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Ambala News: मेधावी छात्र सम्मान समारोह में जिले के 16 विद्यार्थी पदक व प्रमाण-पत्र से सम्मानित
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अंबाला सिटी। करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के सभागार में मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया। इसमें प्रदेश के कई जिलों से मेधावी छात्र पहुंचे। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह ने शिरकत की। उनके पहुंचने पर सभी ने उनका स्वागत किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को पदक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अंबाला से 12वीं कक्षा के 13 और 10वीं के तीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इसी तरह आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी भविष्य की योजना के लिए भी बातचीत की और बताया कि कैसे उन्होंने मेहनत कर बेहतरीन अंक हासिल किए।
पापा का सपना पूरा करना साक्षी का लक्ष्य
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की साक्षी शर्मा ने कला संकाय में 500 में से 493 अंक 98.6 फीसद अंक प्राप्त किए। पिता राजीव शर्मा का फाइनेंस का व्यापार है। माता रीना देवी गृहिणी हैं। साक्षी ने बताया कि उसने रोजाना देररात एक बजे तक पढ़ाई की थी। जो स्कूल में पढ़ाया, उसको घर आकर रिवाइज किया। वह यूपीएससी उत्तीर्ण कर आईएएस बनना चाहती है। वह अपने पापा का सपना पूरा करना चाहती है। पिता राजीव शर्मा ने बताया कि उन्होंने भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी, मगर उत्तीर्ण नहीं हुए। अब बेटी में अपने सपने को साकार होते देखते हैं। साक्षी अभी सेक्टर-42 चंडीगढ़ के पीजीजीसीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही है। साथ ही वह यूपीएससी के लिए प्रशिक्षण भी लेंगी।
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सेल्फ स्टडी से लिए बेहतरीन अंक
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की सलोनी ने कला संकाय में 500 में से 488 अंक 97.6 फीसद लिए। सलोनी ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की है। उसके पिता लक्की शेर राजमिस्त्री और माता रीना गृहिणी है। वह अभी ग्रेजुएशन कर रही है। ग्रेजुएशन के साथ यूपीएससी की तैयारी करेंगी। बचपन से ही मन में पढ़कर लिखकर कुछ बनने का सपना है। जब वह रोजाना पढ़ाई करती थी। उसका एक ही लक्ष्य था कि अच्छे अंक से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करनी है। वह सुबह तड़के उठकर पढ़ती थी और देर रात तक भी पढ़ाई की।
किसान की बेटी यूपीएससी की करेंगी तैयारी
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की शिखा देवी ने कला संकाय में 500 में से 485 अंक 97 फीसद लिए। शिखा ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी कर अच्छे अंक लिए। रोजाना स्कूल में एक्स्ट्रा क्लास लगती थी। उसका सपना आईएएस बनने का है। वह यूपीएससी की तैयारी करेंगी। उसके पिता संजीव कुमार किसान हैं और मां सविता देवी गृहिणी हैं। उसने सोशल मीडिया की मदद से रोजाना पढ़ाई की। अगर कुछ समझ नहीं आता था तो अपने शिक्षकों से डाउट क्लीयर किए।
सरकारी नौकरी में करना चाहती है राजविंद्र
शहर के मॉडल टाउन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की छात्रा राजविंद्र कौर ने कला संकाय में 500 में से 485 अंक 97 फीसदी हासिल किए। राजविंद्र कौर ने बताया कि वह सरकारी नौकरी में जाना चाहती है। इसके लिए तैयारी भी कर रही हैं। उसके पिता गुरजीत सिंह मजदूरी करते हैं और माता कंवलजीत कौर गृहिणी है। राजविंद्र कौर ने बताया कि स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था, उसको घर आकर रिवाइज जरूर करती थी। उसने रोजाना पढ़ने के लिए शेड्यूल भी बनाया था। परीक्षा के दिनों में सुबह और शाम को पढ़ाई को ज्यादा समय दिया।
