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Ambala News: स्वामी विवेकानंद के विचार देते हैं आगे बढ़ने की प्रेरणा
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अंबाला। राष्ट्रीय युवा दिवस को स्वामी विवेकानंद को भी समर्पित किया है। स्वामी विवेकानंद के विचार आज के बहुत से युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। यह उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। शनिवार को छावनी के राजकीय पीजी कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस दौरान विभिन्न विषयों से जुड़े छात्र-छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर अपना मत रखा। इसके साथ ही प्राध्यापकों ने भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार हमें अच्छा और सफल नागरिक बना सकते हैं। इसका हमें अनुसरण करना चाहिए।
छात्र वंश ने कहा कि जैसा आप सोचते हैं वैसा ही बनते हैं। सोच एक बीज है और जैसा आप बीज बोओगे वैसा ही आपको फल मिलेगा। स्वामी विवेकानंद के विचार आज के समय में युवाओं के लिए इसी प्रकार की शिक्षा देते हैं। छात्रा तिशा ने बताया कि हमें अपनी जिंदगी से आलस्य को दूर करना चाहिए, क्योंकि अगर हम आलस में ही रहेंगे तो कभी तरक्की नहीं कर सकेंगे। स्वामी विवेकानंद का यह विचार आज के समय में काफी प्रासंगिक है। जो युवाओं को कुछ नया करने की योजना देता है।
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छात्रा कशिश का कहना है कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को प्रेरित करने के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं। उन्होंने युवा रहते हुए देश को एक अलग दिशा देने का काम किया। उनका मिशन था कि वह युवाओं को वैचारिक रूप से, आध्यात्मिक रूप से व धार्मिक रूप से प्रेरित और शिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा था कि आप जो सोचते हैं वही बनते हैं। ऐसे में आज के समय यह बात सटीक बैठती है। प्राध्यापक धर्मवीर सिंह बताते हैं कि राष्ट्र के निर्माण में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए युवा अपनी पूरी ऊर्जा राष्ट्र के निर्माण में लगाए न कि किसी दूसरे गलत कार्यों में लगाएं। आज के समय में युवाओं की तरफ यह देश देख रहा है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को पढ़ें और फैलाएं भी ताकि युवा इस देश को मजबूत कर सकें।
प्राध्यापक रविंद्र कुमार का कहना है कि युवा देश के कर्णधार हैं। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा देश के निर्माण में अहम कड़ी हैं। युवाओं का अच्छा चरित्र उस देश की दिशा दशा तय करता है। हमने युवाओं को अच्छा बना लिया तो देश को भी अच्छा बना लेंगे। स्वामी विवेकानंद के विचार यहीं पर सार्थक होंगे। छात्र हर्ष ने बताया कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि सत्य की ही विजय होती है मिथ्या की नहीं। आज के समय युवाओं को इस बात का अनुसरण करना चाहिए।सत्य की राह कठिन होती है मगर हमें प्रयास करते रहना चाहिए। छात्र वंश ने बताया कि स्वामी विवेकानंद का विचार उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक न रुको आ भी काफी प्रासंगिक है। आज के युवा इस विचार को आत्मसात करने नजर नहीं आते हैं। इसे युवाओं को आत्मसात करने की जरूरत है। स्वामी जी ने कहा था कि सिंघ की शूर वीरता से और पुष्प की कोमलता से कार्य किया जाए।
छात्र दीपक ने बताया कि जैसी संगत वैसी रंगत, इस विचार ने मुझे काफी प्रभावित किया है। हमारी जैसी संगत होती है हम वैसे ही बन जाते हैं। अगर युवाओं को इस बात की गहराई समझ आ जाए तो वह जीवन पलट सकते हैं। स्वामी विवेकानंद के विचार हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा देने वाले रहेंगे।
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इस दौरान विभिन्न विषयों से जुड़े छात्र-छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर अपना मत रखा। इसके साथ ही प्राध्यापकों ने भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार हमें अच्छा और सफल नागरिक बना सकते हैं। इसका हमें अनुसरण करना चाहिए।
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छात्र वंश ने कहा कि जैसा आप सोचते हैं वैसा ही बनते हैं। सोच एक बीज है और जैसा आप बीज बोओगे वैसा ही आपको फल मिलेगा। स्वामी विवेकानंद के विचार आज के समय में युवाओं के लिए इसी प्रकार की शिक्षा देते हैं। छात्रा तिशा ने बताया कि हमें अपनी जिंदगी से आलस्य को दूर करना चाहिए, क्योंकि अगर हम आलस में ही रहेंगे तो कभी तरक्की नहीं कर सकेंगे। स्वामी विवेकानंद का यह विचार आज के समय में काफी प्रासंगिक है। जो युवाओं को कुछ नया करने की योजना देता है।
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छात्रा कशिश का कहना है कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को प्रेरित करने के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं। उन्होंने युवा रहते हुए देश को एक अलग दिशा देने का काम किया। उनका मिशन था कि वह युवाओं को वैचारिक रूप से, आध्यात्मिक रूप से व धार्मिक रूप से प्रेरित और शिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा था कि आप जो सोचते हैं वही बनते हैं। ऐसे में आज के समय यह बात सटीक बैठती है। प्राध्यापक धर्मवीर सिंह बताते हैं कि राष्ट्र के निर्माण में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए युवा अपनी पूरी ऊर्जा राष्ट्र के निर्माण में लगाए न कि किसी दूसरे गलत कार्यों में लगाएं। आज के समय में युवाओं की तरफ यह देश देख रहा है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को पढ़ें और फैलाएं भी ताकि युवा इस देश को मजबूत कर सकें।
प्राध्यापक रविंद्र कुमार का कहना है कि युवा देश के कर्णधार हैं। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा देश के निर्माण में अहम कड़ी हैं। युवाओं का अच्छा चरित्र उस देश की दिशा दशा तय करता है। हमने युवाओं को अच्छा बना लिया तो देश को भी अच्छा बना लेंगे। स्वामी विवेकानंद के विचार यहीं पर सार्थक होंगे। छात्र हर्ष ने बताया कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि सत्य की ही विजय होती है मिथ्या की नहीं। आज के समय युवाओं को इस बात का अनुसरण करना चाहिए।सत्य की राह कठिन होती है मगर हमें प्रयास करते रहना चाहिए। छात्र वंश ने बताया कि स्वामी विवेकानंद का विचार उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक न रुको आ भी काफी प्रासंगिक है। आज के युवा इस विचार को आत्मसात करने नजर नहीं आते हैं। इसे युवाओं को आत्मसात करने की जरूरत है। स्वामी जी ने कहा था कि सिंघ की शूर वीरता से और पुष्प की कोमलता से कार्य किया जाए।
छात्र दीपक ने बताया कि जैसी संगत वैसी रंगत, इस विचार ने मुझे काफी प्रभावित किया है। हमारी जैसी संगत होती है हम वैसे ही बन जाते हैं। अगर युवाओं को इस बात की गहराई समझ आ जाए तो वह जीवन पलट सकते हैं। स्वामी विवेकानंद के विचार हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा देने वाले रहेंगे।

फाइल फोटो--कल्पना।