फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Surma is emerging from the mire of poverty and blooming in hockey

Ambala News: गरीबी के दलदल से निकल हॉकी में कमल खिला रहे सूरमा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2024 03:19 AM IST
विज्ञापन
Surma is emerging from the mire of poverty and blooming in hockey
संदीप कुमार
विज्ञापन

अंबाला। ग्रामीण क्षेत्रों से निकले अंबाला के कुछ युवा राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में अपना नाम चमका रहे हैं। उनकी कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। वह गांव से ही नहीं निकले बल्कि ऐसे खेल को चुना जिसकी सुविधाएं पहले अंबाला में अधिक नहीं थी।
इसके साथ ही गरीबी को मात देकर वह लगातार आगे बढ़ रहे हैं। दरअसल गांव बंबा और मियां माजरा के रहने वाले करीब 25 खिलाड़ी, रोजाना राजकीय मिडिल स्कूल मियां माजरा में तैयारी करते हैं। यह खिलाड़ी सुबह और शाम के समय अपने खेल की तैयारी करते हैं तो दोपहर को राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बकनौर में अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ाई करते हैं। इन खिलाड़ियों ने हालात को मात देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम चमकाया है। इसमें 19 लड़के और 6 लड़कियां हैं। इनमें तीन नेशनल, 20 स्टेट, दो जिलास्तर पर नाम कमा चुके हैं।
विज्ञापन


गौरतलब है कि पांच वर्ष पहले गांव मियां माजरा के राजकीय मिडिल स्कूल में हेडमास्टर राजिंद्र ने दो बच्चों से हॉकी खेल की शुरुआत की थी। आज यहां 25 खिलाड़ी तैयार हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चना खाकर करते हैं प्रैक्टिस
गांव बकनौर निवासी वंश ने बताया कि वह गांव बकनौर स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं का छात्र है। चार साल से हॉकी खेल रहा है। उसने अपने बडे भाई प्रवीण कुमार को देखकर हॉकी खेली। अब वह दोनों भाई एक साथ हॉकी टूर्नामेंट में प्रतिभाग करते हैं। डाइट के नाम पर दोनों सुबह काले चने खाकर करते हैं। वह दो बार स्कूल स्टेट में विजेता रहा है।
प्री नेहरू कप टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रहा। जिलास्तर पर उसके तीन स्वर्ण पदक हैं। प्रवीण कुमार ने बताया कि वह 12वीं का छात्र है वह चार बार स्टेट खेला है और दो बार दूसरे स्थान पर रहा। यह प्रतियोगिता रोहतक, शाहबाद, हिसार और सोनीपत में हुई। इसके अलावा वह छह बार जिलास्तर पर खेल चुका है, इसमें चार स्वर्ण पदक है।

पिता करते हैं मजदूरी
कोच कोमल ने बताया कि हरमन पांच साल से हॉकी खेल रहा है। एक बार भोपाल में नेशनल खेल चुका है जिसमें इसकी भागीदारी रही। छह पांच स्टेट खेल चुका है, पांच जिलास्तर पर खेल चुका है जिसमें दो स्वर्ण पदक है। इसके अलावा रहमान और राहुल ने एक एक नेशनल खेले दोनों तीसरे स्थान पर रहे, उन्होंने दो प्री नेहरू कप खेले, दोनों पांच स्टेट खेल चुके हैं और पांच जिला स्तर पर खेल चुके हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के पिता मजदूरी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed