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दफ्तरों में कामकाज ठप, भटकती रही जनता

Thu, 03 Sep 2015 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Thu, 03 Sep 2015 12:47 AM IST
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strike disrupts life, no govt office works

बुधवार को ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के कारण जनता अपने जरूरी कामकाज के लिए भटकती रही। पब्लिक डीलिंग वाले लगभग हर डिपार्टमेंट में हड़ताल रही, जबकि जनता को अपने आवश्यक काम करवाने के लिए भी काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। नारायणगढ़ में हड़ताल को लेकर दो यूनियनें आपस में उलझ गई और जमकर हंगामा भी हुआ। काफी देर तक यह हंगामा चलता रहा, लेकिन कर्मचारियों ने इस विवाद को निपटाया। दूसरी ओर डाक विभाग की हड़ताल के कारण हजारों पार्सल व लेटर कार्यालयों व आरएमएस आफिस में ही पड़े रहे। राहत भरी बात यह रही कि रोडवेज यूनियनों में एकजुटता नहीं होने के कारण बसों के पहिये नहीं थमे जबकि सत्तर से अस्सी प्रतिशत बसें ऑन रूट रहीं। इसके अलावा अन्य पब्लिक डीलिंग वाले दफ्तरों में कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा, जबकि डीसी रेट पर लगे कर्मचारी ऑन ड्यूटी रहे। इसके अलावा आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, अध्यापक संघ, कंप्यूटर अध्यापक संघ, मिड-डे-मील कर्मी, चतुर्थ श्रेणी कर्मी, लैंब अटैंडट, आशा वर्कर, भवन निर्माण कामगार यूनियन हड़ताल पर रहीं। 

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हजारों पार्सल अटके

डाक विभाग में हड़ताल का पूरा असर देखने को मिला। यहां पर कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। जनता अपने कामकाज के लिए कार्यालयों में आई, लेकिन हड़ताल के कारण उनको वापस लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण विभाग की आवश्यक सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं, जबकि जनता को भटकना पड़ा। विभाग में हड़ताल के चलते हजारों की संख्या में पार्सल व लेटर यूं ही पड़े रहे। यही हालात आरएमएस (रेलवे मेल सर्विस) में भी रही। यहां पर ट्रेनों के जरिये जाने वाले आरएमएस के पार्सल नहीं जा पाए जबकि यह सभी पार्सल अब एक दिन लेट लोगों तक पहुंचेंगे। 

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बैंकों में काम रहा ठप

इस देशव्यापी हड़ताल के कारण कईं बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा। हालांकि स्टेट बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग नहीं लिया, जबकि निजी बैंकों में कामकाज चला। लेकिन अधिकतर सरकारी बैंक (स्टेट बैंक छोड़कर) अन्य में काम नहीं हुआ। लोग बैंकिंग के लिए आए, लेकिन कामकाज ठप होने के कारण उनको लौटना पड़ा। अधिकतर लोग एटीएम सहित अन्य निजी अथवा स्टेट बैंकों पर निर्भर रहे। 

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नगर पालिका कर्मचारी संघ हड़ताल पर 

नगर पालिका कर्मचारी संघ अंबाला जोन के कर्मचारी हड़ताल की और सदर जोन कार्यालय पर गेट मीटिंग की। इस दौरान प्रधान सेवाराम ने कहा कि सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों के पद सृजित करते हुए शीघ्र पक्का किया जाए। जब तक उनकी यह मांग नहीं मानी जाती, संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर उपप्रधान राजू, राजेंद्र कुमार, मनप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे। 



एचएसईबी वर्कर्स यूनियन गरजी 

एचएसईबी वर्कर्स यूनियन ने देश व्यापी हड़ताल मेें शामिल हुई। जिला की बिजली विभाग के अध्कितर कार्यालयों में  यूनियन के कार्यालयों में रेगुलर कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया और कामकाज ठप रखा। प्रदेश सलाहकार देवी प्रसाद भट्ट ने दावा किया कि विभाग में हड़ताल लगभग 98 प्रतिशत रही। जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करती रहेगी, कर्मचारी अपना संघर्ष जारी रखेंगे। इस दौरान कर्मचारी नेता रुपेश कुमार, पे्रम चंद, हेमचंद पांडे, सुखराज, रामपाल, केदार, राधेश्याम, खुशीराम, सुभाष बख्शी, कुल दीप, गौरव कुमार, रुलदा राम, सुरेंद्र केसरी, धीरज, रामेश्वर, राजकुमार, त्रिलोचन सिंह, अशोक कुुमार, अनिल कुमार, मंगल, शेर सिंह, रजनीश कुमार, सुभाष, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। 



न्यूनतम मजदूरी 15000 हो

अखिल भारतीय केंद्रीय भूजल परिषद कर्मचारी संघ के सदस्य भी इस हड़ताल में शामिल हुए। इन सभी ने सरकार से कर्मचारी हित में मांगें पूरी करने की मांग की। इस दौरान हंसराज यादव, अर्जुन सिंह बिष्ट, सूरज, हंसराज कोंडल, रजनीश, कुशलपाल ने कहा कि उनकी मांग है कि न्यूनतम मजदूरी 15000 की जाए, सामाजिक सुरक्षा दी जाए, रेलवे, डिफेंस, पोस्टल आदि विभागों में एफडीआई न लाई जाए, रिक्त पदों को भरा जाए, पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए, निजीकरण बंद हो आदि हैं। 