पढ़ाई के लिए वह शेड्यूल बनाती थी
शहर पुलिस लाइन के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रियांशी अवस्थी ने कॉमर्स में 500 में से 484 अंक हासिल किए। प्रियांशी ने बताया कि पढ़ाई के लिए वह शेड्यूल बनाती थी। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ने का शेड्यूल बनाकर पढ़ती थी। वह शेड्यूल बनाकर उसको पूरा जरूर करती थी। वह इस चीज की पक्की थी। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है। इसके लिए तैयारी कर रही हैं। उसके पिता मुकेश अवस्थी और माता नीलम अवस्थी ने पढ़ाई में सपोर्ट किया।
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करेंगी तैयारी
शहर पुलिस लाइन के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तमन्ना ने कॉमर्स में 500 में से 481 अंक 96.2 हासिल किए। तमन्ना ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की। वह कॉलेज में बीकॉम करेंगी। उसका सपना बैकिंग सेक्टर में नौकरी करने का है। उसके पिता गुलशन कुमार की मृत्यु हो गई थी। माता रितु गृहिणी हैं। उसके भाई प्राइवेट नौकरी करता है। उसने अपनी पढ़ाई में परेशानियों को नहीं आने दिया। वह नौकरी के लिए भी तैयारी शुरू करेंगी।
रोजाना पांच से छह घंटे की पढ़ाई
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की सानिया देवी ने कॉमर्स में 500 में से 480 अंक हासिल किए। सानिया ने बताया कि वह रोजाना 5 से 6 घंटे तक पढ़ाई करती थी। सुबह और रात को पढ़ाई करने के लिए शेड्युल बनाया हुआ था। उनकी स्कूल अध्यापकों ने भी उसका मार्गदर्शन किया। उसके पिता सुरेश कुमार मजदूरी करते हैं और माता सरिता रानी गृहिणी हैं। वह ग्रेजुएशन करने के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी करेंगी।
आईआईएम में दाखिला लेने का है सपना
शहर के प्रेम नगर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की छात्रा गौरी ने नॉन मेडिकल में 500 में से 476 अंक 95.2 फीसद हासिल किए। गौरी की माता ममता शहर प्रेम नगर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल प्रेम नगर में ही पीजीटी बॉयोलॉजी की अध्यापक हैं। गौरी के पिता मनदीप कुमार का देहांत हो गया था। गौरी ने बताया कि उसका सपना इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में दाखिला लेना है। अभी उसकी काउंसलिंग चल रही है। गौरी ने बताया कि उसने 12वीं में अच्छे अंक लेने के लिए काफी मेहनत की। स्कूल अध्यापकों का उसको मार्गदर्शन मिला। उसने घर पर ही सेल्फ स्टडी की। खुद के नोट्स बनाती थी।
इंजीनियर बनना है सपना
शहर के प्रेम नगर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थी ओम ने नॉन मेडिकल में 500 में से 474 अंक हासिल किए। ओम ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की और ऑनलाइन के माध्यम से भी पढ़ाई की। स्कूल में शिक्षकों ने जो पढ़ाया, उसको घर आकर रिवाइज किया। देर रात तक भी पढ़ाई की। वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। उसकी पढ़ाई में पिता संदीप कुमार और माता मंजू ने उसकी पढ़ाई में सहायता की। ओम ने बताया कि अभी उसकी जेईई की काउंसलिंग चल रही है।
सुबह जल्दी उठकर रोजाना की पढ़ाई
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शहजादपुर की मुस्कान ने नॉन मेडिकल में 500 अंक में से 460 अंक हासिल किए हैं। उसके पिता एक दुकान चलाते है। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए उसने बीटेक में दाखिला भी लिया है। मुस्कान ने बताया कि वह देर रात तक पढ़ती थी और सुबह जल्दी उठकर भी पढ़ाई करती थी। स्कूल अध्यापक जो सिलेबस करवाते थे, उसको घर आकर जरूर रिवाइज करती थी।
