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Haryana Flood: टांगरी, मारकंडा, बेगना नदी ने बरपाया कहर... 2.50 लाख में से 97000 एकड़ फसल प्रभावित
Tue, 09 Sep 2025 01:28 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला सिटी
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला सिटी
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:28 AM IST
सार
मुलाना, बराड़ा, साहा, अंबाला छावनी व अंबाला शहर के गांवों में फसल ज्यादा प्रभावित हुई। सरकार की ओर से नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। इस पोर्टल पर 15 सितंबर तक आवेदन के बाद राजस्व विभाग की ओर से सर्वे करवाया जाएगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
बारिश के सीजन में सबसे ज्यादा टांगरी, मारकंडा और बेगना नदी ने कहर बरपाया। इस वजह से जिले के 476 गांवों में 2.50 लाख एकड़ में से 97000 एकड़ फसल प्रभावित हुई। गाद और मिट्टी के कारण धान की फसल जमीन में धंस गई। मुलाना, बराड़ा, साहा, अंबाला छावनी व अंबाला शहर के गांवों में फसल ज्यादा प्रभावित हुई। सरकार की ओर से नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। इस पोर्टल पर 15 सितंबर तक आवेदन के बाद राजस्व विभाग की ओर से सर्वे करवाया जाएगा। पटवारी की रिपोर्ट के बाद किसानों को मुआवजा मिलेगा।
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120 से ज्यादा गांव में 5215 एकड़ फसल हुई प्रभावित
बरसाती पानी के कारण जिले में 120 गांवों में फसल को ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। कृषि विभाग के प्राथमिक सर्वे में 120 से ज्यादा गांव ऐसे हैं, जहां 5215 एकड़ फसल 75 से 100 प्रतिशत तक प्रभावित हो गई। विभाग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। अब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के बाद सर्वे शुरू होगा।
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इन क्षेत्रों में ज्यादा फसल हुई प्रभावित
अंबाला शहर के रामपुर, निजामपुर, लोहगढ़, डंगडेहरी, डडियाना, देवीनगर, मोहड़ा, मोहड़ी, मछौंडा, मच्छौंडी, शाहपुर, बराड़ा और मुलाना का क्षेत्र भी शामिल है। इन क्षेत्रों में टांगरी, मारकंडा, बेगना नदी का जलभराव होने से फसल प्रभावित हुई। यह फसलें कई दिनों तक पानी में डूबी रहीं, जिससे किसानों की दिक्कतें बढ़ गईं।
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जिले में 97000 फसल बरसाती जलभराव के कारण प्रभावित हुई है। यह नुकसान 25 से लेकर 100 प्रतिशत तक हुआ है। सरकार की ओर से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खोल दिया गया है। 15 सितंबर के बाद सर्वे शुरू होगा। - डॉ. जसविंद्र सैनी, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।