एमईएस वर्कर्स यूनियन 

बुधवार को एमईएस वर्कर्स यूनियन एक दिन की टोकन हड़ताल की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाई और कामकाज ठप रखा। ब्रांच प्रधान सत्यवान, सचिव अरुण कुमार ने बताया कि उनकी मांग है कि नाइट ड्यूटी अलाउंस जनवरी 1996 से दिया जाए, आउटसोर्सिंग बंद की जाए, ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को पक्का किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी जाती, तो संषर्घ जारी रहेगा। 



बीएसएनएल कर्मी भी दहाड़े

बीएसएनएल के कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल रहे, जबकि कामकाज ठप रखा। कर्मचारी नेता मनीष कुमार, हरनाम सिंह, अश्वनी कुमार, मलकीत सिंह, अज कुमार, रामकुमार गुर्जर, संजीव कुमार, बलबीर सैनी ने कहा कि एक आरे सरकार औद्योगिक घरानां को हजारों करोड़ का लोन दे रही है, वहीं कर्मचारी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीएसएनएल में भी सरकारी नीतियों से काफी नुकसान उठाया जा रहा है। इस हड़ताल में बीएसएनएल के कर्मचारी व अधिकारी शामिल हुए। 



शिक्षा विभाग में नहीं हो सके कार्य

अंबाला कैंट। हड़ताल का असर शिक्षा विभाग में भी पूरी तरह से दिखाई दिया। सिटी स्थित डीईओ आफिस व खंड कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। इस दौरान कईं अध्यापक अपने काम के लिए फाइलें लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो पाया। हालांकि कई लोगों ने कामकाज के लिए कर्मचारियों से आग्रह किया, लेकिन हड़ताल के कारण लोगों को भटकना पड़ा। हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता ने कहा कि शिक्षा विभाग के तहत जो भी हड़ताल में शामिल रहा है, उसकी एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। 




रोडवेज हड़ताल फेल, रूट पर  चली बसें, दो यूनियनों में हंगामा 

अंबाला कैंट/नारायणगढ़। ट्रेड यूनियनों द्वारा कॉल की गई हड़ताल का रोडवेज पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। ट्विन सिटी में जहां सुबह से ही यह हड़ताल बेअसर दिखाई दी, वहीं नारायणगढ़ में ग्यारह बजे के बाद बसों को चला दिया गया। इसी को लेकर दो यूनियनों के पदाधिकारियों में बहस भी हुई। इसके अलावा कर्मचारी यूनियनों ने रोष मार्च भी निकाला और एसडीएम कार्यालय तक पहुंचे। नारायणगढ़ में बस स्टैण्ड पर पुलिस बल की भारी मौजूदगी के बीच सरकार समर्थित यूनियन बसें चलाने में कामयाब रही। यही नहीं बसों को बुधवार को सड़कों पर उतारने की नीयत से मंगलवार की सायं ही कुछ बसों को सामुदायिक केंद्र नारायणगढ़ में भी खड़ा किया गया था जिनको बुधवार की अल सुबह ही उनके रूटों पर रवाना कर दिया गया था। 



दफ्तरों में कामकाज हुआ प्रभावित 

बराड़ा/मुलाना। क्षेत्र के अधिकतर सरकारी बैंक, बीमा कंपनियों, परिवहन समेत सरकारी और पब्लिक सेक्टर के कई दफ्तरों में बुधवार को कामकाज ठप रहा। गांव अधोया में स्थित बिजली घर में भी बिजली कर्मियों ने प्रधान रूलदा राम की अध्यक्षता में कामकाज ठप कर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। रुपेश शर्मा, सचिव प्रेम चंद, तरसेम राणा, रामेश्वर दास, सुशील कुमार सिंगला, रामकुमार, संजीव कुमार, गोविंद राम, रन सिंह, रंधीर सिंह, संजीव ठाकुर, निरंजन सिंह, महाबीर सिंह, मनिंद्र कुमार, कर्म चंद, मनीष कुमार, कर्णपाल, इकबाल सिंह आदि मौजूद रहे। बराड़ा में भी सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, अध्यापक संघ, कंप्यूटर अध्यापक संघ, मिड-डे-मील कर्मी, चतुर्थ श्रेणी कर्मी, लैब अटेंडेंट, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, भवन निर्माण कामगार यूनियन हड़ताल में शामिल हुई। 



शहजादपुर में मिला जुल असर 

अंबाला कैंट। हड़ताल का असर शहजादपुर में मिला जुआ दिखाई दिया। रोडवेज यूनियन में दोफाड़ के चलते यह हड़ताल फेल होती नजर आई। रोडवेज यूनियन के प्रधान अजैब सिंह ने बताया कि हम हड़ताल में शामिल नहीं है, क्योंकि हरियाणा सरकार ने हमारी अधिकांश मांगी मांग ली है कि अगर सरकार सुरक्षा दे तो बसे चलाने के लिए तैयार है जिस पर शहजादपुर से रोजाना की तरह बस सर्विस चालू रही। बस अड्डा इंजार्च शहजादपुर राकेश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले विभाग ने बुधवार को बसों को अपने निर्धारित समय पर से शहजादपुर से चलाया गया।

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