सेल्फ स्टडी कर लिए अच्छे अंक
शहर प्रेम नगर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के योगेश ने मेडिकल में 500 अंक में से 472 अंक हासिल किए। योगेश के पिता का देहांत हो गया था। उसकी माता एक निजी स्कूल में सहायक की नौकरी करती है। उसकी माता ने ही उसे कड़ी मेहनत कर पढ़ाया है। योगेश ने बताया कि उसने पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया की सहायता ली और सेल्फ स्टडी की। योगेश डॉक्टर बनना चाहता है। इसके लिए वह नीट की परीक्षा की तैयारी भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री बनना चाहती है समृद्धि
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अधोया की समृद्धि ने 12वीं कक्षा में मेडिकल में 500 अंक में से 466 अंक हासिल किए हैं। उसके पिता सरकारी स्कूल में अध्यापक है। वह राजनीति में जाकर मुख्यमंत्री बनना चाहती है। वह दिन में 10 घंटों तक पढ़ाई करती है। वह अपने स्कूल अध्यापकों के मार्गदर्शन में पढ़ी। उसके पिता ने भी पढ़ाई में सहायता की। समृद्धि ने बताया कि हमें अपने रोजाना के स्कूल कार्य को जरूर करना चाहिए। इसके लिए शेड्यूल बनना चाहिए ताकि सिलेबस समय पर पूरा किया जा सके।
डाॅक्टर बनकर करेंगी देश की सेवा
अंबाला छावनी के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नैंसी ने मेडिकल में 12वीं में 500 अंक में से 460 अंक प्राप्त किए हैं। उसके पिता अध्यापक है। वह भविष्य में डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं, इसलिए वह अब नीट परीक्षा की तैयारी कर रही है। उसने पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया का सहारा भी लिया। नैंसी ने बताया कि हमें सत्र के शुरू होने से ही पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम परीक्षा के दिनों में ही पढ़ें।
एयरफोर्स में पायलट बनने का है सपना
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की 10वीं कक्षा में उत्तीर्ण छात्रा नीरज ने 500 में से 495 अंक 99.00 फीसदी लिए। नीरज ने बताया कि उसने रोजाना सेल्फ स्टडी की। स्कूल में भी एक्स्ट्रा कक्षाएं लगती थी। घर आकर रात 10 बजे तक पढ़ती थी और सुबह 3 बजे उठकर पढ़कर रोजाना पढ़ती थी। वह अब डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल नारायणगढ़ से नॉन मेडिकल से पढ़ाई कर रही हैं। वह एनडीए कर एयरफोर्स में पायलट बनना चाहती है। उसने बचपन में नीरजा फिल्म देखी थी। उस फिल्म में एयरहोस्टेस को देखकर उसको पायलट बनने में दिलचस्पी आई। पिता मामचंद बिजली निगम में कार्यरत और माता सुषमा गृहिणी हैं।
आईएएस बनने का है सपना
फतेहपुर गांव के राजकीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थी रिषव ने दसवीं में 500 में से 494 अंक 98.80 फीसदी प्राप्त किए। रिषव ने बताया कि वह रोजाना आठ घंटे तक पढ़ाई करता था। उसका सपना आईएएस बनने का है और वह आईआईटी में दाखिले के लिए भी तैयारी कर रहा है। रिषव के पिता रामचरण दुकान चलाते हैं और माता संतोष देवी गृहिणी हैं। रिषव ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की। वह आगे भी ऐसा ही मेहनत कर अच्छे अंक लेगा ताकि अपने सपने को पूरा कर सके।
जेईई उत्तीर्ण कर इंजीनियर बनना है सपना
रवि आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल जफरपुर के शिवम ने 10वीं कक्षा में 500 में से 491 अंक 98.20 हासिल किए। शिवम के पिता संजीव कुमार पीकेआर जैन वाटिका स्कूल में क्लर्क हैं और मां सोनिया गृहिणी हैं। शिवम ने बताया कि वह जेईई उत्तीर्ण कर इंजीनियर बनना चाहता है। साथ ही वह एनडीए की तैयारी कर रहा है। 10वीं में उसने सेल्फ स्टडी की। शिवम ने बताया कि वह स्कूल से घर आकर गहराई से घर आकर पढ़ाई करता था। उसके बहन सैलजा बीएड कर रही है। उसकी बहन ने उसकी पढ़ाई में काफी सहायता की। शिवम ने बताया कि उसने एनसीईआरटी की किताबें पढ़ी और 2014 से लेकर 2023 तक के पुराने पेपर को रिवाइज किया। इन पेपर की रिवीजन से उसको काफी मदद मिली।
