{"_id":"5f3f938d8ebc3e3cbc6c7934","slug":"swachta-rank-ambala-news-knl414054160","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बंद पर स्वच्छता सिपाहियों की बदौलत मार ली सर्वेक्षण बाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बंद पर स्वच्छता सिपाहियों की बदौलत मार ली सर्वेक्षण बाजी
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कूड़ा चढ़ता गया और ठेका बढ़ता गया अब ठेका भी गया और कूड़े का सफाया हो गया। नगर निगम अंबाला पर यह पंक्ति एकदम सटीक बैठ रही है। दरअसल वीरवार को जारी स्वच्छता सर्वेक्षण में अंबालावासियों ने बाजी मार ली। वह कर दिखाया जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं थी। स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने प्रदेश के 17 नगर निगमों में अंबाला ने 8वां स्थान और देशभर में 120वीं रैंकिंग हासिल कर अंबाला के माथे पर लगे गंदगी के दाग को धो दिया। यह कारनामा उस वक्त हुआ है जब अंबाला छावनी और शहर में करीब एक सालभर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना बंद पड़ है। जबकि हर साल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना पर ट्विन सिटी में करीब 18 करोड़ रूपये खर्च हो रहे थे। अलबत्ता इस बार लॉक डाउन और कूड़ा कलेक्शन ठेका रद्द होना अंबालावासियों के रास आ गया।
बता दें कि गृहमंत्री अनिल विज खुद डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना पर सवालिया निशान खड़े कर चुके हैं। गृहमंत्री बनने से पहले विज ने अंबाला के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को महाघोटाला कहते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसे बाद वह गृह एवं स्थानीय निकाय मंत्री बनने। अंबाला शहर नगर निगम और छावनी नगर परिषद बनाया गया। अलबत्ता जो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका निगम में जारी हुआ था परिषद बनने के बाद वह खत्म करना पड़ा।
बता दें कि वर्ष 2018 में अंबाला को 159वीं रैकिंग मिली थी और उस समय डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर 12 करोड़ रूपये सालाना खर्च किए गए थे। इसके बाद 2019 में 18 करोड़ सालाना खर्च किए और स्टेट रैकिंग 146 आई लेकिन इस बार इस योजना को बंद कर दिया गया और अब 120 रैंकिंग प्राप्त की।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में 120 रैकिंग पाना अंबाला के लिए आसान नहीं था। क्योंकि यहां आज तक कूड़े की छंटनी नहीं हो सकी है। इसी तरह कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं है और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन भी एक साल से बंद है। बावजूद इसके 120वीं रैकिंग आई। यह सब संभव हुआ निगम के सफाई कर्मियों और अंबालावासियों की फीडबैक की बदौलत। 6921 लोगों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में हिस्सा लिया और अपनी फीडबैक दी। इसी तरह नगर निगम के करीब 1100 सफाई कर्मचारियों ने कोरोना काल में भी जी तोड़ मेहनत कर गंदगी का सफाया कर डाला। तीसरा लॉक डाउन में लोग घरों से नहीं निकले और कूड़ा का फैलाव बंद हो गया। इसी कारण इस बार का स्वच्छता सर्वेक्षण अंबाला का रास आ गया।
कुल 6 हजार अंकों की इस परीक्षा में अंबाला नगर निगम को 3095.96 अंक मिले। प्रत्यक्ष अवलोकन में 1172, स्वच्छता एप और सिटीजन फीडबैक में 1035.88, सर्विस स्तर में 387 और सर्टिफिकेशन में 500 अंक अर्जित किए। बता दें कि सभी चारों वर्गों के 1500-1500 अंक तय किए गए थे।
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बता दें कि गृहमंत्री अनिल विज खुद डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना पर सवालिया निशान खड़े कर चुके हैं। गृहमंत्री बनने से पहले विज ने अंबाला के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को महाघोटाला कहते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसे बाद वह गृह एवं स्थानीय निकाय मंत्री बनने। अंबाला शहर नगर निगम और छावनी नगर परिषद बनाया गया। अलबत्ता जो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका निगम में जारी हुआ था परिषद बनने के बाद वह खत्म करना पड़ा।
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बता दें कि वर्ष 2018 में अंबाला को 159वीं रैकिंग मिली थी और उस समय डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर 12 करोड़ रूपये सालाना खर्च किए गए थे। इसके बाद 2019 में 18 करोड़ सालाना खर्च किए और स्टेट रैकिंग 146 आई लेकिन इस बार इस योजना को बंद कर दिया गया और अब 120 रैंकिंग प्राप्त की।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में 120 रैकिंग पाना अंबाला के लिए आसान नहीं था। क्योंकि यहां आज तक कूड़े की छंटनी नहीं हो सकी है। इसी तरह कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं है और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन भी एक साल से बंद है। बावजूद इसके 120वीं रैकिंग आई। यह सब संभव हुआ निगम के सफाई कर्मियों और अंबालावासियों की फीडबैक की बदौलत। 6921 लोगों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में हिस्सा लिया और अपनी फीडबैक दी। इसी तरह नगर निगम के करीब 1100 सफाई कर्मचारियों ने कोरोना काल में भी जी तोड़ मेहनत कर गंदगी का सफाया कर डाला। तीसरा लॉक डाउन में लोग घरों से नहीं निकले और कूड़ा का फैलाव बंद हो गया। इसी कारण इस बार का स्वच्छता सर्वेक्षण अंबाला का रास आ गया।
कुल 6 हजार अंकों की इस परीक्षा में अंबाला नगर निगम को 3095.96 अंक मिले। प्रत्यक्ष अवलोकन में 1172, स्वच्छता एप और सिटीजन फीडबैक में 1035.88, सर्विस स्तर में 387 और सर्टिफिकेशन में 500 अंक अर्जित किए। बता दें कि सभी चारों वर्गों के 1500-1500 अंक तय किए गए थे।