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अटकी रही सांसें, सुरक्षा एजेंसी ने कई बार खंगाले स्टेशन
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अंबाला। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा तीन जून को ट्रेनें न चलाने की धमकी के बाद दिनभर रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की सांसें अटकी रही। जीआरपी और आरपीएफ के आलाधिकारियों ने स्टेशन पर ही डेरा डाले रखा। उन्होंने मुलाजिमों सहित डॉग व बम स्क्वॉयड के साथ रेलवे स्टेशन के चप्पे-चप्पे को खंगाला। यहां तक कि रेलवे यार्ड सहित अंबाला मंडल की सीमा में आने वाली पटरियों पर भी रेलवे कर्मचारियों ने नजर बनाए रखी।
दरअसल, खालीस्तान के नाम से बने अकाउंट से एक ट्वीट किया गया था कि शहर से शंभू बॉर्डर के बीच पटरियां उखाड़ दी गई हैं। ऐसे में रेलवे सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई थी और पटरियों का जायजा लिया तो उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला। तभी से जीआरपी, आरपीएफ सहित सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट रही। स्टेशन को एक नहीं बल्कि सुबह से रात तक कई बार खंगाला गया। यात्रियों के सामान की चेकिंग के साथ-साथ उन्हें भी स्टेशन पर किसी तरह की लावारिस वस्तु मिलने पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त गुर जसबीर सिंह, जीआरपी डीएसपी धीरज कुमार आदि पुलिस की टीमें तैनात रही।
कुरुक्षेत्र जीआरपी थाना प्रभारी ईशम सिंह ने बताया कि 27 मई को दोपहर करीब एक बजे उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। उसने कहा कि तीन जून को बिंडरा वाले का 39वां समारोह आ रहा है इसलिए कोई भी ट्रेन न चलाएं। इसके बाद से ही जीआरपी एसपी संगीता कालिया ने अलर्ट के निर्देश जारी करते हुए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा मजबूर कर दी थी।
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47 कैमरों में से एक रहा खराब
रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की खास नजर रही। हर कैमरे पर बारीकि से नजर रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया था। बता दें कि छावनी रेलवे स्टेशन पर करीब 47 कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से 46 चल रहे हैं जबकि एक कैमरा खराब था।
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दरअसल, खालीस्तान के नाम से बने अकाउंट से एक ट्वीट किया गया था कि शहर से शंभू बॉर्डर के बीच पटरियां उखाड़ दी गई हैं। ऐसे में रेलवे सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई थी और पटरियों का जायजा लिया तो उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला। तभी से जीआरपी, आरपीएफ सहित सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट रही। स्टेशन को एक नहीं बल्कि सुबह से रात तक कई बार खंगाला गया। यात्रियों के सामान की चेकिंग के साथ-साथ उन्हें भी स्टेशन पर किसी तरह की लावारिस वस्तु मिलने पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त गुर जसबीर सिंह, जीआरपी डीएसपी धीरज कुमार आदि पुलिस की टीमें तैनात रही।
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कुरुक्षेत्र जीआरपी थाना प्रभारी ईशम सिंह ने बताया कि 27 मई को दोपहर करीब एक बजे उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। उसने कहा कि तीन जून को बिंडरा वाले का 39वां समारोह आ रहा है इसलिए कोई भी ट्रेन न चलाएं। इसके बाद से ही जीआरपी एसपी संगीता कालिया ने अलर्ट के निर्देश जारी करते हुए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा मजबूर कर दी थी।
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47 कैमरों में से एक रहा खराब
रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की खास नजर रही। हर कैमरे पर बारीकि से नजर रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया था। बता दें कि छावनी रेलवे स्टेशन पर करीब 47 कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से 46 चल रहे हैं जबकि एक कैमरा खराब था।