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उन्होंने विद्यार्थियों को पदक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अंबाला से 12वीं कक्षा के 13 और 10वीं के तीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इसी तरह आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी भविष्य की योजना के लिए भी बातचीत की और बताया कि कैसे उन्होंने मेहनत कर बेहतरीन अंक हासिल किए।
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पापा का सपना पूरा करना साक्षी का लक्ष्य
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की साक्षी शर्मा ने कला संकाय में 500 में से 493 अंक 98.6 फीसद अंक प्राप्त किए। पिता राजीव शर्मा का फाइनेंस का व्यापार है। माता रीना देवी गृहिणी हैं। साक्षी ने बताया कि उसने रोजाना देररात एक बजे तक पढ़ाई की थी। जो स्कूल में पढ़ाया, उसको घर आकर रिवाइज किया। वह यूपीएससी उत्तीर्ण कर आईएएस बनना चाहती है। वह अपने पापा का सपना पूरा करना चाहती है। पिता राजीव शर्मा ने बताया कि उन्होंने भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी, मगर उत्तीर्ण नहीं हुए। अब बेटी में अपने सपने को साकार होते देखते हैं। साक्षी अभी सेक्टर-42 चंडीगढ़ के पीजीजीसीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही है। साथ ही वह यूपीएससी के लिए प्रशिक्षण भी लेंगी।
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सेल्फ स्टडी से लिए बेहतरीन अंक
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की सलोनी ने कला संकाय में 500 में से 488 अंक 97.6 फीसद लिए। सलोनी ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की है। उसके पिता लक्की शेर राजमिस्त्री और माता रीना गृहिणी है। वह अभी ग्रेजुएशन कर रही है। ग्रेजुएशन के साथ यूपीएससी की तैयारी करेंगी। बचपन से ही मन में पढ़कर लिखकर कुछ बनने का सपना है। जब वह रोजाना पढ़ाई करती थी। उसका एक ही लक्ष्य था कि अच्छे अंक से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करनी है। वह सुबह तड़के उठकर पढ़ती थी और देर रात तक भी पढ़ाई की।
किसान की बेटी यूपीएससी की करेंगी तैयारी
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की शिखा देवी ने कला संकाय में 500 में से 485 अंक 97 फीसद लिए। शिखा ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी कर अच्छे अंक लिए। रोजाना स्कूल में एक्स्ट्रा क्लास लगती थी। उसका सपना आईएएस बनने का है। वह यूपीएससी की तैयारी करेंगी। उसके पिता संजीव कुमार किसान हैं और मां सविता देवी गृहिणी हैं। उसने सोशल मीडिया की मदद से रोजाना पढ़ाई की। अगर कुछ समझ नहीं आता था तो अपने शिक्षकों से डाउट क्लीयर किए।
सरकारी नौकरी में करना चाहती है राजविंद्र
शहर के मॉडल टाउन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की छात्रा राजविंद्र कौर ने कला संकाय में 500 में से 485 अंक 97 फीसदी हासिल किए। राजविंद्र कौर ने बताया कि वह सरकारी नौकरी में जाना चाहती है। इसके लिए तैयारी भी कर रही हैं। उसके पिता गुरजीत सिंह मजदूरी करते हैं और माता कंवलजीत कौर गृहिणी है। राजविंद्र कौर ने बताया कि स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था, उसको घर आकर रिवाइज जरूर करती थी। उसने रोजाना पढ़ने के लिए शेड्यूल भी बनाया था। परीक्षा के दिनों में सुबह और शाम को पढ़ाई को ज्यादा समय दिया।
पढ़ाई के लिए वह शेड्यूल बनाती थी
