मदद करने के बाद दिल को खुशी मिली और यह अनूठी सेवा शुरू कर दी। कई बार परिजन ऐसे भी होते हैं तो जबरन पैसे भी देने लगते हैं तो वो नहीं लेता। भले ही वह उसकी दुकान से पैसों से बिस्कुट आदि खरीदकर ले गए।
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हर कोई करता है दिल से सलाम
उधर, अस्पताल में नवजात बच्चे को लेकर महिला थर्मस में नवाया दूध लेने गई तो यह अनूठी समाजसेवा देखकर उसका चेहरा खिल उठा। रामपुर निवासी सोनिया ने कहा कि बड़ों के लिए सेवा करते तो सभी को देखा है, लेकिन नवजात के लिए इस तरह की सेवा कहीं नहीं देखी। संवाद