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कोरोना संक्रमित मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर की आत्महत्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 12:36 AM IST
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suicide
suicide - फोटो : Ambala
अंबाला/मुलाना। मुलाना मेडिकल कालेज के कोविड यूनिट में यमुनानगर जिले के जगाधरी हुडा के रहने वाले 55 वर्षीय गारमेंट कारोबारी ने अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। वह 12 जून को दिल्ली से आया था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हुई और 13 जून को वह यमुनानगर में जांच के लिए गया। रिपोर्ट में व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया था। मरने से पहले सुबह करीब साढ़े 4 बजे व्यक्ति ने अपने बेटे और भाई को मैसेज किया था। व्यक्ति को अस्थमा की प्राब्लम थी।
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क्या लिखा था मैसेज में
बेटे को भेजे मैसेज में मरने से पहले कोरोना संक्रमित ने लिखा जिससे लेना है उससे लेना है और जिसको देना है उसका देना जरूरी है। चाहे जिससे हमें लेना है वह दे न दे लेकिन जिसका हमने देना है उसे जरूर देना। साथ ही यह भी लिखा कि मेरे संस्कार के समय 10 फुट की दूरी बनाए रखना। वहीं भाई को लिखे मैसेज में कहा कि मेरा इलाज सही नहीं हो रहा।
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हालत में हो रहा था सुधार
मुलाना मेडिकल कालेज में आने के बाद उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा था। इतना ही नहीं कुछ समय के लिए उसकी आक्सीजन भी हटाई जाने लगी थी। बताया जा रहा है कि वह आईसीयू में अकेला ही मरीज था। एक तो अकेलापन और दूसरा एक तरह से उसे मिनी वेंटीलेटर पर रखा गया था। इसमें उसके मुंह पर मास्क लगाया जाता था। इससे वह तंग था। कई बार बुधवार को भी उन्होंने स्टाफ से कहकर इसे हटवाया था। माना जा रहा है कि अकेलेपन और मास्क से तंग आकर ही उन्होंने यह कदम उठाया।
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करीब सवा छह बजे लगाया फंदा
क्योंकि कोरोना संक्रमित को एक तरह से मिनी वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसीलिए सुबह करीब 6 बजे बाथरूम जाने के लिए उसे हटाया गया था। जब 15-20 मिनट बाद भी वह नहीं आए तो स्टाफ को शक हुआ। बाथरूम जाकर देखा तो वह फंदे पर लटके हुए थे।

मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा था। उनका इलाज बायोकेप से किया जा रहा था। मरीज की मौत से हमें बेहद दुख है। कोरोना के चलते वह मानसिक रूप से तनाव में थे। इसीलिए यह कदम उठाया। किसी तरह की लापरवाही इलाज में नहीं बरती गई।
-एलएन गर्ग, एमएम अस्पताल अधीक्षक।
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