शहर पुलिस लाइन के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रियांशी अवस्थी ने कॉमर्स में 500 में से 484 अंक हासिल किए। प्रियांशी ने बताया कि पढ़ाई के लिए वह शेड्यूल बनाती थी। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ने का शेड्यूल बनाकर पढ़ती थी। वह शेड्यूल बनाकर उसको पूरा जरूर करती थी। वह इस चीज की पक्की थी। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है। इसके लिए तैयारी कर रही हैं। उसके पिता मुकेश अवस्थी और माता नीलम अवस्थी ने पढ़ाई में सपोर्ट किया।
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करेंगी तैयारी
शहर पुलिस लाइन के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तमन्ना ने कॉमर्स में 500 में से 481 अंक 96.2 हासिल किए। तमन्ना ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की। वह कॉलेज में बीकॉम करेंगी। उसका सपना बैकिंग सेक्टर में नौकरी करने का है। उसके पिता गुलशन कुमार की मृत्यु हो गई थी। माता रितु गृहिणी हैं। उसके भाई प्राइवेट नौकरी करता है। उसने अपनी पढ़ाई में परेशानियों को नहीं आने दिया। वह नौकरी के लिए भी तैयारी शुरू करेंगी।
रोजाना पांच से छह घंटे की पढ़ाई
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की सानिया देवी ने कॉमर्स में 500 में से 480 अंक हासिल किए। सानिया ने बताया कि वह रोजाना 5 से 6 घंटे तक पढ़ाई करती थी। सुबह और रात को पढ़ाई करने के लिए शेड्युल बनाया हुआ था। उनकी स्कूल अध्यापकों ने भी उसका मार्गदर्शन किया। उसके पिता सुरेश कुमार मजदूरी करते हैं और माता सरिता रानी गृहिणी हैं। वह ग्रेजुएशन करने के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी करेंगी।
आईआईएम में दाखिला लेने का है सपना
शहर के प्रेम नगर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की छात्रा गौरी ने नॉन मेडिकल में 500 में से 476 अंक 95.2 फीसद हासिल किए। गौरी की माता ममता शहर प्रेम नगर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल प्रेम नगर में ही पीजीटी बॉयोलॉजी की अध्यापक हैं। गौरी के पिता मनदीप कुमार का देहांत हो गया था। गौरी ने बताया कि उसका सपना इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में दाखिला लेना है। अभी उसकी काउंसलिंग चल रही है। गौरी ने बताया कि उसने 12वीं में अच्छे अंक लेने के लिए काफी मेहनत की। स्कूल अध्यापकों का उसको मार्गदर्शन मिला। उसने घर पर ही सेल्फ स्टडी की। खुद के नोट्स बनाती थी।
इंजीनियर बनना है सपना
शहर के प्रेम नगर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थी ओम ने नॉन मेडिकल में 500 में से 474 अंक हासिल किए। ओम ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की और ऑनलाइन के माध्यम से भी पढ़ाई की। स्कूल में शिक्षकों ने जो पढ़ाया, उसको घर आकर रिवाइज किया। देर रात तक भी पढ़ाई की। वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। उसकी पढ़ाई में पिता संदीप कुमार और माता मंजू ने उसकी पढ़ाई में सहायता की। ओम ने बताया कि अभी उसकी जेईई की काउंसलिंग चल रही है।
सुबह जल्दी उठकर रोजाना की पढ़ाई
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शहजादपुर की मुस्कान ने नॉन मेडिकल में 500 अंक में से 460 अंक हासिल किए हैं। उसके पिता एक दुकान चलाते है। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए उसने बीटेक में दाखिला भी लिया है। मुस्कान ने बताया कि वह देर रात तक पढ़ती थी और सुबह जल्दी उठकर भी पढ़ाई करती थी। स्कूल अध्यापक जो सिलेबस करवाते थे, उसको घर आकर जरूर रिवाइज करती थी।
सेल्फ स्टडी कर लिए अच्छे अंक
शहर प्रेम नगर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के योगेश ने मेडिकल में 500 अंक में से 472 अंक हासिल किए। योगेश के पिता का देहांत हो गया था। उसकी माता एक निजी स्कूल में सहायक की नौकरी करती है। उसकी माता ने ही उसे कड़ी मेहनत कर पढ़ाया है। योगेश ने बताया कि उसने पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया की सहायता ली और सेल्फ स्टडी की। योगेश डॉक्टर बनना चाहता है। इसके लिए वह नीट की परीक्षा की तैयारी भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री बनना चाहती है समृद्धि
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अधोया की समृद्धि ने 12वीं कक्षा में मेडिकल में 500 अंक में से 466 अंक हासिल किए हैं। उसके पिता सरकारी स्कूल में अध्यापक है। वह राजनीति में जाकर मुख्यमंत्री बनना चाहती है। वह दिन में 10 घंटों तक पढ़ाई करती है। वह अपने स्कूल अध्यापकों के मार्गदर्शन में पढ़ी। उसके पिता ने भी पढ़ाई में सहायता की। समृद्धि ने बताया कि हमें अपने रोजाना के स्कूल कार्य को जरूर करना चाहिए। इसके लिए शेड्यूल बनना चाहिए ताकि सिलेबस समय पर पूरा किया जा सके।
डाॅक्टर बनकर करेंगी देश की सेवा
अंबाला छावनी के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नैंसी ने मेडिकल में 12वीं में 500 अंक में से 460 अंक प्राप्त किए हैं। उसके पिता अध्यापक है। वह भविष्य में डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं, इसलिए वह अब नीट परीक्षा की तैयारी कर रही है। उसने पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया का सहारा भी लिया। नैंसी ने बताया कि हमें सत्र के शुरू होने से ही पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम परीक्षा के दिनों में ही पढ़ें।
एयरफोर्स में पायलट बनने का है सपना
न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगला राजपुतान की 10वीं कक्षा में उत्तीर्ण छात्रा नीरज ने 500 में से 495 अंक 99.00 फीसदी लिए। नीरज ने बताया कि उसने रोजाना सेल्फ स्टडी की। स्कूल में भी एक्स्ट्रा कक्षाएं लगती थी। घर आकर रात 10 बजे तक पढ़ती थी और सुबह 3 बजे उठकर पढ़कर रोजाना पढ़ती थी। वह अब डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल नारायणगढ़ से नॉन मेडिकल से पढ़ाई कर रही हैं। वह एनडीए कर एयरफोर्स में पायलट बनना चाहती है। उसने बचपन में नीरजा फिल्म देखी थी। उस फिल्म में एयरहोस्टेस को देखकर उसको पायलट बनने में दिलचस्पी आई। पिता मामचंद बिजली निगम में कार्यरत और माता सुषमा गृहिणी हैं।
आईएएस बनने का है सपना
फतेहपुर गांव के राजकीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थी रिषव ने दसवीं में 500 में से 494 अंक 98.80 फीसदी प्राप्त किए। रिषव ने बताया कि वह रोजाना आठ घंटे तक पढ़ाई करता था। उसका सपना आईएएस बनने का है और वह आईआईटी में दाखिले के लिए भी तैयारी कर रहा है। रिषव के पिता रामचरण दुकान चलाते हैं और माता संतोष देवी गृहिणी हैं। रिषव ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी की। वह आगे भी ऐसा ही मेहनत कर अच्छे अंक लेगा ताकि अपने सपने को पूरा कर सके।
जेईई उत्तीर्ण कर इंजीनियर बनना है सपना
रवि आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल जफरपुर के शिवम ने 10वीं कक्षा में 500 में से 491 अंक 98.20 हासिल किए। शिवम के पिता संजीव कुमार पीकेआर जैन वाटिका स्कूल में क्लर्क हैं और मां सोनिया गृहिणी हैं। शिवम ने बताया कि वह जेईई उत्तीर्ण कर इंजीनियर बनना चाहता है। साथ ही वह एनडीए की तैयारी कर रहा है। 10वीं में उसने सेल्फ स्टडी की। शिवम ने बताया कि वह स्कूल से घर आकर गहराई से घर आकर पढ़ाई करता था। उसके बहन सैलजा बीएड कर रही है। उसकी बहन ने उसकी पढ़ाई में काफी सहायता की। शिवम ने बताया कि उसने एनसीईआरटी की किताबें पढ़ी और 2014 से लेकर 2023 तक के पुराने पेपर को रिवाइज किया। इन पेपर की रिवीजन से उसको काफी मदद मिली।